मनोहर लाल ने हरियाणा के शहरी निकाय अधिकारियों को दिए मिशन मोड निर्देश, स्वच्छ भारत मिशन 2.0 की विस्तृत समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने 2 जून 2025 को चंडीगढ़ में हरियाणा के शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के अधिकारियों के साथ राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और उन्हें स्वच्छ भारत मिशन 2.0 की परियोजनाओं को मिशन मोड में लागू करने के स्पष्ट निर्देश दिए। बैठक में जिला नगर आयुक्तों और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के नगर आयुक्तों के साथ स्वच्छता, शहरी प्रबंधन और नागरिक सेवाओं से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में क्या हुआ
मंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ और विकसित भारत के दृष्टिकोण को जमीनी स्तर पर ठोस परिणामों में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "शहरों को कुशल शहरी शासन और सतत विकास के मॉडल के रूप में उभरना चाहिए, जो देशभर के अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण स्थापित करें।" बैठक में राज्य के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल भी उपस्थित रहे।
किन योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में शहरी विकास और स्वच्छता से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलों की समीक्षा की गई। इनमें टिकाऊ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवरेज प्रणाली, नालियों की सफाई, शौचालय बुनियादी ढाँचा, घर-घर कचरा संग्रह और पृथक्करण, सीवेज उपचार संयंत्र (एसटीपी), पुराने कचरे का प्रबंधन, बहुस्तरीय पार्किंग सुविधाएँ और बायो-सीएनजी संयंत्र शामिल रहे। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत निर्धारित 166 मानकों के अनुसार शहरों का विकास करने का निर्देश दिया।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
मनोहर लाल ने सभी परियोजनाओं के लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित करने और निष्पादन में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने विकास परियोजनाओं को इस प्रकार तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया जो न केवल सार्वजनिक सुविधाओं और नागरिक सेवाओं में सुधार करें, बल्कि शहरी स्थानीय निकायों की राजस्व सृजन क्षमता को भी मजबूत करें। उन्होंने अधिकारियों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना से काम करने के लिए प्रेरित किया।
शौचालय सर्वेक्षण की समयसीमा
केंद्रीय मंत्री ने सभी शहरी स्थानीय निकायों को 30 जून तक निजी, सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों का व्यापक सर्वेक्षण पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी घर, बाज़ार, पार्क या सार्वजनिक स्थान पर पर्याप्त शौचालय सुविधाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। जहाँ आवश्यक हो, सटीक आकलन और प्रभावी योजना सुनिश्चित करने के लिए तीसरे पक्ष द्वारा सर्वेक्षण भी कराए जाने चाहिए।
आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के क्रियान्वयन की राष्ट्रीय स्तर पर निगरानी तेज की जा रही है। गौरतलब है कि हरियाणा के शहरी निकायों से अपेक्षा की जा रही है कि वे न केवल स्वच्छता रैंकिंग में सुधार करें, बल्कि शहरी शासन के मॉडल के रूप में अन्य राज्यों के सामने मिसाल भी पेश करें।