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मनोहर लाल ने हरियाणा के शहरी निकाय अधिकारियों को दिए मिशन मोड निर्देश, स्वच्छ भारत मिशन 2.0 की विस्तृत समीक्षा

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मनोहर लाल ने हरियाणा के शहरी निकाय अधिकारियों को दिए मिशन मोड निर्देश, स्वच्छ भारत मिशन 2.0 की विस्तृत समीक्षा

सारांश

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में हरियाणा के शहरी निकाय अधिकारियों को स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के 166 मानकों पर खरा उतरने, 30 जून तक शौचालय सर्वेक्षण पूरा करने और शहरों को शहरी शासन के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में विकसित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में हरियाणा के शहरी स्थानीय निकायों के अधिकारियों के साथ राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत निर्धारित 166 मानकों के अनुसार शहरों का विकास करने के निर्देश दिए गए।
सभी शहरी निकायों को 30 जून तक निजी, सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों का व्यापक सर्वेक्षण पूरा करना होगा।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवरेज, एसटीपी, बायो-सीएनजी संयंत्र और बहुस्तरीय पार्किंग सहित कई शहरी योजनाओं की समीक्षा हुई।
राज्य के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल भी बैठक में उपस्थित रहे।

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने 2 जून 2025 को चंडीगढ़ में हरियाणा के शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के अधिकारियों के साथ राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और उन्हें स्वच्छ भारत मिशन 2.0 की परियोजनाओं को मिशन मोड में लागू करने के स्पष्ट निर्देश दिए। बैठक में जिला नगर आयुक्तों और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के नगर आयुक्तों के साथ स्वच्छता, शहरी प्रबंधन और नागरिक सेवाओं से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में क्या हुआ

मंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ और विकसित भारत के दृष्टिकोण को जमीनी स्तर पर ठोस परिणामों में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "शहरों को कुशल शहरी शासन और सतत विकास के मॉडल के रूप में उभरना चाहिए, जो देशभर के अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण स्थापित करें।" बैठक में राज्य के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल भी उपस्थित रहे।

किन योजनाओं की हुई समीक्षा

बैठक में शहरी विकास और स्वच्छता से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलों की समीक्षा की गई। इनमें टिकाऊ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवरेज प्रणाली, नालियों की सफाई, शौचालय बुनियादी ढाँचा, घर-घर कचरा संग्रह और पृथक्करण, सीवेज उपचार संयंत्र (एसटीपी), पुराने कचरे का प्रबंधन, बहुस्तरीय पार्किंग सुविधाएँ और बायो-सीएनजी संयंत्र शामिल रहे। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत निर्धारित 166 मानकों के अनुसार शहरों का विकास करने का निर्देश दिया।

अधिकारियों को दिए गए निर्देश

मनोहर लाल ने सभी परियोजनाओं के लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित करने और निष्पादन में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने विकास परियोजनाओं को इस प्रकार तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया जो न केवल सार्वजनिक सुविधाओं और नागरिक सेवाओं में सुधार करें, बल्कि शहरी स्थानीय निकायों की राजस्व सृजन क्षमता को भी मजबूत करें। उन्होंने अधिकारियों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना से काम करने के लिए प्रेरित किया।

शौचालय सर्वेक्षण की समयसीमा

केंद्रीय मंत्री ने सभी शहरी स्थानीय निकायों को 30 जून तक निजी, सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों का व्यापक सर्वेक्षण पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी घर, बाज़ार, पार्क या सार्वजनिक स्थान पर पर्याप्त शौचालय सुविधाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। जहाँ आवश्यक हो, सटीक आकलन और प्रभावी योजना सुनिश्चित करने के लिए तीसरे पक्ष द्वारा सर्वेक्षण भी कराए जाने चाहिए।

आगे की राह

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के क्रियान्वयन की राष्ट्रीय स्तर पर निगरानी तेज की जा रही है। गौरतलब है कि हरियाणा के शहरी निकायों से अपेक्षा की जा रही है कि वे न केवल स्वच्छता रैंकिंग में सुधार करें, बल्कि शहरी शासन के मॉडल के रूप में अन्य राज्यों के सामने मिसाल भी पेश करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 166 मानकों की इस लंबी सूची में से कितने वास्तव में ज़मीन पर मापे और सत्यापित किए जाते हैं। हरियाणा के शहरी निकायों का स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग में प्रदर्शन मिला-जुला रहा है, और 30 जून की शौचालय सर्वेक्षण समयसीमा तब तक अर्थहीन है जब तक उसके नतीजों पर जवाबदेही तय न हो। राजस्व सृजन को विकास परियोजनाओं से जोड़ने का विचार सही दिशा में है, पर इसके लिए ठोस वित्तीय ढाँचा चाहिए — जिसका अभी कोई विवरण सामने नहीं आया।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनोहर लाल ने हरियाणा के शहरी निकाय अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों को स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के 166 मानकों के अनुसार शहरों का विकास करने, सभी परियोजनाओं के लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित करने और मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरों को कुशल शहरी शासन के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।
शौचालय सर्वेक्षण की समयसीमा क्या है?
मनोहर लाल ने सभी शहरी स्थानीय निकायों को 30 जून तक निजी, सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों का व्यापक सर्वेक्षण पूरा करने का निर्देश दिया है। जहाँ आवश्यक हो, तीसरे पक्ष द्वारा सर्वेक्षण कराने की भी बात कही गई है।
स्वच्छ भारत मिशन 2.0 की समीक्षा बैठक में किन योजनाओं पर चर्चा हुई?
बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवरेज प्रणाली, नालियों की सफाई, शौचालय बुनियादी ढाँचा, घर-घर कचरा संग्रह, सीवेज उपचार संयंत्र (एसटीपी), पुराने कचरे का प्रबंधन, बहुस्तरीय पार्किंग और बायो-सीएनजी संयंत्र जैसी पहलों की समीक्षा की गई।
इस बैठक में कौन-कौन उपस्थित थे?
बैठक में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ राज्य के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, जिला नगर आयुक्त और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के नगर आयुक्त उपस्थित रहे।
हरियाणा के शहरी निकायों से राजस्व सृजन को लेकर क्या अपेक्षा रखी गई?
मनोहर लाल ने निर्देश दिया कि विकास परियोजनाएँ न केवल नागरिक सेवाओं में सुधार करें, बल्कि शहरी स्थानीय निकायों की राजस्व सृजन क्षमता को भी मजबूत करें। यह दृष्टिकोण शहरी निकायों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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