क्या हर बेघर को पक्की छत मिलने तक अभियान जारी रहेगा?

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क्या हर बेघर को पक्की छत मिलने तक अभियान जारी रहेगा?

सारांश

उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत दो लाख से अधिक लाभार्थियों को पहली किस्त की धनराशि दी गई है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इसे गरीबों के घर के सपने को साकार करने का कदम बताया है। यह अभियान तब तक चलेगा जब तक हर बेघर को पक्की छत नहीं मिल जाती।

Key Takeaways

  • प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत दो लाख से अधिक लाभार्थियों को पहली किस्त मिली।
  • अभियान का मुख्य उद्देश्य हर बेघर को पक्की छत देना है।
  • योजना में महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है।
  • स्वच्छता सर्वेक्षण में लखनऊ का तीसरा स्थान आना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
  • राज्य के विकास के लिए नगरीय निकायों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

लखनऊ, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के दो लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में पहली किस्त की धनराशि हस्तांतरित करने के अवसर पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। उन्होंने इसे गरीब और मध्यम वर्ग के अपने घर के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

खट्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने आवास, नल, शौचालय, गैस, बीमा जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थापना के साथ एक नई पहचान बनाई है। केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि जब तक हर बेघर परिवार को पक्की छत नहीं मिल जाती, सरकार का यह अभियान जारी रहेगा।

उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को एक नई पहचान दी है। आयुष्मान भारत योजना के तहत हर परिवार को 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है, जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना से लाखों लोगों का घर का सपना पूरा हुआ है। आवास योजना की बड़ी उपलब्धि यह है कि अधिकांश मकान महिलाओं के नाम या संयुक्त स्वामित्व में दिए गए हैं, जिससे महिलाओं को सशक्त और स्वतंत्र पहचान मिली है।

राज्य के नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 'स्वच्छ भारत से विकसित भारत' की यात्रा में नगरीय निकायों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। स्वच्छता सर्वेक्षण में लखनऊ का देश में तीसरा स्थान प्राप्त करना, गाजियाबाद का दुनिया के शीर्ष 50 स्वच्छ शहरों में शामिल होना और कई नगरों का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना प्रदेश की बदलती तस्वीर को दर्शाता है। कूड़े के पहाड़ों को हटाकर राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल और शिवालिक पार्क जैसे मॉडल प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गाजियाबाद के 8,937, बदायूं के 4,521, बिजनौर के 5,581, बरेली के 8,693, अलीगढ़ के 5,382, आगरा के 3,828, फर्रुखाबाद के 3,236, बुलंदशहर के 3,567, देवरिया के 4,142, अयोध्या के 4,697, गोरखपुर के 7,142, कुशीनगर के 6,231, लखीमपुर खीरी के 5,100, लखनऊ के 8,568, महाराजगंज के 4,053, मथुरा के 4,366, मऊ के 3,494, मिर्जापुर के 2,027, मुरादाबाद के 3,827, प्रतापगढ़ के 7,214, प्रयागराज के 5,023, उन्नाव के 3,140 एवं वाराणसी के 3,294 लाभार्थियों के खातों में रविवार को पहली किस्त की धनराशि हस्तांतरित की गई है।

Point of View

बल्कि महिलाओं को भी सशक्त बनाती है। यह योजना विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम है और सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करती है।
NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

प्रधानमंत्री आवास योजना क्या है?
यह योजना गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को सस्ते और स्थायी आवास प्रदान करने के लिए बनाई गई है।
इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
योजना का लाभ उन सभी परिवारों को मिलेगा जो बिना खुद का घर के हैं और जो सरकारी मानदंडों को पूरा करते हैं।
क्या इस योजना के तहत महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है?
हाँ, इस योजना में अधिकतर मकान महिलाओं के नाम पर दिए जाते हैं, जिससे उन्हें सशक्त और स्वतंत्र पहचान मिलती है।
क्या इस योजना का लाभ सभी राज्यों में उपलब्ध है?
हाँ, यह योजना पूरे देश में लागू है और सभी राज्यों के लिए उपलब्ध है।
इस योजना से क्या लाभ होते हैं?
इस योजना से परिवारों को स्थायी आवास मिलता है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होता है।
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