दांडी सत्याग्रह की वर्षगांठ: अमित शाह और नेताओं ने महात्मा गांधी को किया याद
सारांश
Key Takeaways
- दांडी नमक सत्याग्रह का आरंभ 1930 में महात्मा गांधी ने किया था।
- इसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी।
- केंद्रीय नेताओं ने महात्मा गांधी के योगदान को याद किया।
नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत के स्वतंत्रता संग्राम के एक बेहद महत्वपूर्ण अध्याय 'दांडी नमक सत्याग्रह' की वर्षगांठ मनाई जा रही है। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित अनेक नेताओं ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "आज ही के दिन, 1930 में महात्मा गांधी जी ने दांडी सत्याग्रह की शुरुआत की, जिसने हर वर्ग में स्वतंत्रता की इच्छा को और बल दिया। यह स्वदेशी की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम था, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। मैं दांडी सत्याग्रह के सभी महापुरुषों को नमन करता हूं।"
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 'एक्स' पर साझा किया, "महात्मा गांधी ने 1930 में आज ही के दिन, अंग्रेजों के दमनकारी नमक कानून के खिलाफ साबरमती आश्रम से ऐतिहासिक दांडी नमक सत्याग्रह का आरंभ किया, जिसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी। इस महत्वपूर्ण अवसर पर महात्मा गांधी और सत्याग्रहियों को सादर नमन।"
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, "महात्मा गांधी और सभी अमर संघर्ष के सत्याग्रहियों को कोटि-कोटि नमन। 1930 में आज ही के दिन महात्मा गांधी के नेतृत्व में शुरू हुआ दांडी नमक सत्याग्रह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण क्षण था, जिसने हर जन में आत्मबल और स्वराज का नया मंत्र भरा। इस अभूतपूर्व 'दांडी मार्च' ने सिद्ध कर दिया कि सत्य, साहस और सामूहिक संकल्प से साम्राज्य भी झुक सकते हैं।"
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने लिखा, "आज ही के दिन, 1930 में, पूज्य बापू ने दांडी मार्च का आरंभ किया, जिसने एक साधारण क्रिया को सत्य, साहस और अहिंसक प्रतिरोध का प्रतीक बना दिया। यह पल देश की चेतना को झकझोरने वाला था और भारत की आजादी के संघर्ष की दिशा बदलने वाला।"
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने लिखा, "महात्मा गांधी द्वारा आज ही के दिन 1930 में शुरू किए गए दांडी मार्च की वर्षगांठ पर उन्हें और सभी सत्याग्रहियों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। तानाशाही और अन्याय के खिलाफ महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के बल पर जो मार्ग दिखाया, वह हमें आज भी प्रेरित करता है।"