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हरियाणा में 31 अगस्त 2026 से प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग शुरू, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने की समीक्षा

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हरियाणा में 31 अगस्त 2026 से प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग शुरू, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने की समीक्षा

सारांश

हरियाणा ने 31 अगस्त 2026 से प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग लागू करने का वादा किया है — पहले सरकारी उपभोक्ता, फिर उच्च-लोड श्रेणी। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की समीक्षा बैठक में बिजली को 'आर्थिक वस्तु' मानने और वितरण कंपनियों को आत्मनिर्भर बनाने पर ज़ोर दिया गया।

मुख्य बातें

हरियाणा ने 31 अगस्त 2026 से प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग कार्य शुरू करने की प्रतिबद्धता जताई।
पहले चरण में सरकारी उपभोक्ता और कर्मचारी , फिर 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ता शामिल होंगे।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) और वित्तीय मापदंडों की समीक्षा की।
हरियाणा के विद्युत मंत्री अनिल विज ने बिजली क्षेत्र सुधार में सभी आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत उपभोक्ता नामांकन बढ़ाने की लक्षित कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया गया।

केंद्रीय विद्युत एवं आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार, 2 जून 2026 को नई दिल्ली में हरियाणा के विद्युत क्षेत्र की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में हरियाणा सरकार ने 31 अगस्त 2026 से राज्य में प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग कार्य प्रारंभ करने की औपचारिक प्रतिबद्धता जताई। विद्युत मंत्रालय के बयान के अनुसार, यह कदम राज्य के बिजली वितरण तंत्र को आर्थिक रूप से सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

स्मार्ट मीटरिंग का चरणबद्ध क्रियान्वयन

मंत्रालय के बयान के अनुसार, मनोहर लाल ने चरणबद्ध तरीके से प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस योजना के तहत सबसे पहले सरकारी उपभोक्ताओं और कर्मचारियों को इसके दायरे में लाया जाएगा। इसके बाद 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले उच्च श्रेणी के उपभोक्ताओं को जोड़ा जाएगा। स्वैच्छिक रूपांतरण को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त प्रोत्साहन तंत्र भी लागू किए जाएंगे।

आरडीएसएस और वित्तीय प्रदर्शन पर चर्चा

बैठक में अधिकारियों ने पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के साथ-साथ वितरण कंपनियों के परिचालन और वित्तीय मापदंडों पर विस्तार से चर्चा की। मनोहर लाल ने इस बात पर जोर दिया कि बिजली को एक आर्थिक वस्तु के रूप में माना जाना चाहिए और बिजली कंपनियों को सुदृढ़ व्यावसायिक सिद्धांतों पर संचालित होना चाहिए। उन्होंने बिजली खरीद की लागत घटाने, खर्चों को युक्तिसंगत बनाने और राजस्व बढ़ाने के ठोस उपाय अपनाने का आग्रह किया।

इसके अलावा, स्वचालित भुगतान तंत्र के ज़रिये सरकारी विभागों के बकाया और सब्सिडी के समय पर निपटान की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया। मनोहर लाल ने राज्य को सभी हानि-कमी कार्यों को समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की सलाह दी।

संसाधन पर्याप्तता और क्षमता विस्तार

समीक्षा बैठक में अंतरराज्यीय पारेषण नियोजन और संसाधन पर्याप्तता की स्थिति का भी आकलन किया गया। केंद्रीय मंत्री ने राज्य को लंबित मुद्दों को शीघ्र हल करने और यह सुनिश्चित करने की सलाह दी कि क्षमता वृद्धि मांग में वृद्धि के अनुरूप हो। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब गर्मियों के मौसम में बिजली की माँग में तेज़ उछाल दर्ज की जाती है।

पीएम सूर्य घर योजना की प्रगति

बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत हरियाणा में हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई। राज्य को उपभोक्ताओं के बिजली खर्च में कमी लाने के लिए इस योजना के तहत उपभोक्ता नामांकन बढ़ाने हेतु एक लक्षित कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया।

राज्य सरकार की प्रतिक्रिया

हरियाणा के विद्युत मंत्री अनिल विज ने आश्वासन दिया कि राज्य स्वीकृत कार्यों के क्रियान्वयन और बिजली क्षेत्र के समग्र प्रदर्शन में सुधार के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। मनोहर लाल ने राज्य के विद्युत वितरण कंपनियों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों में केंद्र सरकार के निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि हरियाणा देश के उन राज्यों में है जहाँ वितरण कंपनियों पर वित्तीय दबाव लंबे समय से चिंता का विषय रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी क्रियान्वयन अक्सर पीछे रहा है। असली परीक्षा यह होगी कि सरकारी उपभोक्ताओं से शुरू होकर आम उपभोक्ताओं तक यह विस्तार कितनी पारदर्शिता और गति से होता है। वितरण कंपनियों पर वित्तीय दबाव और सब्सिडी-निर्भर राजनीतिक संस्कृति को देखते हुए, 'बिजली को आर्थिक वस्तु मानने' की नीति-घोषणा और उसके व्यावहारिक अनुपालन के बीच की खाई को पाटना ही इस सुधार की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा में स्मार्ट मीटरिंग कब से शुरू होगी?
हरियाणा सरकार ने 31 अगस्त 2026 से प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग कार्य प्रारंभ करने की प्रतिबद्धता जताई है। यह घोषणा केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद की गई।
हरियाणा में प्रीपेड स्मार्ट मीटर सबसे पहले किन उपभोक्ताओं को मिलेंगे?
पहले चरण में सरकारी उपभोक्ताओं और कर्मचारियों को प्रीपेड स्मार्ट मीटर दिए जाएंगे। इसके बाद 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले उच्च श्रेणी के उपभोक्ताओं को शामिल किया जाएगा और स्वैच्छिक रूपांतरण के लिए प्रोत्साहन तंत्र भी लागू किए जाएंगे।
पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) क्या है और हरियाणा में इसकी क्या स्थिति है?
आरडीएसएस केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसका उद्देश्य बिजली वितरण कंपनियों के परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन को सुधारना है। 2 जून 2026 की समीक्षा बैठक में हरियाणा में इस योजना की प्रगति और वितरण कंपनियों के वित्तीय मापदंडों पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का हरियाणा में क्या हाल है?
बैठक में इस योजना के तहत हरियाणा में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। राज्य को उपभोक्ताओं के बिजली खर्च को कम करने में मदद के लिए नामांकन बढ़ाने हेतु एक लक्षित कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया।
हरियाणा के विद्युत मंत्री अनिल विज ने इस बैठक में क्या कहा?
हरियाणा के विद्युत मंत्री अनिल विज ने आश्वासन दिया कि राज्य स्वीकृत कार्यों के क्रियान्वयन और बिजली क्षेत्र के समग्र प्रदर्शन में सुधार के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगा। उन्होंने केंद्र के दिशानिर्देशों के अनुरूप काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
राष्ट्र प्रेस
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