मनोहर लाल खट्टर ने रांची में झारखंड की बिजली कंपनियों के घाटे पर जताई चिंता, 31 अगस्त तक स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय विद्युत एवं आवासन-शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 19 जून 2026 को रांची में झारखंड सरकार के साथ राज्य की बिजली वितरण व्यवस्था और शहरी विकास योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। बैठक में बढ़ती बिजली मांग, स्मार्ट मीटरीकरण, सौर ऊर्जा और केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। झारखंड में बिजली कंपनियों के घाटे और ऊंचे एटीएंडसी लॉस को लेकर केंद्रीय मंत्री ने गंभीर चिंता व्यक्त की।
घाटे और एटीएंडसी लॉस पर केंद्र की चिंता
खट्टर ने बैठक में स्पष्ट किया कि झारखंड की बिजली वितरण कंपनियों को वित्तीय रूप से सुदृढ़ बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने राज्य सरकार से राजस्व संग्रह बढ़ाने और बिजली कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा। बिजली चोरी और तकनीकी नुकसान — जिसे एटीएंडसी लॉस कहा जाता है — के अपेक्षाकृत ऊंचे स्तर पर विशेष चिंता जताई गई। इसके साथ ही सरकारी विभागों पर बकाया बिजली बिलों के शीघ्र भुगतान को सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
स्मार्ट मीटर और प्रीपेड मीटरीकरण की समयसीमा
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं सहित अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं के यहाँ 31 अगस्त 2026 तक स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए भी स्मार्ट मीटरीकरण की प्रक्रिया तेज करने पर सहमति बनी। मनोहर लाल खट्टर ने सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में लगे सामान्य बिजली मीटरों को चरणबद्ध तरीके से प्रीपेड मीटर में बदलने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि बिजली बिलों के भुगतान की व्यवस्था अधिक अनुशासित हो सके।
सौर ऊर्जा योजनाओं की समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और प्रधानमंत्री कुसुम योजना के क्रियान्वयन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार से इन योजनाओं की गति तेज करने और अधिकाधिक नागरिकों को इनका लाभ दिलाने का आग्रह किया। उन्होंने सरकारी भवनों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की भी सलाह दी, जिससे सरकारी बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी लाई जा सके।
ट्रांसमिशन नेटवर्क और जनजातीय क्षेत्रों पर चर्चा
राज्य की भविष्य की बिजली आवश्यकताओं और ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार पर भी विचार-विमर्श हुआ। बढ़ती माँग को देखते हुए नई परियोजनाओं और आवश्यक बुनियादी ढाँचे की योजना पर सहमति बनी। जनजातीय क्षेत्रों में विद्युतीकरण की प्रगति की समीक्षा भी की गई और केंद्र सरकार ने संबंधित योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन पर जोर दिया। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड के दूरदराज क्षेत्रों में बिजली पहुँचाना एक दीर्घकालिक चुनौती बनी हुई है।
झारखंड सरकार का भरोसा
बैठक में झारखंड सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। राज्य सरकार ने बिजली क्षेत्र में सुधार और केंद्र से स्वीकृत परियोजनाओं को तेजी से लागू करने का आश्वासन दिया। खट्टर ने कहा कि झारखंड के बिजली क्षेत्र और बुनियादी ढाँचे के विकास में केंद्र सरकार हर संभव सहयोग जारी रखेगी। आगामी महीनों में स्मार्ट मीटरीकरण की प्रगति और सौर योजनाओं के क्रियान्वयन की गति यह तय करेगी कि इस बैठक के संकल्प ज़मीन पर कितने उतरते हैं।