3 सितंबर 2026
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रांची स्मार्ट सिटी विस्तार और झारखंड में सैटेलाइट टाउनशिप: CM हेमंत सोरेन ने की समीक्षा बैठक

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रांची स्मार्ट सिटी विस्तार और झारखंड में सैटेलाइट टाउनशिप: CM हेमंत सोरेन ने की समीक्षा बैठक

सारांश

रांची स्मार्ट सिटी को विस्तार देने और झारखंड के अन्य शहरीकृत जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप बनाने की योजना पर CM हेमंत सोरेन ने 3 सितंबर को उच्च-स्तरीय बैठक की। यह पहल शहरों पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम करने और नए रोज़गार केंद्र विकसित करने की दिशा में राज्य का अहम कदम है।

मुख्य बातें

CM हेमंत सोरेन ने 3 सितंबर 2026 को झारखंड मंत्रालय में GRDA और रांची स्मार्ट सिटी के भूमि मामलों की समीक्षा की।
झारखंड के शहरीकृत जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए भूमि, कनेक्टिविटी और जनसंख्या आवश्यकताओं का आकलन किया जाएगा।
रांची स्मार्ट सिटी के विस्तार के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया।
HEC (हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) के साथ भूमि मुद्दों पर बातचीत की संभावना पर विचार किया गया।
प्रस्तावित टाउनशिप में आवास के साथ-साथ रोज़गार, व्यापार और निवेश केंद्र भी विकसित किए जाएंगे।
GRDA और स्मार्ट सिटी से जुड़े लंबित भूमि मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 3 सितंबर 2026 को झारखंड मंत्रालय में ग्रेटर रांची डेवलपमेंट अथॉरिटी (GRDA) और रांची स्मार्ट सिटी से जुड़े भूमि मामलों की उच्च-स्तरीय समीक्षा की। बैठक में राज्य के शहरीकृत जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने और रांची स्मार्ट सिटी के भविष्य के विस्तार के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक में तय किया गया कि झारखंड के शहरीकृत जिलों में उपलब्ध भूमि, मौजूदा कनेक्टिविटी, आधारभूत ढाँचे और भविष्य की जनसंख्या आवश्यकताओं का आकलन कर सैटेलाइट टाउनशिप के लिए मॉडल तैयार किए जाएंगे। रांची स्मार्ट सिटी के मौजूदा क्षेत्र और संसाधनों की समीक्षा के आधार पर यह निर्धारित किया जाएगा कि बढ़ती आबादी और आर्थिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए शहर का विस्तार किन इलाकों में किया जा सकता है।

विस्तार योजना में सड़क, पेयजल, बिजली, सीवरेज, सार्वजनिक परिवहन और अन्य नागरिक सुविधाओं को शामिल करने का प्रावधान रखा जाएगा। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब झारखंड के प्रमुख शहरों पर जनसंख्या दबाव लगातार बढ़ रहा है।

HEC के साथ बातचीत की संभावना

रांची के सुनियोजित विस्तार के लिए हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (HEC) के साथ भूमि और संबंधित मुद्दों पर बातचीत की संभावना पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों को इससे जुड़े सभी पहलुओं का अध्ययन कर आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

सैटेलाइट टाउनशिप का दायरा

प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप केवल आवासीय विकास तक सीमित नहीं होंगी। इनमें नागरिक सुविधाओं के साथ-साथ रोज़गार, व्यापार और निवेश के नए केंद्र विकसित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। आर्थिक गतिविधियों की संभावनाओं का आकलन कर एक समग्र विकास मॉडल तैयार करने की योजना है, जो शहरों पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम करने में सहायक हो सके।

लंबित भूमि मामलों में तेज़ी

बैठक में GRDA और स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े भूमि मामलों में लंबित प्रक्रियाओं को शीघ्र आगे बढ़ाने पर विशेष ज़ोर दिया गया। अधिकारियों को संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर काम करने और प्रगति की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

इस समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार, वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार, उद्योग विभाग के सचिव अरवा राजकमल, राजस्व विभाग के सचिव चंद्रशेखर, रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, स्मार्ट सिटी के CEO सूरज कुमार और GIADA के MD वरुण रंजन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आगामी चरण में विस्तृत कार्ययोजना तैयार होने के बाद इसे अमल में लाने की प्रक्रिया शुरू होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सैटेलाइट टाउनशिप की सफलता केवल योजना बनाने से नहीं, बल्कि भूमि अधिग्रहण और विभागीय समन्वय की पुरानी अड़चनों को दूर करने से तय होगी। GRDA के भूमि मामलों का लंबे समय से लंबित रहना और HEC की ज़मीन पर अनिश्चितता बताती है कि क्रियान्वयन की राह आसान नहीं है। स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का राष्ट्रीय अनुभव यह भी दर्शाता है कि बिना पर्याप्त आर्थिक गतिविधि के केवल आवासीय विस्तार 'घोस्ट टाउन' बना देता है — इसीलिए रोज़गार और निवेश को केंद्र में रखना सही सोच है, बशर्ते इसे मापने योग्य लक्ष्यों से जोड़ा जाए।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची स्मार्ट सिटी विस्तार योजना क्या है?
रांची स्मार्ट सिटी के मौजूदा क्षेत्र और संसाधनों का आकलन कर यह तय किया जाएगा कि बढ़ती आबादी और आर्थिक गतिविधियों को देखते हुए शहर का विस्तार किन इलाकों में किया जा सकता है। इस विस्तार में सड़क, पानी, बिजली, सीवरेज और सार्वजनिक परिवहन जैसी नागरिक सुविधाएँ शामिल होंगी।
झारखंड में सैटेलाइट टाउनशिप कहाँ बनेंगी?
राज्य के शहरीकृत जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की संभावनाएँ तलाशी जाएंगी। अभी विशिष्ट जिलों का चयन नहीं हुआ है; उपलब्ध भूमि, कनेक्टिविटी और जनसंख्या आवश्यकताओं के आकलन के बाद ही स्थान निर्धारित होंगे।
HEC की ज़मीन का सैटेलाइट टाउनशिप से क्या संबंध है?
रांची के सुनियोजित विस्तार के लिए हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (HEC) के साथ भूमि और संबंधित मुद्दों पर बातचीत की संभावना पर विचार किया गया है। अधिकारियों को इससे जुड़े सभी पहलुओं का अध्ययन करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन टाउनशिप में क्या-क्या सुविधाएँ होंगी?
प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप केवल आवासीय नहीं होंगी — इनमें नागरिक सुविधाओं के साथ रोज़गार, व्यापार और निवेश के नए केंद्र भी विकसित किए जाएंगे। आर्थिक गतिविधियों की संभावनाओं का आकलन कर समग्र विकास मॉडल तैयार करने की योजना है।
3 सितंबर की बैठक में कौन-कौन से अधिकारी शामिल थे?
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार, वित्त सचिव प्रशांत कुमार, उद्योग सचिव अरवा राजकमल, राजस्व सचिव चंद्रशेखर, रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, स्मार्ट सिटी CEO सूरज कुमार और GIADA MD वरुण रंजन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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