हेमंत सोरेन ने झारखंड राजस्व वसूली की समीक्षा की, विभागों को समयसीमा में लक्ष्य पूरे करने के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार, 26 मई 2025 को झारखंड मंत्रालय, रांची में वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर राजस्व लक्ष्य हासिल करने के कड़े निर्देश दिए। बैठक में बजट प्रबंधन, राजस्व संग्रह में वृद्धि और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
बैठक में क्या हुआ
समीक्षा बैठक में राज्य की आय-व्यय की स्थिति, केंद्र सरकार से प्राप्त होने वाली सहायता राशि, विभिन्न विभागों के व्यय और विकास योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा और समय-समय पर प्रगति की समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए।
खनन राजस्व में झारखंड आगे
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि खनन राजस्व के मामले में झारखंड की स्थिति पड़ोसी राज्यों ओडिशा और छत्तीसगढ़ की तुलना में बेहतर है। खनिज संसाधनों के सुदृढ़ प्रबंधन और निगरानी तंत्र के कारण राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने इस पर संतोष व्यक्त करते हुए अवैध खनन पर और अधिक सख्ती बरतने तथा आधुनिक तकनीक के व्यापक उपयोग का निर्देश दिया।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
सोरेन ने सरकारी कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बायोमैट्रिक उपस्थिति व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति और कार्यप्रगति की निगरानी के लिए तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए, जिससे जवाबदेही तय हो और नागरिकों को बेहतर सेवाएँ मिल सकें।
जीएसटी और कर चोरी पर चर्चा
वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा के दौरान जीएसटी, वैट और प्रोफेशनल टैक्स से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई। कर संग्रह बढ़ाने, कर चोरी रोकने और ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर बल दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि करदाताओं को अनावश्यक परेशानी न हो और विभागीय प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाया जाए।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागों के बीच समन्वय बेहतर होने से विकास योजनाओं को गति मिलेगी और सरकारी संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित होगा। बैठक में मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों को आगामी समीक्षा बैठकों में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।