क्या दावोस में सीएम हेमंत सोरेन ने झारखंड के विकास की नई दिशा दिखाई?

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क्या दावोस में सीएम हेमंत सोरेन ने झारखंड के विकास की नई दिशा दिखाई?

सारांश

दावोस में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सतत विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य केवल खनिज निर्यातक नहीं, बल्कि एक विकसित औद्योगिक राज्य बनना चाहता है। जानिए उनके विचार और झारखंड के विकास की संभावनाओं के बारे में।

Key Takeaways

  • झारखंड को खनिज निर्यातक राज्य नहीं बनाना है।
  • पर्यावरण और स्थानीय हितों की रक्षा जरूरी है।
  • सतत विकास का मतलब रोजगार के अवसर पैदा करना है।
  • इको-टूरिज्म और सांस्कृतिक पर्यटन के लिए संभावनाएं हैं।
  • वैश्विक निवेशकों से सहयोग की अपील की गई।

दावोस/रांची, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआईआई) द्वारा आयोजित राउंड टेबल मीटिंग में “वैश्विक मापदंडों के अनुरूप सतत विकास और परिवर्तन” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

उन्होंने कहा कि झारखंड केवल खनिजों का निर्यात करने वाला राज्य नहीं बनना चाहता; बल्कि राज्य सरकार का प्रयास है कि संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो, पर्यावरण और स्थानीय हितों की रक्षा करते हुए औद्योगिक विकास हो, जिससे इसका लाभ सीधे राज्य के निवासियों को मिले।

मुख्यमंत्री ने नीति-निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और निवेशकों को झारखंड के विकास के दृष्टिकोण से अवगत कराया। उनका कहना था कि राज्य का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करना ही नहीं, बल्कि उनका जिम्मेदारी से उपयोग सुनिश्चित करना भी है, ताकि रोजगार के अवसर उत्पन्न हों।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सतत विकास का अर्थ केवल पर्यावरण की सुरक्षा नहीं है, बल्कि यह लोगों की आजीविका, कौशल विकास और सामाजिक हितों की रक्षा करना भी है। विशेष रूप से, स्थानीय और आदिवासी समुदायों के हितों का ध्यान रखना आवश्यक है।

सीएम ने बताया कि राज्य सरकार खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा, हरित तकनीक और मानव संसाधन विकास पर भी जोर दे रही है। ऐसी नीतियों की आवश्यकता है, जो आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण और सामाजिक हितों की रक्षा भी करें।

पर्यटन पर चर्चा करते हुए, सीएम ने कहा कि झारखंड में इको-टूरिज्म, प्रकृति आधारित और सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। सरकार का लक्ष्य पर्यटन को विकास का एक मजबूत आधार बनाना है, ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रहे। मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों और साझेदारों से जिम्मेदार खनन, सतत उद्योग, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन ढांचे के विकास में झारखंड के साथ सहयोग करने की अपील की।

Point of View

बल्कि यह देश के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है। यह समय है जब सभी राज्यों को अपने संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करना चाहिए।
NationPress
21/01/2026

Frequently Asked Questions

हेमंत सोरेन ने दावोस में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि झारखंड केवल खनिज निर्यातक राज्य नहीं रहना चाहता, बल्कि सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ने का इच्छुक है।
झारखंड का विकास कैसे किया जाएगा?
झारखंड सरकार नवीकरणीय ऊर्जा, हरित तकनीक और पर्यटन के माध्यम से आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की योजना बना रही है।
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