मुख्तार अब्बास नकवी: ममता बनर्जी से सम्मान की आशा करना बेईमानी
सारांश
Key Takeaways
- मुख्तार अब्बास नकवी ने ममता बनर्जी को लेकर कड़ी बातें कहीं।
- टीएमसी पर संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने का आरोप।
- सत्ता के लालच में विपक्ष की गड़बड़ी की आलोचना।
नई दिल्ली, १० मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों का आकलन करने के लिए कोलकाता पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें काले झंडे दिखाए, जिसे लेकर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि राज्य सरकार की प्रमुख ममता बनर्जी से सम्मान की अपेक्षा नहीं की जा सकती।
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति का अपमान किया है। उनसे किसी भी संवैधानिक संस्था के प्रति सम्मान की उम्मीद करना बेईमानी है। ममता बनर्जी को संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने में गर्व महसूस होता है। वर्तमान स्थिति यह है कि जमीनी हकीकत टीएमसी के खिलाफ है, लेकिन वे इसे नजरअंदाज कर रही हैं।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर भाजपा नेता ने कहा कि विपक्ष सत्ता के लालच में गड़बड़ी कर रहा है।
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि भारत की हमेशा से यह भूमिका रही है कि शांति होनी चाहिए। हमें इस संकट के सागर से अमन का अमृत निकालने की प्रार्थना करनी चाहिए। यह हम सबकी अपेक्षा और भूमिका है। विदेश मंत्री जयशंकर ने भी संसद में यही बात कही है। हमें एकजुट होकर, खासकर कांग्रेस और उनके सहयोगियों के साथ, सरकार के समर्थन में खड़ा होना चाहिए, क्योंकि हम कभी भी युद्ध के पक्ष में नहीं हैं। यह बुद्ध की धरती है।
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद के टी-२० विश्व कप की जीत पर दिए गए बयान पर भाजपा नेता ने कहा कि धार्मिकता को इस मामले में नहीं लाना चाहिए। भारतीय टीम की जीत में धर्म कैसे शामिल हो सकता है? हमारे खिलाड़ियों को अपनी जीत के लिए जहां भी जाना है, यह उनकी इच्छा है। हमारी टीम खेल में जीतकर धुरंधर बनी है और कीर्ति आजाद को बेतुके बयान देने से पहले सोचना चाहिए। यदि वे फिर भी ऐसा करते हैं, तो यह उनकी मानसिकता को दर्शाता है।