पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था पर मुख्तार अब्बास नकवी का बड़ा बयान, ममता बनर्जी की विदाई का दावा
सारांश
Key Takeaways
- मुख्तार अब्बास नकवी ने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है।
- मुख्यमंत्री को अपने कार्यों का लेखा-जोखा देना चाहिए।
- केंद्र सरकार ने संकट के समय में प्रभावी कार्य किए हैं।
- राजनीतिक लाभ के लिए मुस्लिम समुदाय का शोषण न करें।
नई दिल्ली, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के प्रमुख नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि इस बार ममता बनर्जी की राज्य से विदाई सुनिश्चित है। यही वजह है कि वर्तमान स्थिति में उनकी हालत खिसियानी बिल्ली खंभा नोंचे जैसी हो गई है, जो वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में किसी भी लागत पर स्वीकार नहीं की जा सकती।
उन्होंने शुक्रवार को राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि अब वहां न्यायिक अधिकारियों का भी अपहरण हो रहा है। इस परिप्रेक्ष्य में वहां की सरकार की भूमिका का सहजता से अनुमान लगाया जा सकता है। यह बहुत ही दुखद है कि इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले से ही योजनाबद्ध तरीके से संवैधानिक संस्थाओं पर हमला किया और इसके बाद न्यायिक अधिकारियों का अपहरण शुरू किया। इस स्थिति का परिणाम आज सभी के सामने है।
उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए ममता बनर्जी को यह अहसास हो गया है कि इस बार उनकी विदाई निश्चित है। अब वे समझती हैं कि अगर वे ईडी और सीबीआई जैसी संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाती हैं, तो उन्हें राजनीतिक लाभ मिल सकता है, लेकिन यह उनकी गलतफहमी है, जिसे उन्हें दूर करने की आवश्यकता है।
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि ममता बनर्जी ने इतने वर्षों तक पश्चिम बंगाल में शासन किया है। ऐसे में यह उनका नैतिक कर्तव्य है कि वे अपने कार्यों का लेखा-जोखा जनता के सामने रखें।
इसके अलावा, उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनावों के निकट कुछ लोग सेक्युलर दृष्टिकोण अपनाते हैं। यह साफ है कि ये लोग असल में मुस्लिम समुदाय के लोगों का सशक्तीकरण नहीं चाहते, बल्कि उनका शोषण करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में हमारा देश समग्र विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन कुछ लोग इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे तत्व विकास से संबंधित हर काम में सांप्रदायिकता का रंग घोलने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार की कार्यशैली की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि संकट के समय में हमारे सरकार ने जो कार्य किए हैं, वे वास्तव में प्रशंसा के योग्य हैं।
आज की स्थिति को देखते हुए, दुनिया में हर जगह हाहाकार मचा हुआ है, लेकिन भारत सरकार अपने कार्यों के कारण सभी तबकों के लोगों के हितों का ध्यान रख रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हमारा देश कभी भी विस्तारवादी नीतियों का समर्थन नहीं करता, बल्कि विकासवादी नीतियों की वकालत करता है।