महिला आरक्षण विधेयक पर रेखा शर्मा का कांग्रेस पर तीखा हमला
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाना है।
- कांग्रेस और अन्य पार्टियों का विरोध महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
- रेखा शर्मा ने राहुल गांधी की प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं पर सवाल उठाए।
- महिलाएं यदि राजनीति में सक्रिय होंगी, तो आधी आबादी की समस्याओं का समाधान संभव होगा।
- इस विधेयक को पारित करना सभी दलों की जिम्मेदारी है।
पंचकुला, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के स्थापना दिवस पर राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने महिला आरक्षण विधेयक पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला किया।
राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "महिला आरक्षण विधेयक का वादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। यह विधेयक 2029 तक लाया जाना था, लेकिन हमारी सरकार कुछ संशोधनों के साथ इसे अब प्रस्तुत कर रही है। यह विधेयक जल्द ही लागू होने की उम्मीद है। हालांकि कुछ पार्टियां इस संशोधन अधिनियम का विरोध कर रही हैं, क्योंकि वे अपनी पार्टी में महिलाओं को स्थान नहीं देना चाहती हैं। ये सभी महिला विरोधी पार्टियां हैं।"
रेखा शर्मा ने आगे कहा, "हमारी पार्टी महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाना चाहती है। जब सदन में महिलाएं और पुरुष एक साथ कार्य करेंगे, तभी देश आगे बढ़ सकेगा। अगर महिलाएं राजनीति में आएंगी तो आधी आबादी की समस्याओं का समाधान आसानी से हो सकेगा।"
कांग्रेस की बैठक में भाग न लेने और विधेयक पर स्पष्टता न देने के सवाल पर रेखा शर्मा ने कहा, "ये लोग हारने से थक चुके हैं। वरिष्ठ नेताओं को कांग्रेस पार्टी से कोई उम्मीद नहीं है। कांग्रेस ने अपने 10 साल के कार्यकाल में यह विधेयक नहीं ला सकी, क्योंकि इंडी गठबंधन में उपस्थित लोग जैसे मुलायम सिंह और लालू यादव ने इसका विरोध किया था। हालांकि इस बार कांग्रेस और विपक्ष को इस विधेयक को पास कराना होगा, क्योंकि ये दोनों दल महिलाओं से क्या कहेंगे कि हमने इसका विरोध किया।"
जब राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनने से रोकने के लिए भाजपा द्वारा महिला आरक्षण विधेयक लाने के सवाल पर रेखा शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "अगर भाजपा यह विधेयक नहीं लाएगी, तब भी राहुल गांधी प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे। यदि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन गए तो देश की क्या स्थिति होगी? उनकी राष्ट्रवादी सोच सभी जानते हैं, वह कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकेंगे।"
अखिलेश यादव के जनगणना संबंधी बयान पर रेखा शर्मा ने कहा, "उनके पिता ने भी इसका विरोध किया था। वे जनता के खिलाफ हैं, और जनता ही इन्हें सबक सिखाएगी।"