सीएआईटी का सरकार से निवेदन: लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए क्रेडिट राहत और इनपुट लागत स्थिरीकरण के उपाय करें

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सीएआईटी का सरकार से निवेदन: लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए क्रेडिट राहत और इनपुट लागत स्थिरीकरण के उपाय करें

सारांश

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) ने सरकार से लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए तत्काल क्रेडिट राहत और इनपुट लागत स्थिरीकरण के उपायों की मांग की है। जानिए इसके पीछे का कारण और क्या कदम उठाने की आवश्यकता है।

Key Takeaways

  • लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए क्रेडिट राहत की आवश्यकता।
  • पश्चिम एशिया संकट का व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव।
  • सरकार द्वारा तत्काल राहत उपायों की आवश्यकता।

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) ने सोमवार को सरकार से अनुरोध किया है कि वह विशेष रूप से लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए क्रेडिट और लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए आवश्यक उपायों को लागू करे।

एसोसिएशन ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट का भारत के व्यापार और उद्योगों पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ रहा है। लिक्विडिटी को बढ़ाने के लिए स्पेशल क्रेडिट गारंटी लाइन स्कीम को प्रारंभ किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, एमएसएमई और छोटे व्यापारियों को लोन के पुनर्भुगतान के लिए अधिक समय दिया जाना चाहिए।

इसके अतिरिक्त, एसोसिएशन ने गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों के लिए ब्याज सब्सिडी, ईंधन और कच्चे माल की कीमतों की बारीकी से निगरानी और स्थिरीकरण, बीमा सहायता, तथा निर्यातकों के लिए शीघ्र रिफंड की मांग की।

सांसद और महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे पत्र में कहा कि इस संघर्ष का विशेष रूप से छोटे व्यवसाय और लघु एवं मध्यम उद्यमों पर गहरा असर पड़ सकता है, और सरकार को समय रहते एहतियाती और राहत उपाय करने चाहिए।

खंडेलवाल ने प्रमुख मंत्रालयों, आरबीआई, व्यापार निकायों और क्षेत्रीय विशेषज्ञों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर एक 'पश्चिम एशिया प्रभाव आकलन एवं प्रतिक्रिया कार्य बल' का गठन करने की सिफारिश की, जिससे बदलती स्थिति का निरंतर आकलन किया जा सके और उसके अनुसार नीतिगत हस्तक्षेपों की सिफारिश की जा सके।

उन्होंने पत्र में बढ़ती इनपुट लागत, कार्यशील पूंजी पर दबाव, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान, लाभ पर दबाव और व्यवसायों, विशेष रूप से लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) पर बढ़ते वित्तीय बोझ का उल्लेख किया।

पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्रिय नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके निरंतर पर्यवेक्षण और समय पर किए गए हस्तक्षेपों ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती सुनिश्चित की है।

खंडेलवाल ने सरकार के रणनीतिक कदमों जैसे कि स्रोतों का विविधीकरण, लॉजिस्टिक्स अवसंरचना को मजबूत करना, विवेकपूर्ण राजकोषीय प्रबंधन और आवश्यक वस्तुओं की कड़ी निगरानी की प्रशंसा की।

एसोसिएशन ने कहा कि इन कदमों के माध्यम से उपलब्धता और कीमतों में स्थिरता बनाए रखने में मदद मिली है, जिससे व्यापार और उद्योग जगत में विश्वास बढ़ा।

Point of View

यह स्पष्ट है कि वर्तमान में व्यापार और उद्योगों के लिए राहत उपाय बेहद आवश्यक हैं। सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि लघु एवं मध्यम उद्यमों को सहायता मिल सके।
NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

सीएआईटी ने सरकार से क्या अनुरोध किया?
सीएआईटी ने सरकार से लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए क्रेडिट और लिक्विडिटी बढ़ाने के उपायों की मांग की है।
पश्चिम एशिया संकट का भारत पर क्या असर है?
पश्चिम एशिया में चल रहे संकट का भारत के व्यापार और उद्योगों पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ रहा है।
सरकार को किन उपायों पर ध्यान देना चाहिए?
सरकार को ब्याज सब्सिडी, इनपुट लागत स्थिरीकरण और छोटे व्यवसायों के लिए लोन पुनर्भुगतान के लिए अधिक समय देने पर ध्यान देना चाहिए।
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