झारखंड में अपराध और नशे पर सीएम हेमंत सोरेन का कड़ा रुख, पुलिस अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

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झारखंड में अपराध और नशे पर सीएम हेमंत सोरेन का कड़ा रुख, पुलिस अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

सारांश

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए उच्च स्तरीय बैठक कर पुलिस अधिकारियों को सख्त संदेश दिया — नशे की सप्लाई चेन तोड़ो, भू-माफियाओं को संरक्षण मत दो और खूंटी-चतरा-रांची में अफीम की खेती पर तत्काल लगाम लगाओ। जन सुरक्षा अब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 6 मई 2025 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य में कानून-व्यवस्था पर उच्च स्तरीय बैठक की।
नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन तोड़ने और स्कूल-कॉलेजों के आसपास नशे की बिक्री पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
खूंटी, चतरा और रांची जिलों में अफीम की खेती रोकने के लिए विशेष मॉनिटरिंग और जन-जागरूकता अभियान चलाने का आदेश।
भू-माफियाओं को किसी भी स्थिति में पुलिस का संरक्षण न मिले — सोरेन की स्पष्ट चेतावनी।
हिरासत में यातना या मृत्यु की घटनाओं पर सरकार ने गंभीरता से संज्ञान लेने का संकल्प जताया।
बैठक में डीजीपी तदाशा मिश्रा , मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित सभी जोनल आईजी और जिला पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 6 मई 2025 को राज्य में कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराध नियंत्रण और जन सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पुलिस प्रशासन को पूरी सतर्कता के साथ सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

मुख्य निर्देश और प्राथमिकताएँ

मुख्यमंत्री सोरेन ने अधिकारियों को नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन तोड़ने, संगठित अपराध पर लगाम लगाने और भू-माफियाओं के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लापता बच्चों और महिलाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और उनकी सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की जाए। सोरेन ने जोर दिया कि राज्य की आम जनता को भयमुक्त वातावरण मुहैया कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

स्कूलों के पास नशे की बिक्री पर विशेष चेतावनी

सोरेन ने निर्देश दिया कि स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थ बेचने वालों पर पैनी नज़र रखी जाए और उनकी आपूर्ति श्रृंखला को तत्काल ध्वस्त किया जाए। अफीम की खेती के मुद्दे पर उन्होंने खूंटी, चतरा और रांची जिलों के अधिकारियों को विशेष तत्परता बरतने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि अफीम की खेती को हर हाल में रोका जाए और निरंतर मॉनिटरिंग के साथ-साथ जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाए।

पुलिस की जवाबदेही और जनता से संवाद

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि एसपी, डीएसपी और थाना प्रभारी निर्धारित समय पर अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर जनता की समस्याएँ सुनें। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों का औचक निरीक्षण करने की सलाह दी ताकि जनता का पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत हो। शहरी क्षेत्रों से सटे इलाकों के थाना प्रभारियों को भूमि विवादों पर विशेष सतर्कता बरतने और अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

हिरासत में यातना पर कड़ी चेतावनी

सोरेन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि हिरासत के दौरान किसी भी प्रकार की यातना या मृत्यु की घटना को सरकार पूरी गंभीरता से लेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में अधिकारियों को संवेदनशील रवैया अपनाना होगा और किसी भी स्थिति में भू-माफियाओं को पुलिस का संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।

बैठक में कौन-कौन उपस्थित रहे

इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित सभी जोनल आईजी, रेंज डीआईजी और जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। यह बैठक ऐसे समय में आयोजित हुई जब राज्य में संगठित अपराध और नशे के कारोबार को लेकर सार्वजनिक चिंता बढ़ रही है। आने वाले हफ्तों में इन निर्देशों के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए एक अनुवर्ती समीक्षा बैठक भी अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न उन्हें जारी करने में। खूंटी, चतरा और रांची में अफीम की खेती वर्षों पुरानी समस्या है जिस पर पिछली सरकारों ने भी कड़े ऐलान किए थे, पर नतीजे सीमित रहे। भू-माफियाओं को 'पुलिस संरक्षण न देने' की चेतावनी इस बात की स्वीकृति भी है कि यह मिलीभगत पहले से अस्तित्व में रही है। बिना जवाबदेही के ढाँचे और स्वतंत्र निगरानी तंत्र के, ये निर्देश एक और उच्च स्तरीय बैठक की यादगार बनकर रह सकते हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हेमंत सोरेन ने पुलिस अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 6 मई 2025 को हुई बैठक में नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन तोड़ने, भू-माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई करने और लापता बच्चों-महिलाओं के मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि एसपी, डीएसपी और थाना प्रभारी निर्धारित समय पर उपस्थित रहकर जनता की समस्याएँ सुनें।
झारखंड में अफीम की खेती किन जिलों में समस्या है?
मुख्यमंत्री सोरेन ने खूंटी, चतरा और रांची जिलों का विशेष उल्लेख करते हुए वहाँ के अधिकारियों को अफीम की खेती रोकने के लिए विशेष तत्परता बरतने का निर्देश दिया। इन जिलों में निरंतर मॉनिटरिंग और जन-जागरूकता अभियान चलाने के आदेश दिए गए हैं।
बैठक में हिरासत में मौत पर क्या कहा गया?
सोरेन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि हिरासत के दौरान किसी भी प्रकार की यातना या मृत्यु की घटना को सरकार पूरी गंभीरता से लेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में अधिकारियों को संवेदनशील रवैया अपनाना अनिवार्य है।
इस उच्च स्तरीय बैठक में कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए?
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा, सभी जोनल आईजी, रेंज डीआईजी और जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।
झारखंड में भू-माफियाओं के खिलाफ सरकार का क्या रुख है?
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि किसी भी स्थिति में भू-माफियाओं को पुलिस का संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। शहरी क्षेत्रों से सटे इलाकों के थाना प्रभारियों को भूमि विवादों पर विशेष सतर्कता बरतने और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
राष्ट्र प्रेस
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