क्या सीएम हेमंत सिकल सेल पीड़ितों की मदद के लिए सरकार हर संभव कदम उठाएंगे?

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क्या सीएम हेमंत सिकल सेल पीड़ितों की मदद के लिए सरकार हर संभव कदम उठाएंगे?

सारांश

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सिकल सेल पीड़ितों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस स्वास्थ्य समस्या से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए हर संभव कदम उठाने को तत्पर है। यह कदम राज्य में सिकल सेल की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए है।

मुख्य बातें

सिकल सेल पीड़ितों की स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार के लिए सरकार सक्रिय है।
राज्य में विशेष स्क्रीनिंग कैंपेन चलाया जा रहा है।
जनसंख्या का पांच फीसदी हिस्सा सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित हो सकता है।
इस बीमारी का असमान्य दर्द और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं पर प्रभाव होता है।
मुख्यमंत्री का संवाद नैतिक जिम्मेदारी को दर्शाता है।

रांची, 19 जून (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को सिकल सेल से पीड़ित व्यक्तियों के साथ संवाद किया। मुख्यमंत्री ने उनकी समस्याओं को ध्यान से सुना और आश्वासन दिया कि इस स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों की सहायता के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी।

यह संवाद कार्यक्रम यूनिसेफ की पहल पर आयोजित हुआ, जिसमें राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य में सिकल सेल पीड़ितों की संख्या अत्यधिक है। निरंतर स्क्रीनिंग और उपचार के माध्यम से हम इस चुनौती का सामना कर सकते हैं। इसके लिए राज्य में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। सिकल सेल पीड़ितों की स्क्रीनिंग, मॉनिटरिंग, जागरूकता और काउंसलिंग जारी रहेगी। पीड़ितों के स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए भी सरकार सहायता प्रदान करेगी।

यह ध्यान देने योग्य है कि झारखंड उन 17 राज्यों में शामिल है, जहां सिकल सेल से पीड़ितों की संख्या सर्वाधिक है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में इसे जनजातीय आबादी की प्रमुख स्वास्थ्य समस्या के रूप में चिन्हित किया गया है।

इस आनुवंशिक बीमारी से पीड़ितों की पहचान के लिए वर्ल्ड सिकल सेल डे (19 जून) पर पूरे राज्य में विशेष स्क्रीनिंग कैंपेन प्रारंभ किया गया है। राज्य के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में कैंप लगाए जा रहे हैं। इन कैंपों में लोगों को सिकल सेल के कारणों, दुष्प्रभावों और इससे बचाव एवं उपचार के तरीकों की जानकारी भी दी जाएगी।

सिकल सेल के मरीजों की पहचान के लिए 2016 से शुरू किए गए अभियान के तहत सर्वेक्षण के आधार पर अनुमानित है कि झारखंड में लगभग पांच फीसदी जनसंख्या सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित हो सकती है। जनजातीय समुदाय में इसका प्रसार सबसे अधिक है।

अनुमान है कि करीब 12 फीसदी जनजातीय आबादी इससे प्रभावित है। सिकल सेल एक आनुवांशिक रक्त रोग है, जो मरीज के जीवन के प्रत्येक चरण को प्रभावित करता है। यह बीमारी शारीरिक विकास में कमी, फेफड़े, हृदय, किडनी, आंख, हड्डियों और मस्तिष्क को प्रभावित करती है। कई लोगों को इससे असहनीय दर्द का सामना भी करना पड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिकल सेल के लक्षण क्या होते हैं?
इससे पीड़ित व्यक्तियों में थकान, दर्द, और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
इसका इलाज कैसे किया जाता है?
सिकल सेल का कोई निश्चित इलाज नहीं है, लेकिन उपचार से लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस