क्या सरकारी दफ्तर में धूम्रपान करने वाले बाबू होंगे सस्पेंड? सीएम हेमंत बोले, 'यह सब बर्दाश्त नहीं...'

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क्या सरकारी दफ्तर में धूम्रपान करने वाले बाबू होंगे सस्पेंड? सीएम हेमंत बोले, 'यह सब बर्दाश्त नहीं...'

सारांश

झारखंड में सरकारी दफ्तरों में धूम्रपान करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, 'यह सब बर्दाश्त नहीं!' जानें पूरी कहानी।

मुख्य बातें

सरकारी दफ्तरों में धूम्रपान पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश: ऐसी हरकतें सहन नहीं की जाएंगी।
निलंबन की प्रक्रिया नियमों के अनुसार की जाएगी।

रांची, 6 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में अब सरकारी दफ्तरों में धूम्रपान करने वाले कर्मचारियों का कोई भी बचाव नहीं होगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दो टूक कहा है कि कार्यालय परिसर में इस तरह की हरकतें किसी भी हालत में सहन नहीं की जाएंगी।

सरकार ने आदेश दिया है कि यदि कोई कर्मचारी नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़ा जाएगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हाल ही में झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक सरकारी जनसेवक का मामला सामने आया, जिसके कारण जगमोहन सोरेन को मुख्यमंत्री के निर्देश पर रविवार को निलंबित कर दिया गया।

यह घटना पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर प्रखंड कार्यालय से संबंधित है, जहां जनसेवक जगमोहन सोरेन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

इस वीडियो में देखा गया कि जगमोहन सोरेन अपने सरकारी कार्यालय में अपनी टेबल पर बैठकर आराम से सिगरेट पीते हुए धुएं के छल्ले बना रहे हैं।

इस वीडियो को 5 जुलाई को एक युवक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को टैग करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।

मुख्यमंत्री ने वीडियो पर संज्ञान लेते हुए उसी दिन पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त को तात्कालिक कार्रवाई करने और सूचना देने का आदेश दिया।

मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया और रविवार को उपायुक्त ने मुख्यमंत्री को बताया कि जनसेवक जगमोहन सोरेन को झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2016 की कंडिका 9(क) के तहत निलंबित कर दिया गया है।

साथ ही उप विकास आयुक्त को उनके खिलाफ विधिवत अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ करने का भी निर्देश दिया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि सरकारी दफ्तरों में अनुशासन और नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार की घटनाएं न केवल कार्यस्थल की संस्कृति को खराब करती हैं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों के प्रति जनता का विश्वास भी कम करती हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सरकारी दफ्तरों में धूम्रपान करना कानूनी है?
नहीं, सरकारी दफ्तरों में धूम्रपान करना कानून के खिलाफ है और इसे रोकने के लिए सख्त नियम हैं।
मुख्यमंत्री ने इस मामले में क्या कदम उठाए?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने धूम्रपान करने वाले जनसेवक को निलंबित करने का आदेश दिया।
क्या और भी कर्मचारी सस्पेंड हो सकते हैं?
अगर अन्य कर्मचारी भी नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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