क्या सीएम हेमंत सोरेन ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में निवेश की संभावनाओं पर बातचीत के लिए ज्यूरिख का दौरा किया?
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का ज्यूरिख दौरा विश्व आर्थिक मंच में भाग लेने के लिए है।
- यह झारखंड के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।
- निवेश के नए अवसरों पर चर्चा की जाएगी।
- मुख्यमंत्री ओक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में व्याख्यान देंगे।
- प्रतिनिधिमंडल 25 जनवरी को लौटेगा।
रांची, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दावोस में होने वाली विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) की वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए गुरुवार को स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख पहुंचे। यहां ज्यूरिख एयरपोर्ट पर भारत के राजदूत मृदुल कुमार ने उनका स्वागत किया।
मुख्यमंत्री के साथ एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भी है, जो एक दिन बाद ज्यूरिख से दावोस पहुंचेगा।
सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी में, मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि वह इस वैश्विक मंच पर झारखंड और भारत का प्रतिनिधित्व करने को लेकर उत्साहित हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बताया कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखते हुए समावेशी विकास पर चर्चा का महत्वपूर्ण मंच है। दावोस में होने वाली इस वार्षिक बैठक में, मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड सरकार का एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल हिस्सा ले रहा है। यह झारखंड के लिए पहला अवसर है, जब राज्य वैश्विक आर्थिक मंच पर एक संगठित और प्रभावी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
सरकार की ओर से बताया गया है कि इसका उद्देश्य इस मंच के जरिए झारखंड को “इंफिनिट ऑपर्च्युनिटी स्टेट” के रूप में स्थापित करना है। दावोस प्रवास के दौरान, मुख्यमंत्री सोरेन वैश्विक उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों और निवेशकों से संवाद करेंगे।
इस दौरान निवेश के नए अवसरों पर चर्चा की जाएगी, जिसमें खनिज आधारित उद्योग, औद्योगिक ढांचा, ऊर्जा संक्रमण, सतत विकास, पर्यटन और सामाजिक समावेशन जैसे प्राथमिक क्षेत्र शामिल हैं। विभिन्न बैठकों में संभावित निवेश प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के बाद झारखंड सरकार का प्रतिनिधिमंडल यूनाइटेड किंगडम के लंदन और ऑक्सफोर्ड का दौरा करेगा। वहाँ निवेश, नीति सहयोग, शैक्षणिक संस्थानों से संवाद और प्रवासी भारतीय समुदाय से बातचीत के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
इस क्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के ब्लावाटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में एक विशेष व्याख्यान और संवाद सत्र को संबोधित करेंगे, जो किसी भारतीय मुख्यमंत्री के लिए पहली बार होगा। राज्य सरकार का मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय दौरा झारखंड के लिए निवेश आकर्षित करने, औद्योगिक गतिविधियों को गति देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण साबित होगा। मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल 25 जनवरी को झारखंड लौटेगा।