क्या झारखंड वैश्विक आर्थिक मंच पर अपनी ताकतवर मौजूदगी दर्ज कराने में सफल होगा?
सारांश
Key Takeaways
- झारखंड का 11 हजार करोड़ का निवेश
- स्वीडन के साथ व्यापारिक साझेदारी
- ग्रीन स्टील तकनीक का समझौता
- अर्बन मोबिलिटी पर चर्चा
- निवेश से रोजगार के अवसर
दावोस/रांची, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में झारखंड ने निवेश, औद्योगिक नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में अपनी प्रभावशाली वैश्विक उपस्थिति को प्रदर्शित किया है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने स्वीडन के साथ व्यापारिक साझेदारी और शहरी गतिशीलता पर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की, जबकि टाटा स्टील के साथ ग्रीन स्टील तकनीक पर एक ऐतिहासिक समझौता भी हुआ। इस समझौते के माध्यम से टाटा स्टील झारखंड में 11 हजार करोड़ से अधिक का निवेश करेगा।
फोरम की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रतिष्ठित व्हाइट बैज से सम्मानित किया गया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के साथ झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष सह विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन तथा राज्य के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने स्वीडन-इंडिया बिजनेस काउंसिल की प्रमुख सेसिलिया ओल्डने से मुलाकात की।
इस बैठक में झारखंड और स्वीडन के बीच व्यापारिक सहयोग को सुदृढ़ करने, निवेश आकर्षित करने और शहरी परिवहन तथा अर्बन मोबिलिटी के क्षेत्र में साझेदारी पर विस्तृत चर्चा हुई। सेसिलिया ओल्डने ने बताया कि वर्तमान में 50 से अधिक स्वीडिश कंपनियां भारत में कार्यरत हैं और झारखंड भविष्य में उनके लिए एक प्रमुख निवेश गंतव्य बन सकता है। बैठक में यह भी सहमति बनी कि मुख्यमंत्री के पिछले स्वीडन दौरे के दौरान वोल्वो सहित अन्य कंपनियों से हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए अप्रैल में एक विशेष राउंड टेबल बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें शहरी परिवहन के वित्तपोषण जैसे विषयों पर विचार होगा।
मुख्यमंत्री ने स्वीडन-इंडिया बिजनेस काउंसिल से राज्य में साइकिलों के उपयोग और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए ई-साइकिल की संभावनाओं पर एक फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार हर वर्ष लाखों विद्यार्थियों को साइकिल उपलब्ध कराती है ताकि उनकी शिक्षा में कोई बाधा न आए।
विश्व आर्थिक मंच के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने झारखंड के साथ दीर्घकालिक साझेदारी की इच्छा व्यक्त करते हुए क्रिटिकल मिनरल्स, समावेशी समाज, जलवायु कार्रवाई और ऊर्जा संक्रमण जैसे विषयों पर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। औद्योगिक क्षेत्र में झारखंड के लिए सबसे बड़ा कदम टाटा स्टील के साथ ग्रीन स्टील तकनीक पर हुआ समझौता रहा। झारखंड सरकार और टाटा स्टील के बीच 11,100 करोड़ से अधिक के निवेश से संबंधित लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए गए। इस निवेश से राज्य में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।