क्या झारखंड डब्ल्यूईएफ 2026 में निवेश और औद्योगिक संभावनाओं का प्रदर्शन करेगा?
सारांश
Key Takeaways
- झारखंड का औद्योगिक विकास और निवेश के अवसरों का प्रदर्शन।
- दावोस में डब्ल्यूईएफ 2026 में भागीदारी।
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की नेतृत्व क्षमता।
- निवेश के लिए विभिन्न क्षेत्र जैसे क्रिटिकल मिनरल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, और टेक्सटाइल।
- यूके दौरे के दौरान शैक्षणिक संस्थानों के साथ संवाद।
रांची, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। स्विट्जरलैंड के दावोस में 19 जनवरी से आरंभ हो रहे विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ)-2026 में झारखंड सरकार वैश्विक उद्यमियों और कंपनियों को राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश के अनूठे अवसरों से परिचित कराएगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में दावोस पहुंचे राज्य सरकार के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।
सीएम हेमंत सोरेन ने रविवार को केंद्रीय रेल, संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य सरकार की तैयारियों की जानकारी दी।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, “केंद्रीय मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में डब्ल्यूईएफ 2026 की तैयारियों की संपूर्ण समीक्षा की गई। 'वन इंडिया, वन विजन' की भावना के अनुसार डब्ल्यूईएफ 2026 में सहयोग और संवाद की स्पष्ट झलक दिख रही है। हमने केंद्रीय मंत्री को 'झारखंड एट दावोस' पहल की तैयारी के बारे में बताया। झारखंड वैश्विक मंच पर राज्य की संभावनाओं और क्षमताओं को केंद्र सरकार के विजन के अनुसार प्रस्तुत करेगा।”
जानकारी के अनुसार, दावोस में झारखंड की प्रस्तुति का केंद्र बिंदु क्रिटिकल मिनरल्स और खनन, इलेक्ट्रॉनिक्स व इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और ऑटोमोबाइल क्षेत्र, सुपरफूड्स और खाद्य प्रसंस्करण, फॉरेस्ट एवं बायो-इकोनॉमी, ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा संक्रमण, पर्यटन और टेक्सटाइल सेक्टर पर केंद्रित रहेगा। राज्य सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों में निवेश आकर्षित कर औद्योगिक विकास और रोजगार का सृजन करना है। यह पहला अवसर है जब झारखंड विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में औपचारिक रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार का एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल दावोस में मौजूद है। यह प्रतिनिधिमंडल बाद में यूनाइटेड किंगडम के लंदन और ऑक्सफोर्ड का दौरा करेगा। प्रस्तावित यूके दौरे के दौरान लंदन और ऑक्सफोर्ड में निवेश, नीति सहयोग, शैक्षणिक संस्थानों के साथ संवाद और प्रवासी भारतीय समुदाय से बातचीत करने की योजना है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के ब्लावाटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में विशेष व्याख्यान और संवाद सत्र को संबोधित करेंगे। राज्य सरकार का मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय पहल झारखंड के लिए वैश्विक निवेश आकर्षित करने, औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और दीर्घकालिक आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।