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नीति आयोग बैठक में हेमंत सोरेन ने उठाया ₹1.36 लाख करोड़ बकाया मुद्दा, झारखंड के लिए रखीं कई मांगें

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नीति आयोग बैठक में हेमंत सोरेन ने उठाया ₹1.36 लाख करोड़ बकाया मुद्दा, झारखंड के लिए रखीं कई मांगें

सारांश

नीति आयोग की 11वीं बैठक में हेमंत सोरेन ने झारखंड के लिए ₹1.36 लाख करोड़ के कोयला बकाये से लेकर मेडिकल कॉलेज, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और क्रिटिकल मिनरल्स उद्योगों तक की माँगें एक साथ रखीं — यह संकेत है कि झारखंड केंद्र से सिर्फ खनिज राज्य का दर्जा नहीं, बल्कि औद्योगिक साझेदारी चाहता है।

मुख्य बातें

हेमंत सोरेन ने 11 जून 2026 को नई दिल्ली में नीति आयोग शासी परिषद की 11वीं बैठक में झारखंड के लंबित मुद्दे उठाए।
कोयला कंपनियों पर झारखंड का ₹1.36 लाख करोड़ बकाया है; सोरेन ने इसके भुगतान की माँग की।
जल जीवन मिशन की बकाया राशि जारी करने और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया सरल बनाने का आग्रह किया गया।
पीपीपी मॉडल पर प्रस्तावित 6 मेडिकल कॉलेजों में शेष 2 को केंद्रीय मंजूरी दिलाने की माँग रखी।
राज्य में 5,000 उत्कृष्ट विद्यालय , स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और एनसीईआरटी क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव।
सारथी योजना के तहत एआई, ड्रोन, ईवी और सौर ऊर्जा क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 11 जून 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग शासी परिषद की 11वीं बैठक में राज्य के कई अनसुलझे मुद्दों को केंद्र के समक्ष रखा। उन्होंने कोयला कंपनियों पर झारखंड के ₹1.36 लाख करोड़ के बकाये का भुगतान, जल जीवन मिशन की लंबित राशि जारी करने और मेडिकल कॉलेज परियोजनाओं को स्वीकृति देने की माँग की।

मुख्य माँगें और मुद्दे

मुख्यमंत्री सोरेन ने बैठक में कहा कि डीवीसी, सीसीएल, ईसीएल और अन्य केंद्रीय उपक्रमों के प्रभाव क्षेत्र में आने वाले झारखंड के कई जिलों में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। उन्होंने सामाजिक आधारभूत संरचना के विकास के लिए भूमि संबंधी प्रक्रियाओं में आवश्यक छूट की माँग की। साथ ही पीपीपी मॉडल पर प्रस्तावित छह मेडिकल कॉलेजों में शेष दो को केंद्र की मंजूरी दिलाने का आग्रह किया।

झारखंड को उद्योग केंद्र बनाने का आह्वान

सोरेन ने कहा कि झारखंड को केवल खनिज उत्पादक राज्य के रूप में नहीं, बल्कि उद्योग, विनिर्माण और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने खनिज संसाधनों के स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन और क्रिटिकल मिनरल्स आधारित उद्योगों, अनुसंधान संस्थानों तथा नवाचार केंद्रों की स्थापना में केंद्र के सहयोग की अपेक्षा जताई। टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और एग्रो-फूड प्रोसेसिंग क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया।

शिक्षा और कौशल विकास पर प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने झारखंड में पीएमश्री विद्यालयों और केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने तथा एनसीईआरटी का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। राज्य सरकार 5,000 उत्कृष्ट विद्यालय विकसित करने की दिशा में कार्यरत है। उन्होंने बताया कि सारथी योजना के अंतर्गत लाखों युवाओं को एआई, ड्रोन, इलेक्ट्रिक वाहन और सौर ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।

खेल और विकसित भारत में भागीदारी

सोरेन ने झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने तथा राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी का अवसर दिलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा, मानव संसाधन और कृषि क्षमता का समुचित उपयोग कर राज्य को 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य में एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में स्थापित किया जा सकता है।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय हस्तांतरण को लेकर कई विपक्ष-शासित राज्य अपनी शिकायतें उठा रहे हैं। झारखंड के बकाये और परियोजना स्वीकृतियों पर केंद्र की प्रतिक्रिया आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी विश्वसनीयता तब बनेगी जब केंद्रीय उपक्रमों के प्रभाव वाले जिलों में बुनियादी ढाँचा और भूमि सुधार ज़मीन पर दिखें। नीति आयोग की बैठक माँगों का मंच तो बन गई, पर असली परीक्षा यह है कि इनमें से कितनी माँगें अगले बजट चक्र में परिणाम में बदलती हैं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीति आयोग की 11वीं बैठक में हेमंत सोरेन ने क्या माँगें रखीं?
हेमंत सोरेन ने कोयला कंपनियों पर झारखंड के ₹1.36 लाख करोड़ बकाये का भुगतान, जल जीवन मिशन की लंबित राशि जारी करने, भूमि अधिग्रहण सरल बनाने और दो मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी देने की माँग की। साथ ही क्रिटिकल मिनरल्स उद्योग, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और एनसीईआरटी क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा।
झारखंड पर कोयला कंपनियों का ₹1.36 लाख करोड़ बकाया क्यों है?
झारखंड कोयला खनन में देश के प्रमुख राज्यों में से एक है और डीवीसी, सीसीएल, ईसीएल जैसे केंद्रीय उपक्रम यहाँ बड़े पैमाने पर संचालित हैं। इन उपक्रमों द्वारा राज्य को देय रॉयल्टी, शुल्क और अन्य भुगतान वर्षों से लंबित हैं, जिसकी कुल राशि ₹1.36 लाख करोड़ बताई गई है।
झारखंड में पीपीपी मॉडल पर कितने मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित हैं?
झारखंड में पीपीपी मॉडल पर कुल छह मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित हैं, जिनमें से चार को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। मुख्यमंत्री सोरेन ने बैठक में शेष दो मेडिकल कॉलेजों को भी केंद्रीय स्वीकृति दिलाने की माँग रखी।
सारथी योजना क्या है और यह झारखंड के युवाओं को कैसे लाभ देती है?
सारथी योजना झारखंड सरकार की कौशल विकास पहल है, जिसके तहत लाखों युवाओं को एआई, ड्रोन, इलेक्ट्रिक वाहन और सौर ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य राज्य के युवाओं को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना है।
नीति आयोग शासी परिषद की 11वीं बैठक कब और कहाँ हुई?
यह बैठक 11 जून 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इसमें देशभर के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया और अपने-अपने राज्यों से जुड़े मुद्दे केंद्र के समक्ष रखे।
राष्ट्र प्रेस
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