UP स्मार्ट मीटर पोस्टपेड: योगी सरकार का बड़ा फैसला, मई 2026 की खपत का बिल जून में मिलेगा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने 8 मई 2026 को प्रदेश भर में आरडीएसएस (RDSS) योजना के तहत लगाए गए सभी स्मार्ट मीटरों को तत्काल प्रभाव से पोस्टपेड मोड में संचालित करने के औपचारिक आदेश जारी कर दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लिए गए इस फैसले की जानकारी ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने दी। अब उपभोक्ताओं को बिजली उपयोग के बाद बिल मिलेगा — मई 2026 की खपत का बिल जून 2026 में जारी किया जाएगा।
क्या बदला और क्यों
ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि आम विद्युत उपभोक्ताओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में लागू स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। यह निर्णय पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल और पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगमों के साथ-साथ केस्को कानपुर में भी लागू होगा। गौरतलब है कि प्रीपेड व्यवस्था में उपभोक्ताओं को पहले रिचार्ज कराना पड़ता था, जिससे विशेषकर ग्रामीण और निम्न-आय वर्ग के परिवारों को असुविधा होती थी।
बिल कैसे और कब मिलेगा
ऊर्जा मंत्री के अनुसार, स्मार्ट पोस्टपेड बिल प्रत्येक माह की 10 तारीख तक जारी किए जाएंगे। बिल एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जाएगा। जिन क्षेत्रों में नेटवर्क या संचार समस्या के कारण स्मार्ट मीटर की ऑटोमैटिक रीडिंग संभव नहीं होगी, वहाँ एएमआईएसपी एजेंसियों के ज़रिए मैनुअल रीडिंग लेकर समय पर बिल उपलब्ध कराया जाएगा। जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर सिस्टम में पंजीकृत नहीं हैं या गलत दर्ज हैं, उनके लिए डिस्कॉम स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके अलावा संबंधित विद्युत वितरण निगम के व्हाट्सएप चैटबॉट और 1912 हेल्पलाइन से भी बिल प्राप्त किया जा सकेगा।
भुगतान और बकाया की सुविधा
नई व्यवस्था के तहत पोस्टपेड उपभोक्ताओं को बिल जारी होने की तारीख से 15 दिन का भुगतान समय और उसके बाद 7 दिन की डिस्कनेक्शन अवधि दी जाएगी। निर्धारित समय में भुगतान न होने पर विद्युत प्रदाय संहिता एवं टैरिफ आदेश के अनुसार विलंब अधिभार लागू होगा। घरेलू उपभोक्ताओं को विशेष राहत देते हुए 30 अप्रैल 2026 तक के बकाया बिल को 10 आसान मासिक किस्तों में जमा करने की सुविधा दी गई है। अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए 40, 30 और 30 प्रतिशत की तीन किस्तों में भुगतान का विकल्प होगा। पूर्व में प्रीपेड व्यवस्था के दौरान समायोजित की गई सुरक्षा धनराशि को विद्युत प्रदाय संहिता-2005 एवं कॉस्ट डाटा बुक-2026 के प्रावधानों के अनुसार चार समान मासिक किस्तों में उपभोक्ताओं के बिलों में जोड़ा जाएगा।
शिकायत निवारण के लिए विशेष कैंप
स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए 15 मई 2026 से 30 जून 2026 तक अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर विशेष कैंप और सहायता केंद्र लगाए जाएंगे। 1912 हेल्पलाइन पर भी विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं और विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से उठा रहा था। आगामी महीनों में क्रियान्वयन की गति और शिकायत निवारण की प्रभावशीलता ही इस फैसले की असली कसौटी होगी।