UP स्मार्ट मीटर पोस्टपेड: योगी सरकार का बड़ा फैसला, मई 2026 की खपत का बिल जून में मिलेगा

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UP स्मार्ट मीटर पोस्टपेड: योगी सरकार का बड़ा फैसला, मई 2026 की खपत का बिल जून में मिलेगा

सारांश

योगी सरकार ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था खत्म कर दी — अब UP के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को पहले बिजली मिलेगी, फिर बिल। मई 2026 की खपत का पहला पोस्टपेड बिल जून में आएगा। घरेलू उपभोक्ताओं को बकाया चुकाने के लिए 10 किस्तों की सुविधा भी दी गई है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 8 मई 2026 को UP के सभी स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड मोड में बदलने के आदेश जारी।
मई 2026 की खपत का पहला पोस्टपेड बिल जून 2026 में जारी होगा; प्रत्येक माह की 10 तारीख तक बिल मिलेगा।
बिल एसएमएस, व्हाट्सएप और 1912 हेल्पलाइन के ज़रिए उपलब्ध; नेटवर्क समस्या वाले क्षेत्रों में मैनुअल रीडिंग।
घरेलू उपभोक्ताओं को 30 अप्रैल 2026 तक का बकाया 10 मासिक किस्तों में जमा करने की सुविधा।
15 मई से 30 जून 2026 तक अभियंता कार्यालयों पर विशेष शिकायत निवारण कैंप लगाए जाएंगे।
प्रीपेड के दौरान जमा सुरक्षा धनराशि को चार समान मासिक किस्तों में बिलों में समायोजित किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 8 मई 2026 को प्रदेश भर में आरडीएसएस (RDSS) योजना के तहत लगाए गए सभी स्मार्ट मीटरों को तत्काल प्रभाव से पोस्टपेड मोड में संचालित करने के औपचारिक आदेश जारी कर दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लिए गए इस फैसले की जानकारी ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने दी। अब उपभोक्ताओं को बिजली उपयोग के बाद बिल मिलेगा — मई 2026 की खपत का बिल जून 2026 में जारी किया जाएगा।

क्या बदला और क्यों

ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि आम विद्युत उपभोक्ताओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में लागू स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। यह निर्णय पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल और पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगमों के साथ-साथ केस्को कानपुर में भी लागू होगा। गौरतलब है कि प्रीपेड व्यवस्था में उपभोक्ताओं को पहले रिचार्ज कराना पड़ता था, जिससे विशेषकर ग्रामीण और निम्न-आय वर्ग के परिवारों को असुविधा होती थी।

बिल कैसे और कब मिलेगा

ऊर्जा मंत्री के अनुसार, स्मार्ट पोस्टपेड बिल प्रत्येक माह की 10 तारीख तक जारी किए जाएंगे। बिल एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जाएगा। जिन क्षेत्रों में नेटवर्क या संचार समस्या के कारण स्मार्ट मीटर की ऑटोमैटिक रीडिंग संभव नहीं होगी, वहाँ एएमआईएसपी एजेंसियों के ज़रिए मैनुअल रीडिंग लेकर समय पर बिल उपलब्ध कराया जाएगा। जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर सिस्टम में पंजीकृत नहीं हैं या गलत दर्ज हैं, उनके लिए डिस्कॉम स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके अलावा संबंधित विद्युत वितरण निगम के व्हाट्सएप चैटबॉट और 1912 हेल्पलाइन से भी बिल प्राप्त किया जा सकेगा।

भुगतान और बकाया की सुविधा

नई व्यवस्था के तहत पोस्टपेड उपभोक्ताओं को बिल जारी होने की तारीख से 15 दिन का भुगतान समय और उसके बाद 7 दिन की डिस्कनेक्शन अवधि दी जाएगी। निर्धारित समय में भुगतान न होने पर विद्युत प्रदाय संहिता एवं टैरिफ आदेश के अनुसार विलंब अधिभार लागू होगा। घरेलू उपभोक्ताओं को विशेष राहत देते हुए 30 अप्रैल 2026 तक के बकाया बिल को 10 आसान मासिक किस्तों में जमा करने की सुविधा दी गई है। अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए 40, 30 और 30 प्रतिशत की तीन किस्तों में भुगतान का विकल्प होगा। पूर्व में प्रीपेड व्यवस्था के दौरान समायोजित की गई सुरक्षा धनराशि को विद्युत प्रदाय संहिता-2005 एवं कॉस्ट डाटा बुक-2026 के प्रावधानों के अनुसार चार समान मासिक किस्तों में उपभोक्ताओं के बिलों में जोड़ा जाएगा।

शिकायत निवारण के लिए विशेष कैंप

स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए 15 मई 2026 से 30 जून 2026 तक अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर विशेष कैंप और सहायता केंद्र लगाए जाएंगे। 1912 हेल्पलाइन पर भी विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं और विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से उठा रहा था। आगामी महीनों में क्रियान्वयन की गति और शिकायत निवारण की प्रभावशीलता ही इस फैसले की असली कसौटी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली चुनौती बिलिंग की सटीकता और शिकायत निवारण की गति होगी — जो पहले भी UP के डिस्कॉम की कमज़ोर कड़ी रही है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि RDSS योजना के तहत स्मार्ट मीटर लगाने पर केंद्र सरकार ने भारी निवेश किया था; प्रीपेड से पोस्टपेड में बदलाव उस मूल उद्देश्य — राजस्व हानि में कमी — को कितना प्रभावित करेगा, यह सवाल अभी अनुत्तरित है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UP में स्मार्ट मीटर पोस्टपेड क्यों किए गए?
उत्तर प्रदेश सरकार ने आम उपभोक्ताओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था समाप्त कर दी है। प्रीपेड मोड में उपभोक्ताओं को पहले रिचार्ज कराना पड़ता था, जिससे विशेषकर निम्न-आय वर्ग को असुविधा होती थी।
पोस्टपेड स्मार्ट मीटर का पहला बिल कब मिलेगा?
मई 2026 की बिजली खपत का पहला पोस्टपेड बिल जून 2026 में जारी किया जाएगा। इसके बाद प्रत्येक माह की 10 तारीख तक बिल एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से उपभोक्ताओं को मिलेगा।
बकाया बिजली बिल कैसे जमा होगा?
घरेलू उपभोक्ता 30 अप्रैल 2026 तक के बकाया बिल को 10 आसान मासिक किस्तों में जमा कर सकते हैं। अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए 40, 30 और 30 प्रतिशत की तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा है।
स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायत कहाँ दर्ज कराएँ?
उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा 15 मई से 30 जून 2026 तक अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर विशेष शिकायत निवारण कैंप भी लगाए जाएंगे।
प्रीपेड मीटर में जमा सुरक्षा धनराशि का क्या होगा?
पूर्व में प्रीपेड व्यवस्था के दौरान समायोजित सुरक्षा धनराशि को विद्युत प्रदाय संहिता-2005 और कॉस्ट डाटा बुक-2026 के प्रावधानों के अनुसार चार समान मासिक किस्तों में उपभोक्ताओं के बिलों में जोड़ा जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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