27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यूपी में प्रीपेड स्मार्ट मीटर अब पोस्टपेड की तरह काम करेंगे, बकाया बिल 10 किस्तों में भरने की सुविधा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यूपी में प्रीपेड स्मार्ट मीटर अब पोस्टपेड की तरह काम करेंगे, बकाया बिल 10 किस्तों में भरने की सुविधा

सारांश

योगी सरकार ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों पर बड़ा कदम उठाया है — अब ये मीटर पोस्टपेड की तरह काम करेंगे। 30 अप्रैल तक का बकाया 10 किस्तों में जमा होगा, सिक्योरिटी 4 किस्तों में ली जाएगी और मई-जून में शिकायत कैंप लगेंगे।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 4 मई 2026 से यूपी के सभी प्रीपेड स्मार्ट मीटर पोस्टपेड व्यवस्था के अनुसार काम करेंगे।
प्रत्येक माह की 10 तारीख तक बिल मिलेगा और बिल मिलने के बाद 15 दिन के भीतर भुगतान की सुविधा।
30 अप्रैल 2026 तक का बकाया बिल 10 किस्तों में जमा किया जा सकेगा।
पोस्टपेड से प्रीपेड में बदले मीटरों पर सिक्योरिटी राशि एकमुश्त नहीं , बल्कि 4 किस्तों में ली जाएगी।
मई और जून 2026 में खंड एवं उपखंड स्तर पर वृहद् शिकायत निवारण कैंप आयोजित होंगे।
शिकायत के लिए 1912 पोर्टल और व्हाट्सएप चैटबॉट की सुविधा उपलब्ध।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 4 मई 2026 को बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा फैसला किया — अब राज्य के सभी प्रीपेड स्मार्ट मीटर पोस्टपेड व्यवस्था के अनुसार कार्य करेंगे। इस निर्णय से प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और 30 अप्रैल 2026 तक का बकाया बिल 10 किस्तों में जमा करने की सुविधा दी गई है।

मुख्य घटनाक्रम

उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री एके शर्मा ने शक्ति भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद इस निर्णय की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिलिंग साइकिल पूर्व की पोस्टपेड व्यवस्था के अनुरूप रहेगा — 1 तारीख से माह के अंत तक की खपत का बिल एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से उपभोक्ताओं को दिया जाएगा। सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को प्रत्येक माह की 10 तारीख तक बिल प्राप्त हो जाएगा और बिल मिलने की तिथि से भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा।

बकाया भुगतान और सिक्योरिटी में राहत

30 अप्रैल 2026 तक (अर्थात् मई के बिल से पूर्व) जो भी बिल बकाया रहेगा, उसे उपभोक्ता 10 किस्तों में जमा कर सकेंगे। यह प्रावधान उन उपभोक्ताओं के लिए विशेष रूप से राहतकारी है जो एकमुश्त भुगतान करने में असमर्थ हैं। इसके अलावा, जिन उपभोक्ताओं के परिसर में पोस्टपेड से प्रीपेड मीटर लगाए गए थे और उनकी सिक्योरिटी राशि वापस कर दी गई थी, अब पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने पर उनसे सिक्योरिटी एकमुश्त नहीं, बल्कि 4 किस्तों में ली जाएगी।

शिकायत निवारण की व्यवस्था

जिन उपभोक्ताओं को समय पर बिल न मिले, वे व्हाट्सएप चैटबॉट पर अपना संयोजन नंबर सूचित कर बिल और बकाया विवरण प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त 1912 पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर भी बिल प्राप्त किया जा सकता है। जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर बदल गया है, वे अपना नंबर अपडेट करवा सकते हैं। मई और जून 2026 में खंड एवं उपखंड स्तर पर वृहद् कैंप आयोजित कर स्मार्ट मीटर बिल संबंधी शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा।

बिल न मिलने पर क्षेत्रवार संपर्क नंबर इस प्रकार हैं — पूर्वांचल: +91 8010968292, मध्यांचल: +91 7669003409, पश्चिमांचल: +91 7859804803, दक्षिणांचल: +91 8010957826, केस्को (कानपुर): +91 8287835233।

बिजली आपूर्ति पर निर्देश

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने विद्युत आपूर्ति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी क्षेत्रों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ट्रांसफॉर्मर खराब न हों और यदि कहीं खराब हों तो उन्हें तत्काल बदला जाए। इस बैठक में अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल, प्रबंध निदेशक नितीश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आम जनता पर असर

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में व्यापक असंतोष था — विशेषकर अचानक बिजली कटौती और बिलिंग की जटिलता को लेकर। पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने से बिलिंग प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होगी, भुगतान के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित होगा। राज्य सरकार के इस कदम को उपभोक्ता हितों की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में है। यह देखना होगा कि क्षेत्रीय कैंप महज औपचारिकता बनते हैं या वास्तव में शिकायतें सुलझती हैं। स्मार्ट मीटर परियोजना की मूल अवधारणा — राजस्व वसूली में पारदर्शिता — को पोस्टपेड में वापसी से कमज़ोर न पड़ने देना भी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी में प्रीपेड स्मार्ट मीटर पोस्टपेड में क्यों बदले जा रहे हैं?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उपभोक्ताओं की सुविधा और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए यह निर्णय लिया गया है। प्रीपेड मीटर को लेकर बिलिंग की जटिलता और अचानक आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें बड़े पैमाने पर आ रही थीं।
बकाया बिल 10 किस्तों में कैसे जमा करें?
30 अप्रैल 2026 तक का बकाया बिल उपभोक्ता 10 किस्तों में जमा कर सकते हैं। इसके लिए नज़दीकी बिजली विभाग कार्यालय से संपर्क करें या 1912 पोर्टल पर जानकारी प्राप्त करें।
बिल न मिलने पर क्या करें?
यदि माह की 10 तारीख तक बिल न मिले, तो व्हाट्सएप चैटबॉट पर अपना संयोजन नंबर भेजकर बिल प्राप्त किया जा सकता है। इसके अलावा 1912 पोर्टल पर शिकायत दर्ज की जा सकती है या क्षेत्रवार हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
सिक्योरिटी राशि कितनी किस्तों में जमा होगी?
जिन उपभोक्ताओं के परिसर में पोस्टपेड से प्रीपेड मीटर लगाए गए थे और उनकी सिक्योरिटी वापस कर दी गई थी, अब पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने पर उनसे सिक्योरिटी 4 किस्तों में ली जाएगी — एकमुश्त नहीं।
स्मार्ट मीटर बिल संबंधी शिकायत कहाँ दर्ज करें?
उपभोक्ता 1912 पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा मई और जून 2026 में खंड एवं उपखंड स्तर पर वृहद् कैंप आयोजित किए जाएंगे जहाँ स्मार्ट मीटर बिल संबंधी सभी शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले