प्रीपेड स्मार्ट मीटर शिकायतें: योगेंद्र उपाध्याय ने कानपुर में एक सप्ताह में निस्तारण का दिया अल्टीमेटम

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प्रीपेड स्मार्ट मीटर शिकायतें: योगेंद्र उपाध्याय ने कानपुर में एक सप्ताह में निस्तारण का दिया अल्टीमेटम

सारांश

कानपुर के प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने 6 मई को एक ही बैठक में बिजली, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था — तीनों मोर्चों पर सख्त अल्टीमेटम दे दिया। प्रीपेड स्मार्ट मीटर शिकायतों के एक सप्ताह में निस्तारण से लेकर सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक तक, यह बैठक कानपुर प्रशासन के लिए जवाबदेही की कड़ी परीक्षा बन गई है।

मुख्य बातें

योगेंद्र उपाध्याय ने 6 मई 2026 को कानपुर में विकास और कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा बैठक की।
प्रीपेड स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर निस्तारण अनिवार्य; ज़रूरत पड़ने पर उपभोक्ताओं को पोस्टपेड में शिफ्ट करने के निर्देश।
प्रत्येक उपकेंद्र पर स्थानीय शिकायत निस्तारण केंद्र स्थापित करने और खराब ट्रांसफार्मर तत्काल बदलने का आदेश।
सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर पूर्ण प्रतिबंध; ओपीडी उपस्थिति की नियमित मॉनिटरिंग का निर्देश।
किरायेदार सत्यापन , ड्रोन संचालक सत्यापन और एंटी रोमियो स्क्वायड को और प्रभावी बनाने के आदेश।
मैनावती मार्ग सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता; 2025 से पूर्व की सभी लंबित विवेचनाओं को शीघ्र निपटाने का निर्देश।

उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री एवं कानपुर के प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बुधवार, 6 मई 2026 को कानपुर में विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जनसुविधाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को तय समयसीमा में ठोस परिणाम देने होंगे।

प्रीपेड स्मार्ट मीटर: एक सप्ताह का अल्टीमेटम

सरसैयाघाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित इस समीक्षा बैठक में मंत्री ने विद्युत व्यवस्था पर सर्वाधिक सख्ती दिखाई। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का निस्तारण एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए। जहाँ आवश्यक हो, उपभोक्ताओं को पोस्टपेड व्यवस्था में स्थानांतरित किया जाए। गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित की गई।

उपाध्याय ने खराब ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलने और प्रत्येक उपकेंद्र पर स्थानीय शिकायत निस्तारण केंद्र स्थापित करने के भी निर्देश दिए। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटर की तैनाती को लेकर उपभोक्ताओं में व्यापक असंतोष देखा जा रहा है।

स्वास्थ्य सेवाएँ: सरकारी डॉक्टरों पर कड़ा रुख

मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने सरकारी चिकित्सकों की ओपीडी उपस्थिति की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उपाध्याय ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई भी सरकारी डॉक्टर निजी प्रैक्टिस करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति उत्तर प्रदेश में लंबे समय से एक गंभीर समस्या बनी हुई है।

कानून-व्यवस्था: किरायेदार सत्यापन और महिला सुरक्षा

कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मंत्री ने किरायेदार सत्यापन को अनिवार्य करते हुए सभी मकान मालिकों को पुलिस वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए गर्ल्स कॉलेज, छात्रावासों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित करने का आदेश दिया।

एंटी रोमियो स्क्वायड को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने ड्रोन संचालकों के अनिवार्य सत्यापन का भी आदेश दिया। लंबित विवेचनाओं के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 से पूर्व के सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

नगर विकास: मैनावती मार्ग सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता

नगर विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उपाध्याय ने मैनावती मार्ग के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाएँ गुणवत्ता के साथ तय समयसीमा में पूरी हों और अनावश्यक देरी किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं होगी।

जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर

मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कानपुर उत्तर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक एवं शहरी केंद्र है, इसलिए यहाँ के अधिकारियों को जनहित के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई तय है। यह समीक्षा बैठक कानपुर प्रशासन के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि जनता की समस्याओं के समाधान में विलंब अब और नहीं चलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये आदेश केवल बैठक कक्ष तक सीमित रहेंगे या ज़मीन पर भी दिखेंगे। उत्तर प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटर की तैनाती पहले से ही विवादास्पद रही है — उपभोक्ताओं की शिकायतें महीनों से अनसुनी हैं। सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर पाबंदी का आदेश नया नहीं है; यह आदेश पहले भी कई बार दिए जा चुके हैं, परंतु क्रियान्वयन की कमज़ोरी बनी रही है। जब तक जवाबदेही का ढाँचा केवल मौखिक चेतावनियों पर टिका रहेगा, तब तक ऐसी बैठकें प्रशासनिक इतिहास में एक और पन्ना बनकर रह जाएँगी।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रीपेड स्मार्ट मीटर शिकायतों के निस्तारण की समयसीमा क्या तय की गई है?
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने 6 मई 2026 को निर्देश दिया कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का निस्तारण एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए। जहाँ आवश्यक हो, उपभोक्ताओं को पोस्टपेड व्यवस्था में स्थानांतरित किया जाए।
कानपुर में बिजली आपूर्ति सुधार के लिए क्या निर्देश दिए गए?
मंत्री ने खराब ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलने, प्रत्येक उपकेंद्र पर स्थानीय शिकायत निस्तारण केंद्र स्थापित करने और गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर क्या कार्रवाई होगी?
योगेंद्र उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि यदि कोई सरकारी डॉक्टर निजी प्रैक्टिस करता पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ओपीडी उपस्थिति की नियमित मॉनिटरिंग का भी आदेश दिया गया है।
कानपुर में महिला सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएँगे?
मंत्री ने गर्ल्स कॉलेज, छात्रावासों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित करने और एंटी रोमियो स्क्वायड को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। किरायेदार सत्यापन और ड्रोन संचालकों का अनिवार्य सत्यापन भी अनिवार्य किया गया।
योगेंद्र उपाध्याय कानपुर की समीक्षा बैठक में किन प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई?
बैठक में प्रीपेड स्मार्ट मीटर शिकायतें, बिजली आपूर्ति, सरकारी चिकित्सकों की उपस्थिति, महिला सुरक्षा, किरायेदार सत्यापन, लंबित विवेचनाएँ और मैनावती मार्ग सुदृढ़ीकरण सहित नगर विकास कार्य प्रमुख विषय रहे।
राष्ट्र प्रेस
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