13 अगस्त 2026
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कंगना रनौत का स्पष्टीकरण: 'जेन-जी' टिप्पणी पर बोलीं — 'पूरी पीढ़ी नहीं, जंतर-मंतर के 2,000 लोगों की बात थी'

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कंगना रनौत का स्पष्टीकरण: 'जेन-जी' टिप्पणी पर बोलीं — 'पूरी पीढ़ी नहीं, जंतर-मंतर के 2,000 लोगों की बात थी'

सारांश

कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम वीडियो में सफाई दी कि उनकी 'जेनरेशन गटर' टिप्पणी देश के 30-35 करोड़ जेन-जी पर नहीं, बल्कि जंतर-मंतर पर जमा लगभग 2,000 प्रदर्शनकारियों पर थी। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी की 'युवा' छवि पर भी तंज कसा।

मुख्य बातें

कंगना रनौत ने 13 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर 'जेन-जी' टिप्पणी पर सफाई दी।
उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर 10,000 में से केवल लगभग 2,000 जेन-जी प्रदर्शनकारी थे, पूरी पीढ़ी ( 30-35 करोड़ ) नहीं।
जुलाई 2026 में कंगना ने कुछ प्रदर्शनकारियों को 'जेनरेशन गटर' कहा था, जिस पर विवाद हुआ था।
कंगना ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया।
उन्होंने राहुल गांधी की '55-60 साल की युवा' छवि पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी भी की।

अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने 13 अगस्त 2026 को अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक वीडियो जारी कर जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान दिए गए अपने 'जेन-जी' संबंधी बयान पर सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी देश के समस्त युवाओं पर नहीं, बल्कि विरोध स्थल पर मौजूद सीमित संख्या में आए प्रदर्शनकारियों पर थी।

क्या था विवाद

जुलाई 2026 के अंत में जंतर-मंतर पर हुए जेन-जी नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों पर टिप्पणी करते हुए कंगना ने कुछ प्रदर्शनकारियों को 'जेनरेशन गटर' कहा था। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर भद्दी भाषा और अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया था। साथ ही कुछ युवा महिला प्रदर्शनकारियों की भी आलोचना करते हुए कहा था कि वे बिना किसी जवाबदेही के 'आजादी' का दिखावा करती हैं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया और विपक्षी दलों में तीखी प्रतिक्रिया आई थी।

कंगना का स्पष्टीकरण

कंगना ने एक कांग्रेस नेता का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया है। उन्होंने कहा, 'एक कांग्रेस नेता ने कहा कि मैंने पूरे देश के युवाओं को 'गटर छाप' कहा है। अगर हम पूरे देश के युवाओं की बात करें, खासकर जेन-जी की, तो उनकी आबादी लगभग 30-35 करोड़ होगी। वहीं, जंतर-मंतर पर तो सिर्फ 10,000 लोग जमा हुए थे, जिनमें से आधे से ज्यादा शबाना आज़मी जैसे लोग थे।'

उन्होंने आगे कहा, 'अगर हम युवाओं की बात करें, खासकर जेन-जी की, तो वहां लगभग 2,000 जेन-जी लोग थे। तो लोग इसे जेन-जी का विरोध प्रदर्शन कैसे कह सकते हैं? मैंने खास तौर पर उस पीढ़ी के बारे में बात की थी जो वहां जमा हुई थी। मैं आपको खुला चैलेंज देती हूं, मेरा कोई ऐसा बयान बताइए जिसमें मैंने पूरी पीढ़ी को शामिल किया हो।'

राहुल गांधी पर तंज

कंगना ने अपनी सफाई में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'मैं युवाओं की विरोधी नहीं हो सकती, क्योंकि मैं खुद युवा हूं — और राहुल गांधी की तरह 55-60 साल की 'युवा' नहीं हूं।' यह टिप्पणी कांग्रेस की 'युवा नेता' छवि पर सीधा व्यंग्य मानी जा रही है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन को लेकर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। गौरतलब है कि कंगना भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद भी हैं, इसलिए उनके बयानों को राजनीतिक चश्मे से देखा जाता है। आलोचकों का कहना है कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि का प्रदर्शनकारियों के बारे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना उचित नहीं है, जबकि समर्थकों का तर्क है कि उनकी टिप्पणी को संदर्भ से बाहर तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।

आगे की स्थिति

कंगना के इस स्पष्टीकरण के बाद विवाद थमने के बजाय नई बहस छिड़ गई है। उनके बयान पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है। यह देखना बाकी है कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस सफाई को स्वीकार करते हैं या इस मुद्दे को और आगे बढ़ाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे वह कितने ही लोगों के लिए क्यों न हो, संसदीय मर्यादा के प्रश्न उठाता है। राहुल गांधी पर तंज राजनीतिक रूप से धारदार ज़रूर है, लेकिन यह मूल विवाद से ध्यान भटकाने की रणनीति भी लग सकती है। असली सवाल यह है कि क्या एक जनप्रतिनिधि को इस तरह की भाषा का अधिकार है — और इस पर बहस अभी खत्म नहीं हुई।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कंगना रनौत ने 'जेन-जी' पर क्या टिप्पणी की थी?
जुलाई 2026 के अंत में जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान कंगना ने कुछ प्रदर्शनकारियों को 'जेनरेशन गटर' कहा था और उन पर भद्दी भाषा व अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया था। उन्होंने कुछ युवा महिला प्रदर्शनकारियों की भी आलोचना की थी।
कंगना रनौत ने अपनी टिप्पणी पर सफाई क्यों दी?
एक कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि कंगना ने पूरे देश के युवाओं को 'गटर छाप' कहा है, जिसके बाद कंगना ने 13 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम वीडियो के ज़रिए सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी देश के 30-35 करोड़ जेन-जी पर नहीं, बल्कि जंतर-मंतर पर मौजूद लगभग 2,000 प्रदर्शनकारियों पर थी।
जंतर-मंतर पर कितने जेन-जी प्रदर्शनकारी थे?
कंगना के अनुसार जंतर-मंतर पर कुल करीब 10,000 लोग जमा हुए थे, जिनमें से लगभग 2,000 ही जेन-जी थे। उन्होंने तर्क दिया कि इसे पूरी जेन-जी पीढ़ी का प्रदर्शन नहीं कहा जा सकता।
क्या कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर भी टिप्पणी की?
हाँ, कंगना ने अपनी सफाई में राहुल गांधी पर व्यंग्य करते हुए कहा कि वह खुद युवा हैं और राहुल गांधी की तरह '55-60 साल की युवा' नहीं हैं। यह कांग्रेस की 'युवा नेता' छवि पर सीधा कटाक्ष माना जा रहा है।
इस विवाद का राजनीतिक असर क्या है?
BJP सांसद कंगना के बयान को विपक्ष ने युवाओं के खिलाफ बताया, जबकि कंगना ने कांग्रेस पर उनके बयान को तोड़-मरोड़ने का आरोप लगाया। यह विवाद जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन को लेकर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच चल रही व्यापक राजनीतिक जंग का हिस्सा बन गया है।
राष्ट्र प्रेस
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