28 जुलाई 2026
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कंगना की छात्र-प्रदर्शन टिप्पणी पर बीजेडी सांसद खुंटिया का पलटवार, NEET और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

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कंगना की छात्र-प्रदर्शन टिप्पणी पर बीजेडी सांसद खुंटिया का पलटवार, NEET और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

सारांश

बीजेडी सांसद सुभाषिश खुंटिया ने कंगना रनौत की छात्र-प्रदर्शन टिप्पणी को अनुचित ठहराया और कहा कि BJP सांसद को बयानबाज़ी की जगह शिक्षा मंत्री से बात कर NEET की समस्याओं का हल निकालना चाहिए था। साथ ही उन्होंने BJP पर बीजेडी को राजनीतिक रूप से कमज़ोर करने का आरोप भी लगाया।

मुख्य बातें

बीजेडी सांसद सुभाषिश खुंटिया ने 28 जुलाई को कंगना रनौत की छात्र-प्रदर्शन टिप्पणी को अनुचित और अशोभनीय बताया।
खुंटिया के अनुसार, जंतर-मंतर पर एकत्रित छात्र NEET परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था की खामियों को लेकर आए थे।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान 980 लोगों की जांच की; खुंटिया ने कहा कि जांच एजेंसियों को काम करने दिया जाए।
एनडीए संसदीय बैठक में पहली बार एनसीपीआई को बुलाए जाने पर खुंटिया ने BJP पर बीजेडी को राजनीतिक रूप से कमज़ोर करने का आरोप लगाया।
खुंटिया ने चेताया कि जनता अगले चुनाव में BJP को इस राजनीति का जवाब देगी।

बीजू जनता दल (बीजेडी) के सांसद सुभाषिश खुंटिया ने 28 जुलाई को नई दिल्ली में केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कई मोर्चों पर तीखा हमला बोला। उनका निशाना था — जंतर-मंतर पर छात्र-प्रदर्शन पर अभिनेत्री एवं BJP सांसद कंगना रनौत की टिप्पणी, दिल्ली पुलिस द्वारा 980 लोगों की जांच, और एनडीए की संसदीय बैठक में एनसीपीआई को पहली बार आमंत्रित किया जाना। खुंटिया ने स्पष्ट कहा कि छात्रों का आंदोलन उनके भविष्य और देश की शिक्षा व्यवस्था से सीधे जुड़ा था, इसलिए उस पर की गई टिप्पणियां किसी भी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देतीं।

कंगना रनौत की टिप्पणी पर खुंटिया का रुख

कंगना रनौत द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों से जुड़े विवाद पर की गई टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर खुंटिया ने कहा, 'जो जैसे हैं, वो उसी तरह से टिप्पणी देंगे।' उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि व्यक्तिगत आलोचना से ज़्यादा ज़रूरी यह समझना है कि छात्र आखिर सड़कों पर क्यों उतरे। उनके अनुसार, जंतर-मंतर पर एकत्रित युवा NEET परीक्षा और अपने भविष्य से जुड़ी गंभीर चिंताओं को लेकर दिल्ली पहुंचे थे।

खुंटिया ने यह भी कहा कि BJP सरकार का हिस्सा होने के नाते कंगना रनौत को पहले शिक्षा मंत्री से बातचीत कर छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश करनी चाहिए थी। 'किसी भी जनप्रतिनिधि को बयान देने से पहले यह समझना चाहिए कि प्रदर्शन के पीछे छात्रों की चिंता और उनका भविष्य जुड़ा हुआ है' — यह उनका सीधा संदेश था।

शिक्षा व्यवस्था पर बढ़ता अविश्वास

बीजेडी सांसद ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर युवाओं का भरोसा लगातार कमज़ोर हो रहा है और इसी कारण बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि प्राथमिकता शिक्षा व्यवस्था में सुधार होनी चाहिए, न कि ऐसे बयानों से छात्रों के बीच लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश। यह ऐसे समय में आया है जब NEET परीक्षा को लेकर देशभर में छात्रों में असंतोष की लहर है और शिक्षा नीति पर संसद में भी सवाल उठते रहे हैं।

दिल्ली पुलिस की जांच पर प्रतिक्रिया

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा 980 लोगों की जांच किए जाने के सवाल पर खुंटिया ने संयमित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जांच करना पुलिस का काम है और वही बता सकती है कि उसने किस आधार पर कार्रवाई की। उनके अनुसार, दिल्ली देश की राजधानी है जहां देशभर से लोग आते-जाते रहते हैं, इसलिए पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जिन लोगों की जांच हुई वे वास्तव में प्रदर्शन में शामिल थे या नहीं। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को अपना काम करने दिया जाना चाहिए।

एनसीपीआई को एनडीए बैठक में बुलाने पर BJP पर निशाना

एनडीए की साप्ताहिक संसदीय दल की बैठक में पहली बार एनसीपीआई को आमंत्रित किए जाने पर खुंटिया ने BJP पर सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि BJP अब बीजू जनता दल से राजनीतिक रूप से घबराई हुई है। उनके अनुसार, जो दल युवाओं और जनहित के मुद्दों पर सरकार का विरोध कर रहे हैं, उन्हें कमज़ोर करने की कोशिश की जा रही है। खुंटिया ने आरोप लगाया कि BJP विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों को अपने साथ जोड़ने के लिए दबाव, प्रलोभन और राजनीतिक रणनीतियों का सहारा ले रही है और उनकी पार्टी के कुछ सांसद भी इसी तरह BJP के साथ चले गए हैं।

लोकतंत्र और जनादेश पर खुंटिया का संदेश

खुंटिया ने अंत में कहा कि लोकतंत्र और संविधान में सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन वर्तमान में जिस तरह की राजनीति की जा रही है वह स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास पाँच वर्षों का जनादेश है, लेकिन उचित समय आने पर जनता अपना फैसला सुनाएगी और अगले चुनाव में BJP को इसका जवाब मिलेगा। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल केंद्र सरकार पर शिक्षा और रोज़गार के मुद्दों पर लगातार दबाव बना रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल गहरा है — NEET विवाद के बाद भी सरकार ने परीक्षा सुधार पर ठोस कदम क्यों नहीं उठाए? जब सत्तारूढ़ दल के सांसद प्रदर्शनकारी छात्रों पर टिप्पणी करते हैं और विपक्ष उसे राजनीतिक हथियार बनाता है, तो असली पीड़ित — लाखों परीक्षार्थी — हाशिये पर चले जाते हैं। एनसीपीआई को एनडीए बैठक में बुलाना BJP की गठबंधन-विस्तार रणनीति का हिस्सा हो सकता है, लेकिन इसे बीजेडी के लिए खतरे के रूप में पेश करना खुंटिया की अपनी पार्टी की आंतरिक चुनौतियों को भी उजागर करता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कंगना रनौत ने छात्र प्रदर्शन पर क्या टिप्पणी की थी?
BJP सांसद कंगना रनौत ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों से जुड़े हिंसा-विवाद पर टिप्पणी की थी, जिसे बीजेडी सांसद सुभाषिश खुंटिया ने अनुचित और अशोभनीय बताया। खुंटिया का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि को बयान देने से पहले छात्रों की चिंताओं को समझना चाहिए।
जंतर-मंतर पर छात्र क्यों प्रदर्शन कर रहे थे?
खुंटिया के अनुसार, छात्र NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों और शिक्षा व्यवस्था की खामियों को लेकर जंतर-मंतर पर एकत्रित हुए थे। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर युवाओं का भरोसा लगातार कमज़ोर हो रहा है।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कितने लोगों की जांच की?
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान 980 लोगों की जांच की। बीजेडी सांसद खुंटिया ने कहा कि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि जिन लोगों की जांच हुई वे वास्तव में प्रदर्शन में शामिल थे या नहीं।
एनडीए संसदीय बैठक में एनसीपीआई को बुलाने पर बीजेडी की क्या आपत्ति है?
बीजेडी सांसद खुंटिया ने आरोप लगाया कि BJP बीजेडी से राजनीतिक रूप से घबराई हुई है और विपक्षी दलों को कमज़ोर करने के लिए दबाव व प्रलोभन का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के कुछ सांसद भी इसी तरह BJP के साथ चले गए हैं।
सुभाषिश खुंटिया ने सरकार को क्या सुझाव दिया?
खुंटिया ने सरकार से आग्रह किया कि वह बयानबाज़ी की जगह शिक्षा व्यवस्था में ठोस सुधार पर ध्यान दे। उन्होंने यह भी कहा कि BJP सांसद कंगना रनौत को पहले शिक्षा मंत्री से बातचीत कर छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश करनी चाहिए थी।
राष्ट्र प्रेस
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