31 जुलाई 2026
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जंतर मंतर हिंसा पर BJP सांसद कमलजीत सहरावत बोलीं — छात्रों के नाम पर उत्पात बर्दाश्त नहीं; कांग्रेस ने पैलेट गन और लाठीचार्ज के आदेश पर माँगा जवाब

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जंतर मंतर हिंसा पर BJP सांसद कमलजीत सहरावत बोलीं — छात्रों के नाम पर उत्पात बर्दाश्त नहीं; कांग्रेस ने पैलेट गन और लाठीचार्ज के आदेश पर माँगा जवाब

सारांश

जंतर मंतर प्रदर्शन के बाद राजनीतिक तापमान बढ़ा — BJP सांसद कमलजीत सहरावत ने हिंसा के लिए असामाजिक तत्वों को ज़िम्मेदार ठहराया, जबकि कांग्रेस ने पैलेट गन और लाठीचार्ज के आदेश पर गृह मंत्री अमित शाह से सीधे जवाब माँगा। सवाल एक ही है — आदेश किसने दिया?

मुख्य बातें

BJP सांसद कमलजीत सहरावत ने 31 जुलाई को कहा कि जंतर मंतर पर हुड़दंग मचाने वाले वास्तविक छात्र नहीं थे, बल्कि असामाजिक तत्व थे।
सांसद ने माँग की कि प्रदर्शन में घुसे उपद्रवियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने पैलेट गन , AK-47 , लाठीचार्ज और आँसू गैस के इस्तेमाल के आदेश पर सरकार से जवाब माँगा।
कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सार्वजनिक रूप से सामने आकर स्थिति स्पष्ट करने की अपील की।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार 'प्रायोजित तरीके' से एक वर्ग को दूसरे से लड़ाने की कोशिश कर रही है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कमलजीत सहरावत ने 31 जुलाई को स्पष्ट कहा कि नई दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान हुड़दंग मचाने वाले लोग वास्तविक छात्र नहीं हो सकते, क्योंकि असली छात्र ऐसा कभी नहीं करेंगे। उनके अनुसार, कुछ असामाजिक तत्व छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन में घुस आए और उन्होंने ऐसा माहौल बनाया जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने केंद्र सरकार से पैलेट गन और लाठीचार्ज के आदेश की जवाबदेही माँगी है।

BJP सांसद का बयान: छात्र नहीं, असामाजिक तत्व थे ज़िम्मेदार

सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा, 'हम छात्रों के साथ हैं। छात्रों की अपनी चिंताएँ होती हैं और वे अपने भविष्य को लेकर स्वाभाविक रूप से चिंतित रहते हैं।' उन्होंने यह भी माना कि छात्रों के एक वर्ग को सरकार की किसी कार्यप्रणाली पर आपत्ति हो सकती है, लेकिन उनका कहना था कि वे इस तरह का उत्पात नहीं मचाएँगे जैसा जंतर मंतर पर देखने को मिला।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन में शामिल असामाजिक तत्वों ने पुलिस के साथ जो बर्बरता की, उसे पूरे देश ने देखा। सांसद ने माँग की कि ऐसे लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

कांग्रेस का सवाल: पैलेट गन और लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया?

कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि जिन लोगों पर पैलेट गन और AK-47 का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया, उन्हीं मुद्दों पर वे सरकार से जवाब माँग रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई उत्तर नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा, 'अगर जंतर मंतर पर लाठीचार्ज हुआ, पैलेट गन चली, आँसू गैस के गोले दागे गए और पानी की बौछारें छोड़ी गईं — तो यह सब किसके आदेश पर हुआ?'

उनके अनुसार, सरकार की ओर से एक वर्ग को दूसरे वर्ग से लड़ाने की कोशिश की जा रही है और एक 'प्रायोजित माहौल' बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सरकार जवाबदेही तय नहीं करती, यह लड़ाई जारी रहेगी।

गृह मंत्री से जवाब की माँग

कांग्रेस सांसद ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीधे सामने आकर जवाब देने की अपील की। उनका कहना था कि जिस अधिकारी ने बल प्रयोग का आदेश दिया, उसे सार्वजनिक रूप से सामने आना चाहिए और सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत का कोई ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया, जो पारदर्शिता की कमी को दर्शाता है।

घटनाक्रम की पृष्ठभूमि

यह विवाद जंतर मंतर पर हुए उस विरोध प्रदर्शन के बाद उभरा है जिसमें पुलिसकर्मी भी घायल हुए। घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों ने प्रेसवार्ता कर अपनी पीड़ा साझा की, जिसके बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला तेज़ हो गया। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में छात्र आंदोलनों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तनाव पहले से बढ़ा हुआ है।

आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद में भी तीखी बहस की संभावना है, जबकि विपक्षी दल सरकार से लिखित जवाब की माँग पर अड़े हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

सत्तापक्ष 'बाहरी तत्वों' का तर्क देता है और विपक्ष बल प्रयोग की जवाबदेही माँगता है। असली सवाल यह है कि पैलेट गन और लाठीचार्ज जैसे कदमों के आदेश की पारदर्शी जाँच होगी या नहीं। सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत का ब्यौरा सार्वजनिक न होना इस पूरे प्रकरण में जवाबदेही की कमी को और गहरा करता है। जब तक बल प्रयोग के आदेश की श्रृंखला सार्वजनिक नहीं होती, यह विवाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे नहीं बढ़ेगा।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जंतर मंतर विरोध प्रदर्शन में क्या हुआ था?
नई दिल्ली के जंतर मंतर पर एक छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़की, जिसमें पुलिसकर्मी भी घायल हुए। प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन, लाठीचार्ज, आँसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया गया।
BJP सांसद कमलजीत सहरावत ने हिंसा पर क्या कहा?
BJP सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि हिंसा करने वाले वास्तविक छात्र नहीं थे, बल्कि असामाजिक तत्व थे जो शांतिपूर्ण प्रदर्शन में घुस आए। उन्होंने ऐसे उपद्रवियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की माँग की।
कांग्रेस ने सरकार से क्या जवाब माँगा है?
कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने माँग की है कि सरकार यह स्पष्ट करे कि पैलेट गन, लाठीचार्ज और आँसू गैस के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सार्वजनिक रूप से सामने आकर जवाब देने की अपील की है।
क्या सरकार और छात्रों के बीच कोई बातचीत हुई थी?
कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह के अनुसार, सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत का कोई ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने इसे पारदर्शिता की कमी बताया।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
विपक्षी दल सरकार से लिखित जवाब की माँग पर अड़े हुए हैं और आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर तीखी बहस की संभावना है। कांग्रेस ने कहा है कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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