हरियाणा CM नायब सिंह सैनी ने तालाब प्रबंधन बैठक में दिए अहम निर्देश, 6,777 तालाबों की सफाई पूरी
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 19 मई 2026 को हरियाणा तालाब और अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के तालाबों के प्रबंधन, सौंदर्यीकरण और अपशिष्ट जल नियंत्रण को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। राज्य में अब तक 6,777 तालाबों की सफाई का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष तालाबों की सफाई प्रक्रिया जारी है।
मुख्य निर्देश और नीतिगत दिशा
मुख्यमंत्री सैनी ने स्पष्ट किया कि तालाबों के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि गंदा पानी तालाबों में न जमा हो। उन्होंने कहा कि जिन गाँवों में जोहड़ आबादी के बीच स्थित हैं, वहाँ सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। तालाबों के रख-रखाव की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों को सौंपी जाए।
थ्री-पॉन्ड सिस्टम और मत्स्य पालन को बढ़ावा
सीएम ने निर्देश दिए कि गाँवों का गंदा पानी सीधे तालाबों में न छोड़ा जाए, बल्कि इसके लिए थ्री-पॉन्ड सिस्टम विकसित किया जाए। बड़े तालाबों में मछली पालन को प्रोत्साहित करने के लिए ऑनलाइन ऑक्शन पोर्टल के माध्यम से तालाबों की बोली लगाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विज़न है कि गाँवों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
विपक्ष पर सैनी का पलटवार
एक दिन पूर्व, 18 मई को, मुख्यमंत्री सैनी ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) की भर्तियों पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) द्वारा उठाए जा रहे सवालों को 'सिर्फ राजनीतिक स्टंट' करार दिया था।
मीडिया से बातचीत में सैनी ने कहा कि कांग्रेस और INLD के शासनकाल में मेरिट को प्राथमिकता नहीं दी गई और उस दौर में युवाओं का सरकारी भर्ती प्रक्रिया पर से भरोसा उठ गया था। उनके अनुसार, लोगों को यह लगने लगा था कि केवल पढ़ाई और परिश्रम से सरकारी नौकरी मिलना संभव नहीं है।
आगे क्या
प्रदेश में शेष तालाबों की सफाई का कार्य प्रगति पर है। ऑनलाइन ऑक्शन पोर्टल और थ्री-पॉन्ड सिस्टम के क्रियान्वयन की समयसीमा अधिकारियों द्वारा तय की जाएगी। ग्राम पंचायतों को तालाब रख-रखाव की जवाबदेही सौंपे जाने से स्थानीय स्तर पर जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।