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केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर सपा नेता मान सिंह यादव का पलटवार — 'अहंकार कभी सफल नहीं होता'

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केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर सपा नेता मान सिंह यादव का पलटवार — 'अहंकार कभी सफल नहीं होता'

सारांश

उत्तर प्रदेश की राजनीति में जुबानी जंग तेज़ — उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रामलीला मैदान रैली को 'फ्लॉप' बताते हुए राहुल और अखिलेश पर निशाना साधा, तो सपा नेता मान सिंह यादव ने 'अहंकार कभी सफल नहीं होता' कहकर करारा जवाब दिया। 2027 चुनाव से पहले बयानबाज़ी चरम पर है।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स (X) पर 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली को 'फ्लॉप' बताया — दावा किया दस लाख के लक्ष्य के मुकाबले केवल दस हज़ार लोग जुटे।
मौर्य ने कहा राहुल गांधी और अखिलेश यादव को असली पद पाने में 30 साल लगेंगे।
कौशांबी में सपा नेता मान सिंह यादव ने पलटवार किया — 'BJP का अहंकार बोल रहा है, इतिहास में घमंड कभी सफल नहीं हुआ।' यादव ने मौर्य के बयान को 'संविधान खत्म करने के ऐलान जैसा' बताया।
सपा ने नागपुर एमएलसी चुनाव परिणाम का हवाला देते हुए कहा जनता BJP का झूठ पहचान चुकी है।
गृह मंत्री अमित शाह के 'अंगद के पैर' बयान और सीएम योगी आदित्यनाथ की 'श्राप' टिप्पणी पर भी सपा ने तंज़ कसा।

समाजवादी पार्टी (सपा) नेता मान सिंह यादव ने 2 नवंबर 2026 को कौशांबी में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के उस बयान पर कड़ा पलटवार किया, जिसमें मौर्य ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा था। यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं का अहंकार बोल रहा है और इतिहास गवाह है कि घमंड कभी सफल नहीं हुआ।

मौर्य का मूल बयान क्या था

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की रैली को 'फ्लॉप' करार दिया। उन्होंने लिखा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने दस लाख की भीड़ का लक्ष्य रखा, किंतु वहाँ केवल दस हज़ार लोग ही जुट सके।

मौर्य ने आगे लिखा कि जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 'तख्तापलट के मंसूबे' को नकार दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव 'नकली' प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तो बन सकते हैं, लेकिन असली पद पाने में दोनों को 30 साल लग जाएँगे।

सपा नेता का पलटवार

सपा नेता मान सिंह यादव ने कौशांबी में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि BJP नेताओं के ऐसे बयान संविधान को समाप्त करने की मंशा जैसे लगते हैं। उन्होंने कहा, 'जनमानस ने तय कर लिया है कि भाजपा को देश और प्रदेश से हटाना है।' यादव ने एमएलसी चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन्होंने इसे 'सेमीफाइनल' बताया था, वे उसमें भी हार गए।

यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 'अंगद के पैर' वाले बयान पर भी तंज़ कसा और सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस वक्तव्य को दोहराया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के लिए जमीन नहीं बची है।

योगी आदित्यनाथ की टिप्पणी पर सपा की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा समाजवादी पार्टी को 'श्राप' बताए जाने पर सपा नेता मान सिंह यादव ने कहा कि ऐसा बयान कहीं न कहीं अहंकार को दर्शाता है। उन्होंने BJP नेताओं को समाजवादी आंदोलन के वरिष्ठ नेताओं का इतिहास पढ़ने की सलाह दी।

नागपुर एमएलसी चुनाव परिणाम पर प्रतिक्रिया

नागपुर में हुए एमएलसी चुनाव के नतीजों पर सपा नेता ने कहा कि जनता इनके झूठ को भली-भाँति पहचान चुकी है। उनके अनुसार, यह परिणाम इस बात का संकेत है कि सत्तारूढ़ दल के दावों और जमीनी हकीकत के बीच गहरी खाई है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो चुकी है। इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान रैली को विपक्ष ने 'एकता प्रदर्शन' बताया था, जबकि सत्तारूढ़ दल ने इसे विफल करार दिया। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों पक्ष पिछड़े वर्गों और ओबीसी मतदाताओं को लुभाने की कोशिश में लगे हैं, जो यूपी चुनाव की निर्णायक कड़ी मानी जाती है। आने वाले हफ्तों में दोनों खेमों की ओर से और तीखे बयान आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले ओबीसी और पिछड़े वर्गों के बीच कौन अधिक प्रभावी आख्यान गढ़ पाता है। मौर्य खुद ओबीसी राजनीति के प्रतीक हैं और सपा के लिए यह वर्ग परंपरागत आधार है — इसलिए यह जुबानी जंग महज़ शब्दों की लड़ाई नहीं, बल्कि मतदाताओं के मनोविज्ञान को प्रभावित करने की कोशिश है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस बयानबाज़ी के पीछे की जातीय राजनीति को नज़रअंदाज़ कर देती है। एमएलसी चुनाव परिणाम का सपा द्वारा उद्धरण यह भी दर्शाता है कि विपक्ष अब स्थानीय चुनावी नतीजों को बड़े राजनीतिक आख्यान से जोड़ने की रणनीति अपना रहा है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केशव प्रसाद मौर्य ने रामलीला मैदान रैली के बारे में क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली को 'फ्लॉप' बताया। उन्होंने दावा किया कि इंडिया ब्लॉक का दस लाख की भीड़ का लक्ष्य था, लेकिन केवल दस हज़ार लोग जुटे।
सपा नेता मान सिंह यादव ने मौर्य के बयान पर क्या जवाब दिया?
सपा नेता मान सिंह यादव ने कौशांबी में कहा कि यह BJP के नेताओं का अहंकार बोल रहा है और इतिहास में घमंड कभी सफल नहीं हुआ। उन्होंने मौर्य के बयान को 'संविधान खत्म करने के ऐलान जैसा' भी करार दिया।
मौर्य ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बारे में क्या टिप्पणी की?
मौर्य ने कहा कि राहुल गांधी 'नकली प्रधानमंत्री' और अखिलेश यादव 'नकली मुख्यमंत्री' तो बन सकते हैं, लेकिन असली पद पाने में दोनों को 30 साल लग जाएँगे।
सपा ने नागपुर एमएलसी चुनाव का उल्लेख क्यों किया?
सपा नेता ने नागपुर एमएलसी चुनाव परिणाम का हवाला देते हुए कहा कि जनता BJP के दावों का झूठ पहचान चुकी है। उन्होंने तर्क दिया कि जिन्होंने इस चुनाव को 'सेमीफाइनल' बताया था, वे उसमें भी हार गए।
योगी आदित्यनाथ की 'श्राप' वाली टिप्पणी पर सपा का क्या कहना है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा समाजवादी पार्टी को 'श्राप' बताए जाने पर सपा नेता मान सिंह यादव ने कहा कि यह बयान अहंकार को दर्शाता है। उन्होंने BJP नेताओं को समाजवादी आंदोलन के वरिष्ठ नेताओं का इतिहास देखने की नसीहत दी।
राष्ट्र प्रेस
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