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समायरा राघव: WPL 2026 में गुजरात जायंट्स ने ₹10 लाख में खरीदा, पिता का अधूरा क्रिकेट सपना बेटी पूरा करेगी

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समायरा राघव: WPL 2026 में गुजरात जायंट्स ने ₹10 लाख में खरीदा, पिता का अधूरा क्रिकेट सपना बेटी पूरा करेगी

सारांश

16 साल की समायरा राघव को WPL ऑक्शन में गुजरात जायंट्स ने ₹10 लाख में खरीदा — बिलासपुर के एक होटल रूम में चिल्लाहट गूँज उठी। पिता सुनील राघव IIM कलकत्ता से MBA-धारी हैं, जो खुद भारत के लिए नहीं खेल सके। अब बेटी उस अधूरे सपने को मैदान पर पूरा करने की राह पर है।

मुख्य बातें

गुजरात जायंट्स ने 16 साल की समायरा राघव को WPL 2026 ऑक्शन में ₹10 लाख के बेस प्राइस पर खरीदा।
समायरा को ऑक्शन पूल में अंतिम समय में जगह मिली — कुल खिलाड़ियों की संख्या 146 से 150 हुई।
अंडर-19 महिला टी20 ट्रॉफी में 7 पारियों में 162 रन , केवल 3 बार आउट।
अंडर-19 चैलेंजर ट्रॉफी में 44 गेंदों पर 78 रन (6 चौके, 6 छक्के), टीम को 27/3 के संकट से उबारा।
पिता सुनील राघव IIM कलकत्ता से MBA-धारी; माँ पूजा जैन मैकिन्से की पूर्व पार्टनर; दंपति ' एलिमेंटरी ' नाम की बैटरी-रीसाइक्लिंग कंपनी चलाते हैं।
अंडर-19 वर्ल्ड कप चयन पर WPL छोड़ने को तैयार; देश के लिए खेलना पहली प्राथमिकता।

समायरा राघव को महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 के ऑक्शन में गुजरात जायंट्स ने ₹10 लाख के बेस प्राइस पर खरीदा — और इसी के साथ 16 साल की इस युवा क्रिकेटर के उस सफर को पहली सार्वजनिक स्वीकृति मिली, जो नौ साल पहले एक क्रिकेट एकेडमी के पहले सेशन से शुरू हुआ था। समायरा के पिता सुनील राघव खुद भारत के लिए क्रिकेट खेलने का सपना पूरा नहीं कर सके, और अब वे अपनी बेटी में वह सपना जीते हुए नज़र आते हैं।

ऑक्शन का वह पल: बिलासपुर के होटल रूम में चिल्लाहट

समायरा और उनके माता-पिता दोनों ही ऑक्शन की लाइव कवरेज से बचना चाहते थे। परिवार को डर था कि अगर कोई फ्रेंचाइज़ी उन्हें नहीं चुनती, तो इतनी कम उम्र में उस निराशा को सँभालना कठिन होगा। ऑक्शन से एक दिन पहले उन्हें पता चला कि उन्हें अंतिम समय में 150 खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया गया — पहले यह संख्या 146 थी। यह जानकारी उन्हें सबसे पहले इंस्टाग्राम स्टोरी से मिली, फिर माँ ने भी मैसेज किया।

बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश) के अपने होटल रूम में — जहाँ वह अंडर-19 विमेंस टी20 चैलेंजर्स टूर्नामेंट में 'टीम डी' की ओर से खेल रही थीं — समायरा ने अपने नाम से पाँच मिनट पहले लाइव ऑक्शन देखना शुरू किया। समायरा ने बताया, 'मैंने अपने नाम के साथ गुजरात जायंट्स का पैडल ऊपर उठते हुए देखा, जिसके बाद मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। हम दोनों ने होटल के कमरे में जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। वह पल बिल्कुल किसी सपने जैसा था।'

पिता का अधूरा सपना, बेटी की उड़ान

23 जनवरी 2010 को जन्मी समायरा का खेलों से पहला परिचय 100 मीटर और 200 मीटर की दौड़ से हुआ। लेकिन पिता सुनील राघव — जो कॉलेज के दिनों तक लेग-स्पिनर के रूप में खेलते थे — उन्हें क्रिकेट की राह पर ले गए। सात साल की उम्र में एक क्रिकेट एकेडमी के पहले ही सेशन में फील्डिंग के दौरान समायरा को खेल से प्यार हो गया।

सुनील ने कालांतर में IIM कलकत्ता से MBA किया और अमेरिका व भारत में डॉव केमिकल्स, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज तथा टोटल (आर्केमा ग्लोबल) जैसी कंपनियों में तकनीक के क्षेत्र में काम किया। समायरा ने बताया, 'मुझे लगता है कि उनकी खुद की इच्छा थी कि वे भारत के स्तर पर क्रिकेट खेलें, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए। इसलिए, अब वे शायद मुझमें अपना सपना देखते हैं।'

समायरा की माँ पूजा जैन ने मैकिन्से एंड कंपनी में एक दशक तक काम किया, पार्टनर तक का सफर तय किया और उनके पास दो अमेरिकी पेटेंट भी हैं। यह दंपति अब 'एलिमेंटरी' नाम की कंपनी चलाते हैं, जो लिथियम-आयन बैटरी की एंड-टू-एंड रीसाइक्लिंग में माहिर है — पूजा CEO और सुनील CTO हैं।

कोविड लॉकडाउन ने बनाया लेग-स्पिनर

शुरुआत में समायरा मुख्यतः सलामी बल्लेबाज के रूप में खेलती थीं। कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान गुरुग्राम की हाउसिंग सोसाइटी में बल्लेबाजी की जगह नहीं थी, इसलिए पिता ने उनकी लेग-स्पिन को निखारने पर ध्यान दिया। सुनील ही समायरा के पहले कोच बने। जैसे-जैसे समायरा बड़ी हुईं, उन्होंने मेट्रो से अकेले एकेडमी आना-जाना शुरू किया और पिता ने धीरे-धीरे खुद को पीछे कर लिया।

अब वह हौज खास स्थित 'सिटी क्रिकेट एकेडमी' में दीप्ति ध्यानी — जो दिल्ली सीनियर महिला टीम की हेड कोच भी हैं — के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग लेती हैं। यह एकेडमी दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (DDCA) से जुड़ी है और 'सॉनेट' नाम से खेलती है।

फिनिशर की भूमिका: मैदान पर धमाकेदार प्रदर्शन

सीनियर खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए जब बल्लेबाजी क्रम में नीचे भेजा गया, तो कोचों ने समायरा को सलाह दी — देर से बल्लेबाजी मिले तो छक्के लगाने की कला विकसित करो। समायरा ने बताया, 'पहले ज्यादातर जमीन पर शॉट खेले जाते थे, लेकिन अब खेल पूरी तरह बदल गया है। मैंने सोचा कि जो ट्रेंड चल रहा है, मुझे भी उसे सीखना चाहिए।'

विमेंस दिल्ली प्रीमियर लीग (WDPL) में 'नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स' की ओर से खेलते हुए समायरा ने यह साबित किया। 'साउथ दिल्ली सुपरस्टार्स' के खिलाफ उन्होंने 26 गेंदों पर 32 रन बनाए और टीम को 2 रनों से जीत दिलाई। 'ईस्ट दिल्ली राइडर्स' के खिलाफ 21 गेंदों में नाबाद 34 रन बनाए और सेकंड लास्ट गेंद पर छक्का जड़कर मैच जिताया। उन्होंने बताया, 'मुझे लगा कि अगर मैं सिंगल लेती, तो शायद हम मैच हार जाते। मैंने बस पूरी कोशिश की — शुक्र है कि गेंद बल्ले से अच्छे से कनेक्ट हुई।' गौरतलब है कि उनके रोल मॉडल पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी और विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋचा घोष हैं।

आँकड़े, WPL ट्रायल और आगे की राह

अंडर-19 महिला टी20 ट्रॉफी में दिल्ली की ओर से सात पारियों में 162 रन, केवल तीन बार आउट। अंडर-19 महिला टी20 चैलेंजर ट्रॉफी में टीम A के खिलाफ जब टीम 27/3 के संकट में थी, समायरा ने 44 गेंदों में 78 रन (6 चौके, 6 छक्के) बनाए और स्कोर 137/6 तक पहुँचाया। टीम B के खिलाफ 12 गेंदों में नाबाद 24 रन (2 चौके, 2 छक्के)।

मुंबई इंडियंस और गुजरात जायंट्स दोनों के ट्रायल में हिस्सा लेने वाली समायरा को गुजरात कैंप में गेंदबाजी कोच प्रवीण तांबे ने उनकी लेग-स्पिन क्षमता पर विशेष ध्यान दिया। अगर अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए चयन होता है तो उन्हें WPL से अनुपस्थित रहना पड़ सकता है, लेकिन समायरा देश के लिए खेलने को पहली प्राथमिकता मानती हैं। उन्होंने कहा, 'बस अपने रूटीन का पालन करूंगी, अनुशासित रहूंगी — बाकी सब भगवान देख लेंगे।'

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि IIM और मैकिन्से की दुनिया से भी निकल रही है। यह उल्लेखनीय है कि गुजरात जायंट्स ने उन्हें बल्लेबाजी और गेंदबाजी — दोनों के लिए चुना, जो बताता है कि महिला क्रिकेट में ऑलराउंड भूमिका की माँग तेज़ी से बढ़ रही है। हालाँकि ₹10 लाख के बेस प्राइस पर बिना किसी बोली-युद्ध के खरीदा जाना यह भी दर्शाता है कि घरेलू महिला क्रिकेट में युवा प्रतिभाओं की पहचान अभी भी फ्रेंचाइज़ियों के लिए सतर्क दाँव बनी हुई है — और यह सोच बदलनी चाहिए।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

समायरा राघव को WPL 2026 में किस टीम ने खरीदा और कितने में?
गुजरात जायंट्स ने समायरा राघव को WPL 2026 के ऑक्शन में उनके बेस प्राइस ₹10 लाख पर खरीदा। वह ऑक्शन पूल में अंतिम समय में जोड़े गए चार खिलाड़ियों में से एक थीं, जिससे कुल संख्या 146 से 150 हुई।
समायरा राघव कौन हैं और वे क्रिकेट में कैसे आईं?
समायरा राघव 23 जनवरी 2010 को जन्मी 16 वर्षीय दिल्ली की क्रिकेटर हैं, जो लेग-स्पिन गेंदबाज़ी और पावर-हिटिंग के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने सात साल की उम्र में पिता सुनील राघव के प्रोत्साहन पर क्रिकेट शुरू किया और अब हौज खास स्थित सिटी क्रिकेट एकेडमी में दीप्ति ध्यानी के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग लेती हैं।
अंडर-19 टूर्नामेंट में समायरा राघव का प्रदर्शन कैसा रहा?
अंडर-19 महिला टी20 ट्रॉफी में उन्होंने 7 पारियों में 162 रन बनाए और केवल 3 बार आउट हुईं। अंडर-19 चैलेंजर ट्रॉफी में 44 गेंदों पर 78 रन (6 चौके, 6 छक्के) की पारी खेलकर टीम को 27/3 के संकट से निकाला।
क्या समायरा राघव अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल सकती हैं?
अगर अंडर-19 वर्ल्ड कप में उनका चयन होता है तो उन्हें WPL से दूर जाना पड़ सकता है, लेकिन समायरा ने स्पष्ट किया है कि देश के लिए खेलना उनकी पहली प्राथमिकता होगी।
समायरा राघव के परिवार की पृष्ठभूमि क्या है?
उनके पिता सुनील राघव IIM कलकत्ता से MBA-धारी हैं और कॉलेज स्तर तक लेग-स्पिनर रहे। माँ पूजा जैन मैकिन्से एंड कंपनी की पूर्व पार्टनर और दो अमेरिकी पेटेंट-धारक हैं। यह दंपति अब 'एलिमेंटरी' नाम की लिथियम-आयन बैटरी रीसाइक्लिंग कंपनी चलाते हैं।
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