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अखिलेश के जयंत चौधरी पर तंज से UP सियासत गरमाई, केशव प्रसाद मौर्य ने माँगी माफी

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अखिलेश के जयंत चौधरी पर तंज से UP सियासत गरमाई, केशव प्रसाद मौर्य ने माँगी माफी

सारांश

अखिलेश यादव के परोक्ष तंज ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नई हलचल मचा दी है। जयंत चौधरी के जवाब के बाद अब उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और मायावती भी मैदान में उतर आए हैं — और यह विवाद 2027 चुनाव से पहले जाट-पिछड़ा समीकरण को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए जयंत चौधरी पर तंज कसा — 'चवन्नी का रुपया बना दिया, फिर भी..।' जयंत चौधरी ने एक्स पर पलटवार किया और जाट समाज को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पोस्ट के ज़रिए अखिलेश से जयंत चौधरी से तुरंत माफी माँगने की माँग की।
मायावती भी इससे पहले अखिलेश के बयान की आलोचना कर चुकी हैं।
यह विवाद 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले PDA बनाम BJP-रालोद गठबंधन की सियासी लड़ाई को और तीखा बनाता है।

समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी पर परोक्ष तंज कसे जाने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती के बाद अब उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी अखिलेश यादव से जयंत चौधरी से सार्वजनिक माफी माँगने की माँग की है।

केशव प्रसाद मौर्य का पलटवार

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'नेताजी की कमाई, सपा बहादुर ने गंवाई। यह सोलह आने सच है। लेकिन इस छटपटाहट ने सपा बहादुर अखिलेश यादव का मनोबल ऐसा तोड़ा है कि अपनी ज़ुबान से अगड़ा, पिछड़ा और दलितों में किसी पर भी अपनी लाठी चला देते हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी पर 'घटिया बयान' देकर अखिलेश ने अपनी राजनीतिक बेचैनी उजागर कर दी है।

मौर्य ने यह भी कहा कि 'भारत रत्न' चौधरी चरण सिंह का सैफई परिवार पर इतना ऋण है जिसे सपा कभी नहीं चुका सकती, इसलिए अखिलेश यादव को जयंत चौधरी से तुरंत माफी माँगनी चाहिए।

अखिलेश का मूल बयान और जयंत का जवाब

गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने हाल ही में बिना नाम लिए कहा था, 'कहाँ-कहाँ से आ गए थे, चवन्नी का रुपया बना दिया, फिर भी..।' इसे जयंत चौधरी पर सीधा निशाना माना गया।

जवाब में जयंत चौधरी ने भी एक्स पर बिना नाम लिए लिखा, 'सियासत की लड़ाई में कुछ सस्ते शब्द बोलने ही थे तो मेरा नाम लेकर बोल देते, कोई बात नहीं थी… जाट समाज को टारगेट करना और कहना एबीसीडी हमने सिखाई? मैं इस अहंकार को देख चुका हूँ करीब से, और मानता हूँ ऐसा आचरण सिर्फ पतन लाता है।'

सियासी पृष्ठभूमि और PDA समीकरण

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब सपा अपने पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) एजेंडे के ज़रिए 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले अपना जनाधार मज़बूत करने में जुटी है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और रालोद का गठबंधन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट मतदाताओं को साधने की कोशिश में है।

मौर्य ने अपने पोस्ट में यह भी दावा किया कि 'अगड़ा-पिछड़ा-दलित की त्रिवेणी भाजपा के साथ है' और 2027 में उत्तर प्रदेश की जनता सपा को 'सैफई भेज देगी।'

विपक्षी एकता पर असर

यह बयानबाज़ी तब और अहम हो जाती है जब विपक्षी दल केंद्र सरकार के खिलाफ एकजुट मोर्चा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि सपा और रालोद के बीच इस तरह की तकरार विपक्षी एकता को कमज़ोर कर सकती है। जयंत के पलटवार के बाद दोनों नेताओं के बीच सियासी बयानबाज़ी और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2027 से पहले जाट मतदाताओं को लेकर सपा की बढ़ती बेचैनी का संकेत है — क्योंकि रालोद-BJP गठबंधन ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा की ज़मीन काफी हद तक खिसका दी है। विडंबना यह है कि PDA की राजनीति करने वाली सपा खुद जातीय तनाव की आग में घी डालती दिख रही है। केशव मौर्य और मायावती का एक साथ मैदान में उतरना बताता है कि BJP इस विवाद को 2027 के लिए भुनाने की पूरी तैयारी में है। असली सवाल यह है कि क्या अखिलेश इस सियासी नुकसान की भरपाई बिना माफी माँगे कर पाएँगे।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी पर क्या तंज कसा?
अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए कहा, 'कहाँ-कहाँ से आ गए थे, चवन्नी का रुपया बना दिया, फिर भी..।' इसे जयंत चौधरी पर सीधा निशाना माना गया, जो रालोद अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री हैं।
जयंत चौधरी ने अखिलेश के तंज का क्या जवाब दिया?
जयंत चौधरी ने एक्स पर बिना नाम लिए लिखा कि जाट समाज को टारगेट करना और 'एबीसीडी हमने सिखाई' जैसा अहंकार सिर्फ पतन लाता है। उन्होंने कहा कि सीधे नाम लेकर बोलते तो कोई बात नहीं थी।
केशव प्रसाद मौर्य ने इस विवाद में क्या कहा?
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर पोस्ट कर अखिलेश यादव से जयंत चौधरी से तुरंत माफी माँगने की माँग की। उन्होंने कहा कि 'भारत रत्न' चौधरी चरण सिंह का सैफई परिवार पर बड़ा ऋण है जिसे सपा कभी नहीं चुका सकती।
यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति पर क्या असर डालेगा?
यह तकरार 2027 विधानसभा चुनाव से पहले जाट-पिछड़ा समीकरण को प्रभावित कर सकती है। सपा PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) एजेंडे पर चल रही है, जबकि BJP-रालोद गठबंधन इस विवाद को अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश में है।
मायावती का इस मामले में क्या रुख है?
बसपा प्रमुख मायावती केशव प्रसाद मौर्य से पहले ही अखिलेश यादव के बयान की आलोचना कर चुकी हैं। इससे अखिलेश यादव एक साथ BJP, रालोद और बसपा — तीनों के निशाने पर आ गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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