एसआईआर विवाद: केशव मौर्य का राहुल, अखिलेश और ममता पर हमला — माफी मांगें विपक्षी नेता
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 27 सितंबर 2026 को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोला। मौर्य ने माँग की कि इन नेताओं को एसआईआर को लेकर फैलाए जा रहे 'दुष्प्रचार' पर देश की जनता से माफी माँगनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग पहले ही बता चुका है कि एसआईआर से संबंधित सभी निर्णय मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दोनों निर्वाचन आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
मुख्य आरोप और दलीलें
दिल्ली रवाना होने से ठीक पहले मीडिया से मुखातिब हुए मौर्य ने कहा कि विपक्षी नेताओं की राजनीति अब जनता के सामने बेनकाब हो चुकी है। उन्होंने तर्क दिया कि देश और उत्तर प्रदेश की जनता को भ्रमित करने की कोशिश अधिक समय तक नहीं टिक सकती।
मौर्य ने 'भेड़िया आया' की लोककथा का उदाहरण देते हुए कहा कि जो व्यक्ति बार-बार बेबुनियाद शोर मचाता है, उस पर वास्तविक संकट में कोई भरोसा नहीं करता। उनके अनुसार, विपक्ष की निरंतर बयानबाजी का असर अब आम जनता पर नहीं पड़ रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता से दूर होने की वजह से विपक्ष झूठ और दुष्प्रचार की राजनीति पर निर्भर हो गया है।
चुनाव आयोग की स्थिति और एसआईआर की पृष्ठभूमि
मौर्य ने ज़ोर देकर कहा कि चुनाव आयोग ने एसआईआर को लेकर अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है — सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वह तथ्यों के आधार पर बात करे, न कि राजनीतिक दुष्प्रचार के आधार पर।
गौरतलब है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मतदाता सूची से अपात्र या निष्क्रिय मतदाताओं को हटाने की प्रक्रिया है, जिस पर हाल के दिनों में विपक्षी दलों की ओर से आपत्तियाँ जताई गई हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया से हाशिए पर खड़े वर्गों के वैध मतदाताओं को सूची से बाहर किए जाने का खतरा है, जबकि सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कहना है कि यह पारदर्शिता और शुद्धता के लिए आवश्यक प्रशासनिक कदम है।
सपा के 'पीडीए' समीकरण पर निशाना
मौर्य ने आगामी विधानसभा चुनाव के राजनीतिक संदर्भ में समाजवादी पार्टी के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सामाजिक समीकरण को भी खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि पीडीए का कोई राजनीतिक भविष्य नहीं है। मौर्य के अनुसार, BJP समाज के हर वर्ग — गरीब, किसान, नौजवान, महिला और वंचितों — के हित में काम कर रही है और उसकी राजनीति सभी को साथ लेकर चलने की है।
उन्होंने दावा किया कि जनता ने भाजपा की नीतियों और कार्यशैली को स्वीकार किया है, जबकि विपक्ष जातीय समीकरणों और राजनीतिक दुष्प्रचार के सहारे सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है।
अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी पर श्रद्धांजलि
इस अवसर पर मौर्य ने राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे अशोक सिंघल को उनकी जन्म शताब्दी वर्ष पर श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि सिंघल ने राम जन्मभूमि आंदोलन को गति देने और हिंदू समाज में रामभक्ति तथा राष्ट्रभाव की चेतना को व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मौर्य के अनुसार, अशोक सिंघल के योगदान और रामभक्तों के दशकों लंबे संघर्ष के परिणामस्वरूप अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हो सका। उन्होंने कहा कि सिंघल की जन्म शताब्दी पर उनके अवदान का स्मरण करना गौरव का विषय है।
आगे का राजनीतिक परिदृश्य
एसआईआर पर यह बयानबाजी ऐसे समय में सामने आई है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की सियासी हलचल धीरे-धीरे तेज होती जा रही है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर यह टकराव आने वाले हफ्तों में और तीखा होने की संभावना है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने सामाजिक आधार को मजबूत करने में जुटे हैं।