30 अगस्त 2026
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जयंत चौधरी का अखिलेश यादव पर प्रहार: 'ट्विटर-ट्विटर' खेलने वाले नेता हर मुद्दे में जाति ढूंढ रहे हैं

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जयंत चौधरी का अखिलेश यादव पर प्रहार: 'ट्विटर-ट्विटर' खेलने वाले नेता हर मुद्दे में जाति ढूंढ रहे हैं

सारांश

जयंत चौधरी ने लखनऊ में अखिलेश यादव की पीडीए राजनीति को 'पीड़ा और बौखलाहट' बताया और कहा कि 'ट्विटर-ट्विटर' खेलने वाले नेता हर मुद्दे में जाति तलाश रहे हैं। रालोद को यूपी की जातीय राजनीति से ऊपर उठाने की कोशिश में यह उनका अब तक का सबसे तीखा बयान है।

मुख्य बातें

जयंत चौधरी ने 30 अगस्त 2026 को लखनऊ में अखिलेश यादव पर निशाना साधा, उनकी पीडीए राजनीति को 'पीड़ा और बौखलाहट' करार दिया।
बिना नाम लिए कहा कि लखनऊ में बैठे बड़े राजनीतिक अध्यक्ष 'ट्विटर-ट्विटर' का खेल खेल रहे हैं और हर मुद्दे में जाति तलाश रहे हैं।
राजनीति में असली मुद्दा अहंकार, भ्रष्टाचार, चोरी और धोखाधड़ी होना चाहिए — इसे उन्होंने 'एबीसीडी' कहा।
रालोद कार्यकारी अध्यक्ष अनुपम मिश्र ने दावा किया कि यूपी में कोई भी सरकार रालोद के बिना नहीं बनेगी।
नेता बीके शुक्ला ने वित्तविहीन निजी कॉलेजों की समस्या उठाई — यूपी में 50-55% उच्च शिक्षा इन्हीं संस्थानों पर निर्भर।

राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने 30 अगस्त 2026 को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक सम्मान समारोह में समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कड़ा हमला बोला। जयंत चौधरी ने बिना नाम लिए कहा कि लखनऊ में बैठे बड़े राजनीतिक अध्यक्ष आजकल 'ट्विटर-ट्विटर' का खेल खेल रहे हैं और हर मामले में जाति तलाश रहे हैं। उन्होंने अखिलेश की पीडीए राजनीति को 'पीड़ा और बौखलाहट' करार देते हुए रालोद को जातीय संघर्ष से दूर रहने की प्रतिबद्धता दोहराई।

सम्मान समारोह में क्या बोले जयंत चौधरी

जयंत चौधरी ने कहा, 'कुछ लोग झगड़ों को भी राजनीतिक चश्मे से देखते हैं और राजनीतिक रोटियाँ सेंकने की बात करते हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि रालोद उत्तर प्रदेश को जाति का अखाड़ा नहीं बनने देगा। उनके अनुसार राजनीति में असली मुद्दा अहंकार, भ्रष्टाचार, चोरी और धोखाधड़ी होना चाहिए — जिसे उन्होंने 'एबीसीडी' की संज्ञा दी।

चौधरी चरण सिंह की विरासत पर जोर

जयंत चौधरी ने अपने दादा चौधरी चरण सिंह की विरासत का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने कभी जातिवाद की राजनीति नहीं की और समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ाना चाहते थे। उन्होंने कहा, 'उनकी तस्वीर लगाना आसान है, लेकिन उनके बताए रास्ते पर चलना बेहद कठिन है।' उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न दलों ने चुनावों में चौधरी साहब का नाम तो भुनाया, परंतु उनके मूल्यों को नहीं अपनाया।

युवाओं और किसानों के मुद्दों पर बल

रालोद अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव में केवल जाति की चर्चा नहीं होनी चाहिए, बल्कि युवा, किसान, व्यापारी, उद्यमी, कुटीर उद्योग और शिक्षक जैसे मुद्दे भी केंद्र में होने चाहिए। उन्होंने कहा कि आज जेन-जी और जेन-अल्फा की पीढ़ी सामने है और युवाओं की परिभाषा भी बदल रही है। उन्होंने संगठन में नए विचारों वाले युवाओं को पुराने कार्यकर्ताओं का सहयोग और स्थान मिलने की वकालत की।

रालोद के विस्तार का दावा

कार्यक्रम में रालोद के कार्यकारी अध्यक्ष अनुपम मिश्र ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कोई भी सरकार रालोद की मदद के बिना नहीं बन पाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रभाव केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में भी पकड़ मजबूत की जाएगी।

वित्तविहीन कॉलेजों का मुद्दा भी उठा

रालोद नेता बीके शुक्ला ने जयंत चौधरी के समक्ष वित्तविहीन निजी कॉलेजों की समस्या रखी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 50 से 55 प्रतिशत निजी कॉलेज हैं, जिन पर उच्च शिक्षा का बड़ा बोझ है, परंतु सरकार की ओर से कोई वित्तीय सहायता नहीं मिलती। उन्होंने जयंत चौधरी से इस दिशा में सरकार स्तर पर विचार करने का आग्रह किया। यह टकराव ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की सरगर्मियाँ तेज हो रही हैं और विभिन्न दल अपनी-अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी परीक्षा तब होगी जब रालोद टिकट वितरण और गठबंधन की बात आएगी। मुख्यधारा की कवरेज इस भाषण को केवल व्यक्तिगत हमले के रूप में देख रही है, जबकि असली सवाल यह है कि क्या रालोद 2027 में पश्चिमी यूपी से बाहर अपनी प्रासंगिकता साबित कर पाएगी।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
जयंत चौधरी ने बिना नाम लिए अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि वे 'ट्विटर-ट्विटर' का खेल खेलते हुए हर मुद्दे में जाति तलाश रहे हैं। उन्होंने अखिलेश की पीडीए राजनीति को 'पीड़ा और बौखलाहट' करार दिया।
पीडीए राजनीति क्या है और जयंत चौधरी इसका विरोध क्यों कर रहे हैं?
पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाजवादी पार्टी का गठबंधन फॉर्मूला है जिसे अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगे बढ़ाया है। जयंत चौधरी का कहना है कि यह जातीय ध्रुवीकरण को बढ़ावा देता है, जबकि रालोद समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की राजनीति में विश्वास रखती है।
यह कार्यक्रम कहाँ और कब आयोजित हुआ?
यह सम्मान समारोह 30 अगस्त 2026 को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित किया गया था।
रालोद ने उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर क्या दावा किया?
रालोद के कार्यकारी अध्यक्ष अनुपम मिश्र ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कोई भी सरकार रालोद की मदद के बिना नहीं बन पाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी पश्चिमी यूपी के साथ-साथ पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में भी अपनी पकड़ मजबूत करेगी।
वित्तविहीन कॉलेजों का मुद्दा इस कार्यक्रम में क्यों उठा?
रालोद नेता बीके शुक्ला ने जयंत चौधरी के समक्ष यह मुद्दा उठाया कि उत्तर प्रदेश में 50 से 55 प्रतिशत निजी कॉलेज वित्तविहीन हैं और उन्हें सरकारी सहायता नहीं मिलती, जबकि उच्च शिक्षा का बड़ा बोझ इन्हीं पर है। उन्होंने जयंत चौधरी से सरकार स्तर पर इस दिशा में विचार करने का आग्रह किया।
राष्ट्र प्रेस
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