18 सितंबर 2026
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पीडीए पूरे जोश के साथ अखिलेश यादव के साथ: सपा नेता आशुतोष वर्मा का जयंत चौधरी पर पलटवार

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पीडीए पूरे जोश के साथ अखिलेश यादव के साथ: सपा नेता आशुतोष वर्मा का जयंत चौधरी पर पलटवार

सारांश

सपा नेता आशुतोष वर्मा ने जयंत चौधरी को 2022 की सियासी एकजुटता याद दिलाई और दावा किया कि पिछड़ा, दलित व अल्पसंख्यक वर्ग पूरी ताकत के साथ अखिलेश यादव के साथ है। उनका बयान उत्तर प्रदेश में 'पीडीए' की चुनावी रणनीति को और धार देता है।

मुख्य बातें

सपा नेता आशुतोष वर्मा ने 18 सितंबर 2026 को लखनऊ में आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी की बयानबाजी पर पलटवार किया।
वर्मा ने दावा किया कि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग पूरे जोश के साथ अखिलेश यादव के साथ खड़ा है और इस बार 'पीडीए' सरकार बनाएगा।
2022 के विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए वर्मा ने कहा कि जयंत चौधरी की पसंदीदा सीट पर अखिलेश ने कोई सवाल नहीं उठाया था।
वर्मा ने दिल्ली-एनसीआर प्रदूषण पर भाजपा को घेरते हुए यमुना सफाई न होने को प्रदूषण की बड़ी वजह बताया।
देश की अर्थव्यवस्था को 'खतरनाक स्तर' पर बताते हुए पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि और यूपीआई चार्ज पर सरकार को आड़े हाथों लिया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता आशुतोष वर्मा ने 18 सितंबर 2026 को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) प्रमुख जयंत चौधरी की हालिया राजनीतिक बयानबाजी, 'पीडीए' यात्रा और कई अन्य मुद्दों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। वर्मा ने स्पष्ट किया कि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग पूरी एकजुटता के साथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव के पीछे खड़ा है और इस बार 'पीडीए' ही सरकार बनाएगा।

जयंत चौधरी पर सपा का पलटवार

आशुतोष वर्मा ने जयंत चौधरी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'सपा की ओर से मेरा इतना ही कहना है कि वे मुंह खोलें या न खोलें, उनकी इच्छा है, लेकिन उनको भाजपा कितनी सीट दे रही है।' उन्होंने याद दिलाया कि 2022 के विधानसभा चुनाव में जिस सीट पर जयंत चौधरी ने उंगली रखी थी, उसे लेकर अखिलेश यादव ने एक भी सवाल नहीं उठाया था। वर्मा ने कहा कि आने वाले दो-तीन महीनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि चौधरी चरण सिंह का सम्मान इस प्रदेश में किसने किया — 'चौधरी चरण सिंह हमारे भी नायक हैं और हमारे भी गुरु रहे हैं।'

'पीडीए' यात्रा और चुनावी तैयारी

सपा की 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) यात्रा पर वर्मा ने कहा कि यह चुनावों का समय है और सपा पूरी तरह तैयार है। उन्होंने दावा किया कि 'इस बार पीडीए सरकार बनाने जा रहा है।' भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर हमला बोलते हुए वर्मा ने कहा कि भाजपा उस मर्म को नहीं समझ पा रही, जिस मर्म में 'पीडीए' शब्द की परिकल्पना की गई थी। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश में 'पीडीए' एक बड़ा सामाजिक वर्ग है — 'कभी वह पीड़ित पक्ष है, कभी ब्राह्मण भी रहा है और कभी पिछड़ा भी — इन सबको भाजपा के कुशासन का शिकार होना पड़ा है।'

दिल्ली-एनसीआर प्रदूषण और यमुना पर सवाल

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों पर वर्मा ने कहा कि जब तक यमुना नदी साफ नहीं होगी, प्रदूषण पर काबू पाना मुश्किल है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने दिल्ली में जलभराव का मुद्दा तो बनाया, लेकिन जमीनी स्तर पर केवल नैरेटिव बनाने का काम किया — 'लोगों के लिए कुछ भी नहीं किया।'

अर्थव्यवस्था और यूपीआई चार्ज पर चिंता

यूपीआई लेनदेन पर संभावित चार्ज और देश की आर्थिक स्थिति पर वर्मा ने कहा कि 'देश की अर्थव्यवस्था खतरनाक स्तर पर खड़ी है।' उन्होंने मध्य-पूर्व की अस्थिरता, रूस से डॉलर में तेल खरीद और ब्रिक्स देशों के साथ वित्तीय घाटे को चिंता के प्रमुख कारण बताया। वर्मा ने आरोप लगाया कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं, लेकिन सरकार इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है।

आगे क्या

सपा के इस आक्रामक रुख से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल तेज़ी से गर्म हो रहा है। 'पीडीए' गठबंधन की राजनीतिक दिशा और जयंत चौधरी की भाजपा के साथ स्थिति पर आने वाले महीनों में और स्पष्टता आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो जयंत चौधरी के भाजपा की ओर झुकाव को जातीय राजनीति की कसौटी पर कसती है। 'पीडीए' की परिभाषा को लगातार विस्तार देना — जिसमें अब ब्राह्मण तक को शामिल किया जा रहा है — दर्शाता है कि सपा एक संकीर्ण जातीय गोलबंदी की बजाय व्यापक विपक्षी छतरी बनाने की कोशिश में है। हालांकि दावे बड़े हैं, लेकिन 2022 में भी इसी तरह के गठबंधन का प्रयोग हुआ था और परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहे थे — इसलिए असली परीक्षा जमीनी संगठन और सीट-बँटवारे की है, न कि केवल बयानों की।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा नेता आशुतोष वर्मा ने जयंत चौधरी पर क्या कहा?
आशुतोष वर्मा ने कहा कि जयंत चौधरी मुंह खोलें या न खोलें, यह उनकी इच्छा है, लेकिन उन्हें 2022 के चुनाव में अखिलेश यादव का सहयोग और चौधरी चरण सिंह के प्रति सपा के सम्मान को याद रखना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि आगामी दो-तीन महीनों में राजनीतिक तस्वीर और साफ हो जाएगी।
'पीडीए' यात्रा क्या है और सपा का इससे क्या दावा है?
'पीडीए' यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक — यह समाजवादी पार्टी की चुनावी गोलबंदी की रणनीति है। आशुतोष वर्मा ने दावा किया कि यह वर्ग पूरे जोश के साथ अखिलेश यादव के साथ खड़ा है और इस बार 'पीडीए' सरकार बनाएगा।
वर्मा ने दिल्ली-एनसीआर प्रदूषण पर क्या कहा?
वर्मा ने कहा कि जब तक यमुना नदी साफ नहीं होगी, दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं किया, केवल नैरेटिव बनाने का काम किया।
सपा ने यूपीआई चार्ज और अर्थव्यवस्था पर क्या रुख अपनाया?
वर्मा ने देश की अर्थव्यवस्था को 'खतरनाक स्तर' पर बताया और मध्य-पूर्व की अस्थिरता, रूस से डॉलर में तेल खरीद तथा ब्रिक्स देशों के साथ वित्तीय घाटे को चिंता के कारण गिनाए। उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को सरकार स्वीकार करने को तैयार नहीं है।
चौधरी चरण सिंह को लेकर सपा का क्या रुख है?
आशुतोष वर्मा ने कहा कि चौधरी चरण सिंह सपा के भी नायक और गुरु रहे हैं। उन्होंने परोक्ष रूप से यह संदेश दिया कि जयंत चौधरी की तुलना में सपा ने चौधरी चरण सिंह के मूल्यों का अधिक सम्मान किया है।
राष्ट्र प्रेस
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