2 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ललित मोदी का सुझाव: IPL में 94 मैच हों, अक्टूबर से अप्रैल के बीच हो सीजन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ललित मोदी का सुझाव: IPL में 94 मैच हों, अक्टूबर से अप्रैल के बीच हो सीजन

सारांश

ललित मोदी का प्रस्ताव महज़ तारीखें बदलने का नहीं — यह आईपीएल के पूरे ढाँचे को फिर से परिभाषित करने की माँग है। 94 मैच, होम-एंड-अवे फॉर्मेट और अक्टूबर-अप्रैल का सीजन — अगर यह हुआ तो भारतीय क्रिकेट कैलेंडर की सबसे बड़ी पुनर्संरचना होगी।

मुख्य बातें

ललित मोदी ने 2 नवंबर 2026 को आईपीएल सीजन अक्टूबर से अप्रैल के बीच करने का प्रस्ताव रखा।
मैचों की संख्या मौजूदा 74 से बढ़ाकर 94 करने का सुझाव — 10 टीमों के बीच होम-एंड-अवे फॉर्मेट में 90 लीग मैच और 4 प्लेऑफ ।
टूर्नामेंट जनवरी से शुरू होना चाहिए — 2008 में अप्रैल-मई इसलिए चुना गया था क्योंकि वही एकमात्र उपलब्ध समय था।
आईसीसी चेयरमैन जय शाह से FTP में इस बदलाव को शामिल करने का आग्रह किया गया।
आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने इससे पहले टूर्नामेंट को दो विंडो में बाँटने का सुझाव दिया था।

आईपीएल के संस्थापक चेयरमैन ललित मोदी ने 2 नवंबर 2026 को आईपीएल के मौजूदा मार्च-मई के शेड्यूल को बदलकर अक्टूबर से अप्रैल के बीच करने का प्रस्ताव रखा है। उनके अनुसार, टूर्नामेंट जनवरी से शुरू होना चाहिए और मैचों की कुल संख्या बढ़ाकर 94 कर दी जानी चाहिए। यह प्रस्ताव क्रिकेट जगत में एक बड़े बदलाव की माँग करता है।

94 मैचों का गणित क्या है

ललित मोदी के प्रस्ताव का आधार एक स्पष्ट खेल-संबंधी तर्क है। 10 टीमों के बीच 'होम-एंड-अवे' फॉर्मेट में 90 लीग मैच और 4 प्लेऑफ मैच मिलाकर कुल 94 मैच बनते हैं — जो मौजूदा 74 मैचों से 20 अधिक हैं। प्रत्येक टीम को 9 होम और 9 अवे लीग मैच खेलने होंगे, जिससे हर शहर के दर्शक अपने स्टेडियम में सभी विरोधी टीमों को देख सकेंगे। उन्होंने कहा, 'हमने आठ टीमों और 59 मैचों के शेड्यूल के साथ शुरुआत की थी। अब बीसीसीआई ने लीग का विस्तार किया है और 10 टीमें जोड़ी हैं — तो कैलेंडर भी उसी हिसाब से विकसित होना चाहिए।'

मौजूदा टाइमिंग पर ललित मोदी की आपत्ति

ललित मोदी ने तर्क दिया कि 2008 में अप्रैल-मई का समय इसलिए चुना गया था क्योंकि तब क्रिकेट कैलेंडर में यही एकमात्र उपलब्ध खिड़की थी, न कि इसलिए कि यह आदर्श समय था। उन्होंने कहा, 'आज आप आईपीएल को जिस रूप में देख रहे हैं, उसे उन परिस्थितियों पर लागू न करें जिनमें मैंने इसे बनाया था।' उनके अनुसार, मई-जून की गर्मी और उमस खिलाड़ियों, दर्शकों और अन्य हितधारकों के लिए समस्या बनती है। उन्होंने सुझाया कि 'तारीखों और स्थानों का समझदारी से चुनाव करके' इस समस्या से बचा जा सकता है।

फुटबॉल लीग से तुलना और दीर्घकालिक तर्क

ललित मोदी ने यूरोपीय फुटबॉल लीग्स का उदाहरण देते हुए कहा कि वे कई महीनों तक चलती हैं और इससे उनकी व्यावसायिक सफलता को बल मिलता है। उन्होंने कहा कि 'एक लंबा सीजन हमें एक नियमित साप्ताहिक लय बनाने, दर्शकों में उत्सुकता जगाने और बीच-बीच में थोड़ा खाली समय देने का मौका देता है।' साथ ही उन्होंने थकान की समस्या को भी स्वीकार किया — 'थकान एक ऐसी समस्या है जिस पर ध्यान देने की जरूरत है। सीजन को समझदारी से फैलाने और दर्शकों से लगातार कई दिनों तक ज्यादा क्रिकेट देखने की उम्मीद करने में काफी फर्क है।'

जय शाह से आग्रह और अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर की चिंता

62 वर्षीय ललित मोदी ने आईसीसी चेयरमैन जय शाह से अनुरोध किया कि वे इस नए कैलेंडर को आकार देने में अपना प्रभाव इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा, 'जय के पास इन सभी हितों को एक साथ लाने का अनुभव है।' उनके प्रस्ताव के अनुसार, आईपीएल का नया शेड्यूल फ्यूचर टूर प्रोग्राम (FTP) में चर्चा का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को नज़रअंदाज़ करने का नहीं है — बल्कि इंटरनेशनल मैचों के लिए निश्चित 'ब्लॉक' सुरक्षित रखते हुए पूरे साल का कैलेंडर नए सिरे से बनाने का है।

बीसीसीआई की आर्थिक स्थिति और भविष्य की रणनीति

ललित मोदी ने यह भी चेतावनी दी कि आने वाले समय में द्विपक्षीय सीरीज और आईसीसी के प्रसारण अधिकारों से होने वाली कमाई पर दबाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि 'आईपीएल, बीसीसीआई का मुख्य कमर्शियल इंजन है और भविष्य की ग्रोथ के लिए एक तरह से इसकी जीवनरेखा है।' उल्लेखनीय है कि आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने इस साल की शुरुआत में टूर्नामेंट को दो विंडो में बाँटकर अधिक मैच आयोजित करने का सुझाव दिया था — यानी ललित मोदी का प्रस्ताव एकमात्र आवाज़ नहीं है जो बदलाव की माँग कर रही है। आने वाले हफ्तों में बीसीसीआई और आईसीसी की प्रतिक्रिया पर सबकी नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली उलझन यह है कि जनवरी-अप्रैल भारत के घरेलू क्रिकेट और रणजी ट्रॉफी के नॉकआउट चरण का भी समय है — और उस ढाँचे में पहले से कई अनुबंधित खिलाड़ी हैं। फुटबॉल लीग का उदाहरण आकर्षक है, लेकिन यूरोपीय लीग्स में टेस्ट क्रिकेट जैसी प्रतिद्वंद्वी 'प्रीमियम फॉर्मेट' नहीं है जो खिलाड़ियों की उपलब्धता के लिए एक अलग दावा रखती हो। सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि ललित मोदी स्वयं एक दशक से अधिक समय से बीसीसीआई के बाहर हैं — उनके प्रस्तावों में दूरदर्शिता है, पर उनके पास अब कोई संस्थागत अधिकार नहीं है। असली फैसला बीसीसीआई, आईसीसी और फ्रेंचाइज़ मालिकों के बीच होगा।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ललित मोदी ने IPL में 94 मैचों का प्रस्ताव क्यों दिया?
ललित मोदी का तर्क है कि 10 टीमों के बीच 'होम-एंड-अवे' फॉर्मेट में 90 लीग मैच और 4 प्लेऑफ होने चाहिए, जो मूल 59 मैचों के फॉर्मेट से लगभग 60 प्रतिशत अधिक हैं। उनके अनुसार बीसीसीआई ने लीग का विस्तार तो किया, लेकिन कैलेंडर उसी हिसाब से नहीं बदला।
ललित मोदी IPL का सीजन अक्टूबर-अप्रैल क्यों करना चाहते हैं?
उनका कहना है कि 2008 में अप्रैल-मई इसलिए चुना गया था क्योंकि तब यही एकमात्र उपलब्ध समय था, न कि यह आदर्श समय था। मई-जून की गर्मी और उमस खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए समस्या बनती है, और अक्टूबर-अप्रैल का मौसम अधिक अनुकूल होगा।
ललित मोदी ने जय शाह से क्या माँगा है?
ललित मोदी ने आईसीसी चेयरमैन जय शाह से आग्रह किया है कि वे फ्यूचर टूर प्रोग्राम (FTP) में इस नए कैलेंडर को शामिल करने के लिए अपना प्रभाव इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि जय शाह के पास सभी बोर्डों के हितों को संतुलित करते हुए एक व्यापक समझौता बनाने की क्षमता और अनुभव है।
IPL के शेड्यूल में बदलाव से क्रिकेट पर क्या असर पड़ेगा?
ललित मोदी के अनुसार, अगर टूर्नामेंट जनवरी से शुरू होता है तो भारत के अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट दोनों के शेड्यूल में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए निश्चित 'ब्लॉक' सुरक्षित रखे जाने चाहिए और खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम मिलना चाहिए।
क्या बीसीसीआई में और कोई आईपीएल विस्तार पर चर्चा हो रही है?
हाँ, आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने इस साल की शुरुआत में टूर्नामेंट को दो विंडो में बाँटकर अधिक मैच आयोजित करने का सुझाव दिया था। इससे स्पष्ट है कि आईपीएल के ढाँचे में बदलाव पर बीसीसीआई के भीतर भी विचार-विमर्श चल रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले