ललित मोदी का सुझाव: IPL में 94 मैच हों, अक्टूबर से अप्रैल के बीच हो सीजन
सारांश
मुख्य बातें
आईपीएल के संस्थापक चेयरमैन ललित मोदी ने 2 नवंबर 2026 को आईपीएल के मौजूदा मार्च-मई के शेड्यूल को बदलकर अक्टूबर से अप्रैल के बीच करने का प्रस्ताव रखा है। उनके अनुसार, टूर्नामेंट जनवरी से शुरू होना चाहिए और मैचों की कुल संख्या बढ़ाकर 94 कर दी जानी चाहिए। यह प्रस्ताव क्रिकेट जगत में एक बड़े बदलाव की माँग करता है।
94 मैचों का गणित क्या है
ललित मोदी के प्रस्ताव का आधार एक स्पष्ट खेल-संबंधी तर्क है। 10 टीमों के बीच 'होम-एंड-अवे' फॉर्मेट में 90 लीग मैच और 4 प्लेऑफ मैच मिलाकर कुल 94 मैच बनते हैं — जो मौजूदा 74 मैचों से 20 अधिक हैं। प्रत्येक टीम को 9 होम और 9 अवे लीग मैच खेलने होंगे, जिससे हर शहर के दर्शक अपने स्टेडियम में सभी विरोधी टीमों को देख सकेंगे। उन्होंने कहा, 'हमने आठ टीमों और 59 मैचों के शेड्यूल के साथ शुरुआत की थी। अब बीसीसीआई ने लीग का विस्तार किया है और 10 टीमें जोड़ी हैं — तो कैलेंडर भी उसी हिसाब से विकसित होना चाहिए।'
मौजूदा टाइमिंग पर ललित मोदी की आपत्ति
ललित मोदी ने तर्क दिया कि 2008 में अप्रैल-मई का समय इसलिए चुना गया था क्योंकि तब क्रिकेट कैलेंडर में यही एकमात्र उपलब्ध खिड़की थी, न कि इसलिए कि यह आदर्श समय था। उन्होंने कहा, 'आज आप आईपीएल को जिस रूप में देख रहे हैं, उसे उन परिस्थितियों पर लागू न करें जिनमें मैंने इसे बनाया था।' उनके अनुसार, मई-जून की गर्मी और उमस खिलाड़ियों, दर्शकों और अन्य हितधारकों के लिए समस्या बनती है। उन्होंने सुझाया कि 'तारीखों और स्थानों का समझदारी से चुनाव करके' इस समस्या से बचा जा सकता है।
फुटबॉल लीग से तुलना और दीर्घकालिक तर्क
ललित मोदी ने यूरोपीय फुटबॉल लीग्स का उदाहरण देते हुए कहा कि वे कई महीनों तक चलती हैं और इससे उनकी व्यावसायिक सफलता को बल मिलता है। उन्होंने कहा कि 'एक लंबा सीजन हमें एक नियमित साप्ताहिक लय बनाने, दर्शकों में उत्सुकता जगाने और बीच-बीच में थोड़ा खाली समय देने का मौका देता है।' साथ ही उन्होंने थकान की समस्या को भी स्वीकार किया — 'थकान एक ऐसी समस्या है जिस पर ध्यान देने की जरूरत है। सीजन को समझदारी से फैलाने और दर्शकों से लगातार कई दिनों तक ज्यादा क्रिकेट देखने की उम्मीद करने में काफी फर्क है।'
जय शाह से आग्रह और अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर की चिंता
62 वर्षीय ललित मोदी ने आईसीसी चेयरमैन जय शाह से अनुरोध किया कि वे इस नए कैलेंडर को आकार देने में अपना प्रभाव इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा, 'जय के पास इन सभी हितों को एक साथ लाने का अनुभव है।' उनके प्रस्ताव के अनुसार, आईपीएल का नया शेड्यूल फ्यूचर टूर प्रोग्राम (FTP) में चर्चा का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को नज़रअंदाज़ करने का नहीं है — बल्कि इंटरनेशनल मैचों के लिए निश्चित 'ब्लॉक' सुरक्षित रखते हुए पूरे साल का कैलेंडर नए सिरे से बनाने का है।
बीसीसीआई की आर्थिक स्थिति और भविष्य की रणनीति
ललित मोदी ने यह भी चेतावनी दी कि आने वाले समय में द्विपक्षीय सीरीज और आईसीसी के प्रसारण अधिकारों से होने वाली कमाई पर दबाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि 'आईपीएल, बीसीसीआई का मुख्य कमर्शियल इंजन है और भविष्य की ग्रोथ के लिए एक तरह से इसकी जीवनरेखा है।' उल्लेखनीय है कि आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने इस साल की शुरुआत में टूर्नामेंट को दो विंडो में बाँटकर अधिक मैच आयोजित करने का सुझाव दिया था — यानी ललित मोदी का प्रस्ताव एकमात्र आवाज़ नहीं है जो बदलाव की माँग कर रही है। आने वाले हफ्तों में बीसीसीआई और आईसीसी की प्रतिक्रिया पर सबकी नज़र रहेगी।