नेपाल PM बालेंद्र शाह का नवंबर में नई दिल्ली दौरा संभव, विदेश सचिव विक्रम मिस्री 4 5 नवंबर को काठमांडू में
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह इस माह के अंत में नई दिल्ली का दौरा कर सकते हैं। इससे पहले भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री 4 और 5 नवंबर 2026 को काठमांडू की यात्रा पर रहेंगे, जो प्रधानमंत्री शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा के एजेंडे की नींव रखने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत और नेपाल के विदेश मंत्रालयों ने सोमवार को अलग अलग बयान जारी कर इस यात्रा की पुष्टि की।
मिस्री की काठमांडू यात्रा का कार्यक्रम
दो दिवसीय दौरे के दौरान विदेश सचिव विक्रम मिस्री नेपाल के विदेश सचिव अमृत बहादुर राय के साथ औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा, "दोनों पक्ष नेपाल भारत संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे और आपसी हित के मुद्दों पर विचारों का आदान प्रदान करेंगे, ताकि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत किया जा सके।" मिस्री नेपाल के वरिष्ठ नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों से भी शिष्टाचार भेंट करेंगे।
भारत नेपाल संबंध: प्राथमिकताएँ और पृष्ठभूमि
भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस यात्रा के दौरान द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी। मंत्रालय ने यह भी कहा कि यह यात्रा "दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाएगी।" गौरतलब है कि नई दिल्ली ने पहले मई 2026 के दूसरे सप्ताह में मिस्री को काठमांडू भेजने की योजना बनाई थी, लेकिन प्रोटोकॉल से जुड़े कुछ कारणों का हवाला देते हुए वह यात्रा स्थगित कर दी गई थी। अब यह बहुप्रतीक्षित दौरा भारत नेपाल संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
नेपाल की प्रमुख माँगें
नेपाली अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री शाह चाहते हैं कि उनकी भारत यात्रा ठोस परिणाम लेकर आए। अगस्त 2026 में आई विनाशकारी बाढ़ के मद्देनज़र नेपाल, भारत से एक बड़े सहायता पैकेज की माँग कर सकता है। इसके अतिरिक्त, नेपाल सीमा विवाद के समाधान, व्यापार संधि में संशोधन और भारत के रास्ते अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अतिरिक्त हवाई प्रवेश बिंदुओं (एयर एंट्री पॉइंट्स) जैसे मुद्दों पर भी प्रगति की अपेक्षा रखता है।
संयुक्त परियोजनाओं का उद्घाटन संभव
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री शाह की प्रस्तावित नई दिल्ली यात्रा के दौरान दोनों देशों के सहयोग से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया जा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत और नेपाल के बीच पिछले कुछ वर्षों में कई मुद्दों पर तनाव के बाद द्विपक्षीय संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिशें तेज हुई हैं। मिस्री की काठमांडू यात्रा इस कूटनीतिक पुनर्निर्माण का अहम पड़ाव मानी जा रही है।