वाराणसी में फिट इंडिया के तहत बाइक शेयरिंग सिस्टम शुरू, QR कोड से मिलेगी ई-बाइक और साइकिल
सारांश
मुख्य बातें
वाराणसी में 2 नवंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया संकल्प के अंतर्गत एक सार्वजनिक बाइक शेयरिंग सिस्टम की शुरुआत की गई है, जिसके तहत क्यूआर-कोड भुगतान के ज़रिये ई-बाइक और साइकिल किराये पर ली जा सकती हैं। यह पहल फिटनेस को बढ़ावा देने के साथ-साथ काशी की संकरी गलियों में पर्यावरण-अनुकूल आवागमन का विकल्प देती है। नगर निगम कमिश्नर हिमांशु नागपाल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह पीएम मोदी के फिट इंडिया मिशन के तहत वाराणसी में लागू की गई योजना है।
पहले चरण में शामिल क्षेत्र
बाइक शेयरिंग सिस्टम के फेज 1 में सिगरा, सारनाथ, कचहरी और कैंटोनमेंट क्षेत्रों को शामिल किया गया है। शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर बाइक स्टैंड स्थापित किए जा रहे हैं, जहाँ प्रत्येक स्टैंड पर 10 से 15 ई-बाइक और सामान्य साइकिलें उपलब्ध रहेंगी। सभी वाहनों में जीपीएस टैग लगाए गए हैं ताकि उनकी ट्रैकिंग सुनिश्चित की जा सके।
कैसे करें इस्तेमाल
नगर निगम कमिश्नर हिमांशु नागपाल के अनुसार, उपयोगकर्ता को बाइक स्टैंड पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा और न्यूनतम शुल्क का भुगतान करने के बाद वाहन का उपयोग किया जा सकता है। इन वाहनों के लिए शुल्क जानबूझकर बेहद कम रखा गया है ताकि आम नागरिक और पर्यटक दोनों इसका लाभ उठा सकें। वाराणसी की संकरी गलियों में बड़े वाहनों का प्रवेश संभव नहीं है, ऐसे में साइकिल और ई-बाइक व्यावहारिक विकल्प साबित होती हैं।
पर्यटन पर असर
नगर आयुक्त के अनुसार, हाल के वर्षों में वाराणसी में पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और अब प्रतिदिन लगभग 4 से 5 लाख लोग काशी आते हैं। गंगा आरती, घाट और नाव सवारी के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक यहाँ पहुँचते हैं। नावों की संख्या के संदर्भ में भी बड़ा बदलाव देखा गया है — पाँच-छह साल पहले वाराणसी में लगभग 1,200 से 1,300 नावें थीं, जो अब बढ़कर 3,000 से अधिक हो गई हैं। यह बाइक शेयरिंग सिस्टम इन पर्यटकों को घाटों और ऐतिहासिक स्थलों तक सहज पहुँच देगा।
विस्तार की योजना
नगर निगम के अनुसार, फेज 1 की सफलता के बाद सीएम ग्रिड और चौड़ी सड़कों वाले अन्य क्षेत्रों में भी यह सुविधा विस्तारित की जाएगी। यह योजना ऐसे समय में आई है जब भारत में शहरी गतिशीलता को हरित और स्वास्थ्यप्रद बनाने की राष्ट्रीय प्राथमिकता बढ़ती जा रही है। गौरतलब है कि वाराणसी पहले से स्मार्ट सिटी मिशन का हिस्सा है, और यह बाइक शेयरिंग पहल उस दिशा में एक व्यावहारिक कदम है। आने वाले महीनों में इस सिस्टम की सफलता यह तय करेगी कि इसे उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा या नहीं।