2 नवंबर 2026
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निजी स्कूल मान्यता घोटाला: पूर्व DMK मंत्री अंबिल महेश को पुलिस रिमांड, ₹400 करोड़ की रिश्वत का आरोप

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निजी स्कूल मान्यता घोटाला: पूर्व DMK मंत्री अंबिल महेश को पुलिस रिमांड, ₹400 करोड़ की रिश्वत का आरोप

सारांश

चेन्नई की विशेष अदालत ने पूर्व DMK स्कूल शिक्षा मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी को CCB की पुलिस रिमांड पर भेजने की अनुमति दी — ₹400 करोड़ के कथित निजी स्कूल मान्यता घोटाले में। यह मामला तमिलनाडु के शिक्षा तंत्र में 'पार्टी फंड' की आड़ में जबरन वसूली की गहरी जड़ों की ओर इशारा करता है।

मुख्य बातें

चेन्नई की विशेष भ्रष्टाचार-विरोधी अदालत ने 2 नवंबर 2026 को CCB को पूर्व DMK मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी की पुलिस रिमांड की अनुमति दी।
हिरासत 2 नवंबर दोपहर 1 बजे से 4 नवंबर शाम तक, पूछताछ के बाद 5 नवंबर शाम 5 बजे पुनः अदालत में पेशी।
पूर्व मंत्री पर तमिलनाडु में निजी स्कूलों को मान्यता दिलाने के एवज में कथित तौर पर ₹400 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप।
CCB ने 26 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तारी के बाद DTCP और CMDA से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग चैनलों की समानांतर जाँच शुरू की।
अदालत ने शारीरिक/मानसिक यातना पर रोक, चिकित्सा जाँच और पूरी पूछताछ के दौरान वकील की उपस्थिति अनिवार्य की।

चेन्नई की एक विशेष भ्रष्टाचार-विरोधी अदालत ने 2 नवंबर 2026 को चेन्नई पुलिस की केंद्रीय अपराध शाखा (CCB) को पूर्व DMK स्कूल शिक्षा मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी को विस्तृत पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लेने की अनुमति दे दी। यह हिरासत 2 नवंबर की दोपहर 1 बजे से शुरू होकर 4 नवंबर की शाम तक जारी रहेगी। यह फैसला तमिलनाडु भर में निजी स्कूलों को वैधानिक मान्यता दिलाने के एवज में कथित तौर पर ₹400 करोड़ की रिश्वत वसूले जाने के गंभीर आरोपों की पृष्ठभूमि में आया है।

गिरफ्तारी और आरोप

CCB ने पूर्व मंत्री को 26 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया था, जब प्रारंभिक जांच में निजी स्कूल प्रबंधनों को निशाना बनाकर चलाए जा रहे एक कथित व्यवस्थित जबरन वसूली रैकेट का खुलासा हुआ। जांचकर्ताओं के अनुसार, अधिकारी और बिचौलिए नियमित रूप से स्कूल मालिकों पर 'पार्टी फंड' की आड़ में भारी रकम देने का दबाव बनाते थे।

इसके बदले में, शिक्षा विभाग द्वारा स्थायी सरकारी मान्यता की प्रक्रिया में तेजी लाई जाती थी, संस्थागत उन्नयन की अनुमति दी जाती थी और नगर एवं ग्रामीण योजना निदेशालय (DTCP) तथा चेन्नई महानगर विकास प्राधिकरण (CMDA) के माध्यम से भवन निर्माण संबंधी महत्वपूर्ण मंजूरियाँ जारी की जाती थीं।

न्यायिक हिरासत से पुलिस रिमांड तक

प्रारंभिक गिरफ्तारी के बाद अंबिल महेश को 6 नवंबर तक चेन्नई के पुझल केंद्रीय कारागार में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। उनकी बचाव टीम ने तत्काल जमानत याचिका दायर की, किंतु पुलिस अभियोजकों ने जवाबी याचिका के ज़रिये वित्तीय लेन-देन की पूरी जानकारी जुटाने, आपत्तिजनक दस्तावेज़ ज़ब्त करने और गिरोह के अन्य कथित सह-साजिशकर्ताओं की पहचान करने के लिए शारीरिक हिरासत की माँग रखी।

दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद विशेष अदालत ने अपना आदेश 2 नवंबर तक सुरक्षित रखा और अंततः पुलिस हिरासत की अनुमति दे दी।

अदालत की सुरक्षात्मक शर्तें

विशेष अदालत ने प्रक्रियात्मक अधिकारों की रक्षा के लिए कई स्पष्ट निर्देश जारी किए। पूछताछ शुरू होने से पूर्व अंबिल महेश की पूर्ण चिकित्सा जाँच अनिवार्य की गई है। अदालत ने जांच टीम को किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक यातना से सख्ती से परहेज करने की चेतावनी दी। इसके अतिरिक्त, उनके वकील को पूछताछ की पूरी अवधि के दौरान कमरे में उपस्थित रहने की अनुमति प्रदान की गई।

आगे की कार्यवाही

CCB को आदेश दिया गया है कि पूछताछ की अवधि समाप्त होने के बाद 5 नवंबर की शाम 5 बजे पूर्व मंत्री को पुनः अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। गौरतलब है कि प्रवर्तन एजेंसियाँ इस घोटाले से जुड़े व्यापक मनी लॉन्ड्रिंग चैनलों की समानांतर जाँच भी कर रही हैं। यह मामला तमिलनाडु के शिक्षा तंत्र में कथित भ्रष्टाचार को लेकर राज्य की राजनीति में बड़ी हलचल का कारण बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या मनी लॉन्ड्रिंग की समानांतर जाँच उस पूरे तंत्र तक पहुँचती है जिसने कथित तौर पर वर्षों तक इस रैकेट को संरक्षण दिया।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंबिल महेश पोय्यामोझी को पुलिस रिमांड पर क्यों भेजा गया?
विशेष भ्रष्टाचार-विरोधी अदालत ने CCB को वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटाने, आपत्तिजनक दस्तावेज़ ज़ब्त करने और कथित गिरोह के अन्य सह-साजिशकर्ताओं की पहचान के लिए पुलिस रिमांड की अनुमति दी। पूर्व DMK स्कूल शिक्षा मंत्री पर तमिलनाडु में निजी स्कूलों को मान्यता दिलाने के एवज में ₹400 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप है।
निजी स्कूल मान्यता घोटाले में क्या आरोप हैं?
जांचकर्ताओं के अनुसार अधिकारी और बिचौलिए स्कूल मालिकों को 'पार्टी फंड' की आड़ में भारी रकम देने के लिए मजबूर करते थे। इसके बदले में स्थायी सरकारी मान्यता में तेजी, संस्थागत उन्नयन की अनुमति और DTCP व CMDA के माध्यम से भवन निर्माण संबंधी मंजूरियाँ दी जाती थीं।
पूर्व मंत्री को कब गिरफ्तार किया गया और अब आगे क्या होगा?
CCB ने अंबिल महेश पोय्यामोझी को 26 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया था। अब 2 से 4 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर पूछताछ होगी और 5 नवंबर की शाम 5 बजे उन्हें पुनः अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
अदालत ने पूछताछ के दौरान क्या सुरक्षात्मक शर्तें लगाई हैं?
अदालत ने पूछताछ से पूर्व पूर्ण चिकित्सा जाँच अनिवार्य की है और शारीरिक या मानसिक यातना पर सख्त रोक लगाई है। इसके साथ ही, उनके वकील को पूरी पूछताछ प्रक्रिया के दौरान कमरे में उपस्थित रहने की अनुमति दी गई है।
क्या इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की भी जाँच हो रही है?
हाँ, प्रवर्तन एजेंसियाँ इस घोटाले से जुड़े व्यापक मनी लॉन्ड्रिंग चैनलों की CCB की जाँच के समानांतर अलग जाँच कर रही हैं। इसमें DTCP और CMDA से जुड़े वित्तीय लेन-देन भी जाँच के दायरे में हैं।
राष्ट्र प्रेस
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