हरदीप सिंह पुरी के MP राज्यसभा नामांकन पर कांग्रेस का हमला, एपस्टीन कनेक्शन पर जवाब माँगा
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) का उम्मीदवार बनाए जाने पर तीखी आपत्ति जताई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस फैसले से राज्य की गरिमा को ठेस पहुँची है और पुरी के जेफरी एपस्टीन मामले से कथित संबंधों को लेकर सार्वजनिक जवाबदेही की माँग की।
नामांकन की पृष्ठभूमि
यह उपचुनाव पूर्व केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के 14 अक्टूबर को दिए गए इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट के लिए हो रहा है। मुरुगन ने तमिलनाडु में पार्टी संगठन को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए यह पद छोड़ा था। BJP की केंद्रीय चुनाव समिति ने इस सीट के लिए पुरी को अपना प्रत्याशी घोषित किया। गौरतलब है कि पुरी का उत्तर प्रदेश से राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने वाला था। उपचुनाव 12 नवंबर को निर्धारित है, जिसमें मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य मतदान करेंगे और मतगणना उसी शाम होगी।
कांग्रेस की आलोचना और आरोप
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने BJP पर पुरी को 'किसी मजबूरी में' सत्ता में बनाए रखने का आरोप लगाया। पटवारी ने कहा, 'हरदीप सिंह पुरी को सत्ता में बनाए रखने की मजबूरी से यह सवाल उठता है कि क्या BJP में कोई ऐसी बात है जिससे वह कमज़ोर हो गई है। BJP को पुरी से जुड़े एपस्टीन मामले को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देना होगा। देश को जवाब कब मिलेंगे?' उन्होंने आगे कहा कि 'वोटों की शक्ति के नशे में चूर BJP मध्य प्रदेश और राज्य की जनता द्वारा दिए गए जनादेश दोनों का खुलेआम अपमान कर रही है।'
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने भी इस नामांकन की आलोचना की। उन्होंने अपनी आपत्ति को राज्य में महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के विरुद्ध अपराधों से जोड़ते हुए कहा, 'मध्य प्रदेश पहले से ही नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के मामलों में देश में पहले स्थान पर है। अब, एक अंतरराष्ट्रीय यौन अपराधी के मित्र को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजना राज्य के लिए कलंक है। यह महिलाओं और युवा लड़कियों के प्रति BJP की मानसिकता को उजागर करता है।' यह उल्लेखनीय है कि ये गंभीर आरोप कांग्रेस नेताओं ने लगाए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
BJP की प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश BJP अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पुरी को नामांकन पर बधाई दी और केंद्रीय चुनाव समिति के इस फैसले पर शुभकामनाएँ दीं। हालाँकि, कांग्रेस के विशिष्ट आरोपों पर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक खंडन अभी सामने नहीं आया है।
आगे क्या होगा
यह राजनीतिक विवाद 12 नवंबर के उपचुनाव से ठीक पहले गर्माया है। यह ऐसे समय में आया है जब BJP ने मध्य प्रदेश विधानसभा में बहुमत के बल पर अपनी स्थिति मज़बूत की हुई है। कांग्रेस का यह विरोध मुख्यतः प्रतीकात्मक है क्योंकि विधायी अंकगणित BJP के पक्ष में है, लेकिन पार्टी इसे जनमानस में एक वैचारिक और नैतिक मुद्दे के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है।