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5वें टी20 में 7 विकेट से हार के बाद बोले कप्तान श्रेयस अय्यर: 'गेंदबाजी और फील्डिंग में सुधार जरूरी'

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5वें टी20 में 7 विकेट से हार के बाद बोले कप्तान श्रेयस अय्यर: 'गेंदबाजी और फील्डिंग में सुधार जरूरी'

सारांश

हैमिल्टन में 7 विकेट की हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने माना कि टीम गेंदबाजी और फील्डिंग में चूकी। प्लेइंग इलेवन में प्रयोग का बचाव करते हुए उन्होंने इसे सीखने का अनुभव बताया। अब नजरें वनडे सीरीज पर।

मुख्य बातें

भारत को हैमिल्टन में 5वें टी20 में न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से हराया।
न्यूजीलैंड ने 192 रनों के लक्ष्य को मात्र 3 विकेट खोकर हासिल किया।
कप्तान श्रेयस अय्यर ने गेंदबाजी और फील्डिंग में लापरवाही स्वीकार की।
अय्यर ने हार्ड लेंथ पर खेलने और तेज रोशनी में फील्डिंग को असामान्य चुनौती बताया।
आखिरी दो मैचों में प्लेइंग इलेवन में किए गए प्रयोग पर कप्तान ने सीखने के अनुभव का तर्क दिया।
टीम का अगला लक्ष्य वनडे सीरीज है; खिलाड़ियों का मनोबल ऊँचा बताया गया।

भारतीय क्रिकेट टीम को हैमिल्टन में खेले गए न्यूजीलैंड बनाम भारत पाँचवें टी20 मुकाबले में 7 विकेट से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। 1 नवंबर 2026 को खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत के दिए 192 रनों के लक्ष्य को मात्र 3 विकेट गँवाकर हासिल कर लिया। हार के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने माना कि टीम विशेष रूप से फील्डिंग और गेंदबाजी में अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी।

मैच के बाद कप्तान की प्रतिक्रिया

मैच के बाद श्रेयस अय्यर ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'सच कहूँ तो, यह मुमकिन था। मिडिल ओवरों में हमें जैसी शुरुआत मिली थी, और जिस तरह से मैंने और ईशान ने मोमेंटम बनाया था, उसे देखते हुए हम और बेहतर कर सकते थे।' उन्होंने जोड़ा कि लगातार विकेट गँवाने से नए बल्लेबाजों पर अचानक दबाव आ गया।

अय्यर ने पिच की चुनौती का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, हैमिल्टन की पिच पर गेंद कभी सीम करती थी, कभी रुककर आती थी और कभी तेजी से फिसलकर निकलती थी। उन्होंने कहा, 'आपने देखा होगा कि मैं और तिलक, हम दोनों लगभग एक ही तरह से आउट हुए। यह काफी चुनौतीपूर्ण था, खासकर उस हार्ड लेंथ पर।' बावजूद इसके, उन्होंने 191 रन के स्कोर को 'ठीक-ठाक' करार दिया।

गेंदबाजी और फील्डिंग पर आत्म-आलोचना

कप्तान ने खुलकर स्वीकार किया कि टीम गेंदबाजी और फील्डिंग के मोर्चे पर लापरवाह रही। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि हम अपनी गेंदबाजी और फील्डिंग में और बेहतर कर सकते थे। हम थोड़े लापरवाह रहे।' अय्यर ने फील्डिंग को वह पहलू बताया जिस पर सबसे ज्यादा काम करने की जरूरत है।

उन्होंने यह भी माना कि तेज रोशनी और साफ आसमान के नीचे खेलना भारतीय खिलाड़ियों के लिए असामान्य परिस्थिति थी। उनके शब्दों में, 'भारत में हमें अक्सर ऐसी स्थितियाँ देखने को नहीं मिलतीं। मगर हाँ, यह सीखने का एक बहुत अच्छा अनुभव रहा।'

प्लेइंग इलेवन में प्रयोग पर सफाई

आखिरी दो टी20 मैचों में प्लेइंग इलेवन में बदलाव को लेकर अय्यर ने कहा कि शुरुआती तीन मैचों में मिली लय के बाद टीम प्रबंधन आखिरी दो मुकाबलों में प्रयोग करना और खुद को चुनौती देना चाहता था। उन्होंने स्वीकार किया, 'जाहिर है कि हम उस उम्मीद पर खरे नहीं उतरे, लेकिन यह सीखने का एक बेहतरीन अनुभव रहा।'

आगे वनडे सीरीज की तैयारी

कप्तान ने स्पष्ट किया कि फिलहाल टीम का ध्यान आगामी वनडे सीरीज पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, 'खिलाड़ियों का जोश बहुत हाई है। जब आप विदेश में खेलने आते हैं, तो खेल के अलग-अलग पहलुओं में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, और जितनी हिम्मत से इन चुनौतियों का सामना करते हैं, उतना ही बेहतर होता है।' न्यूजीलैंड दौरे पर अब भारत का ध्यान वनडे मैचों पर होगा, जहाँ टीम इस हार से सबक लेकर मैदान में उतरना चाहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि विदेशी परिस्थितियों में फील्डिंग की कमजोरी बार-बार सामने आती है और 'सीखने का अनुभव' वाली भाषा क्रिकेट प्रबंधन में एक परिचित ढाल बन चुकी है। आखिरी दो मैचों में प्रयोग का फैसला तब समझ में आता जब सीरीज पहले ही जीती जा चुकी हो, लेकिन उसका नतीजा हार के रूप में आना रणनीतिक सूझ पर सवाल उठाता है। वनडे सीरीज से पहले फील्डिंग ढाँचे पर ठोस काम जरूरी है — सिर्फ बयानों में नहीं, मैदान पर।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-न्यूजीलैंड 5वें टी20 में क्या हुआ?
हैमिल्टन में खेले गए 5वें टी20 में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया। भारत ने 192 रन बनाए, जिसे न्यूजीलैंड ने केवल 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया।
श्रेयस अय्यर ने हार के बाद क्या कहा?
कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि टीम गेंदबाजी और फील्डिंग में लापरवाह रही और इसमें सुधार की जरूरत है। उन्होंने हैमिल्टन की पिच को चुनौतीपूर्ण बताते हुए 191 रन के स्कोर को ठीक-ठाक करार दिया।
आखिरी दो टी20 में प्लेइंग इलेवन क्यों बदली गई?
अय्यर के अनुसार, शुरुआती तीन मैच जीतने के बाद टीम ने आखिरी दो मैचों में प्रयोग और खुद को चुनौती देने का फैसला किया। हालाँकि उन्होंने माना कि टीम इस उम्मीद पर खरी नहीं उतर सकी।
फील्डिंग में क्या चुनौतियाँ रहीं?
अय्यर ने बताया कि हैमिल्टन में तेज रोशनी और साफ आसमान के नीचे फील्डिंग करना भारतीय खिलाड़ियों के लिए असामान्य था, क्योंकि भारत में ऐसी स्थितियाँ कम देखने को मिलती हैं। उन्होंने इसे सीखने का अनुभव बताया।
अब भारत का अगला मैच कब है?
टी20 सीरीज के बाद भारत न्यूजीलैंड दौरे पर वनडे सीरीज खेलेगा। कप्तान अय्यर ने कहा कि फिलहाल टीम का ध्यान इन्हीं वनडे मैचों पर है और खिलाड़ियों का मनोबल ऊँचा है।
राष्ट्र प्रेस
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