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पुंछ पुलिस की कार्रवाई: नाका चेकिंग में 12 मवेशी बरामद, 3 एफआईआर दर्ज; अनंतनाग में ₹2.5 करोड़ की संपत्ति जब्त

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पुंछ पुलिस की कार्रवाई: नाका चेकिंग में 12 मवेशी बरामद, 3 एफआईआर दर्ज; अनंतनाग में ₹2.5 करोड़ की संपत्ति जब्त

सारांश

पुंछ के सुरनकोट में पुलिस ने दो दिनों में 3 वाहन रोककर 12 मवेशी बरामद किए और 3 एफआईआर दर्ज कीं। उसी दिन अनंतनाग में ₹2.5 करोड़ की दो संपत्तियाँ एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त की गईं — जम्मू-कश्मीर पुलिस के दोहरे मोर्चे पर एक साथ सक्रिय होने का संकेत।

मुख्य बातें

सुरनकोट पुलिस ने 30-31 अक्टूबर 2026 को नाका चेकिंग में 3 टाटा मोबाइल वाहन रोककर 12 मवेशी बरामद किए।
सभी वाहन चालक जिला मजिस्ट्रेट की अनिवार्य अनुमति के बिना पशुओं का परिवहन कर रहे थे।
तीनों मामलों में बीएनएस धारा 223 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम धारा 11 के तहत एफआईआर दर्ज; जाँच जारी।
अनंतनाग में एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपी अब्दुल रशीद भट का ₹1 करोड़ और आरोपी मोहम्मद यूसुफ उर्फ शब्बीर अहमद की ₹1.5 करोड़ मूल्य की संपत्ति जब्त।
अनंतनाग का अभियान एसडीपीओ पहलगाम की देखरेख में संचालित किया गया।

सुरनकोट पुलिस स्टेशन ने 30 और 31 अक्टूबर 2026 को नाका चेकिंग अभियान के दौरान मवेशियों के अवैध परिवहन में लिप्त तीन वाहनों को रोककर कुल 12 मवेशी बरामद किए और तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज कीं। पुंछ जिले के सुरनकोट क्षेत्र में चलाए गए इस अभियान में पाया गया कि सभी वाहन चालक जिला मजिस्ट्रेट की अनिवार्य अनुमति के बिना पशुओं का परिवहन कर रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

30 अक्टूबर 2026 को नाका ड्यूटी पर तैनात पुलिस टीमों ने दो टाटा मोबाइल वाहनों को रोका। जाँच करने पर दोनों वाहनों में कुल 10 मवेशी लदे पाए गए। चालकों के पास जिला मजिस्ट्रेट की कोई वैध अनुमति नहीं थी। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत एफआईआर दर्ज की गईं।

31 अक्टूबर 2026 को एक और टाटा मोबाइल वाहन को नाका चेकिंग के दौरान रोका गया। इस गाड़ी में 2 मवेशी बिना अनुमति के ले जाए जा रहे थे। इस संबंध में बीएनएस की धारा 223 के तहत तीसरी एफआईआर सुरनकोट पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई। तीनों मामलों में जाँच शुरू कर दी गई है।

कानूनी प्रावधान और कार्रवाई

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर पुलिस मवेशियों के अवैध परिवहन के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत दर्ज मामलों में पशुओं के साथ दुर्व्यवहार और अमानवीय परिस्थितियों में परिवहन को गंभीर अपराध माना जाता है। गौरतलब है कि बीएनएस की धारा 223 वाहन में अनधिकृत सामग्री ले जाने से संबंधित है।

अनंतनाग में ₹2.5 करोड़ की संपत्ति जब्त

इसी दिन 31 अक्टूबर 2026 को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में पुलिस ने अलग-अलग अभियानों में एनडीपीएस एक्ट के आरोपियों की लगभग ₹2.5 करोड़ मूल्य की दो आवासीय संपत्तियाँ जब्त कीं।

पहली कार्रवाई श्रीगुफवारा थाना क्षेत्र में हुई, जहाँ शितिपुरा निवासी असदुल्लाह भट के पुत्र आरोपी अब्दुल रशीद भट का लगभग ₹1 करोड़ मूल्य का दो मंजिला आवासीय मकान एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत जब्त किया गया। आरोपी पर पहले से ही एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 और 29 के तहत मामला दर्ज है।

दूसरी कार्रवाई में आशमुकाम के फ्रस्तवार निवासी मोहम्मद अकरम के पुत्र, आरोपी मोहम्मद यूसुफ उर्फ शब्बीर अहमद की लगभग ₹1.5 करोड़ मूल्य की दो मंजिला आवासीय इमारत को एनडीपीएस एक्ट के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत जब्त किया गया। यह अभियान एसडीपीओ पहलगाम की देखरेख में, इलाके के चौकीदार और नंबरदार की उपस्थिति में संचालित किया गया।

आम जनता और क्षेत्र पर असर

जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा मवेशी तस्करी और मादक पदार्थ मामलों में एक साथ की गई ये कार्रवाइयाँ दर्शाती हैं कि प्रशासन क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने में सक्रिय है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे अभियानों की निरंतरता और पारदर्शी जाँच ही अपराध पर दीर्घकालिक अंकुश लगाने में कारगर साबित हो सकती है।

क्या होगा आगे

तीनों मवेशी तस्करी मामलों में सुरनकोट पुलिस जाँच जारी रखेगी और आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप-पत्र दायर किया जाएगा। अनंतनाग में जब्त संपत्तियों के मामले एनडीपीएस एक्ट के तहत सक्षम न्यायालय के समक्ष रखे जाएँगे। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संकेत दिए हैं कि अवैध परिवहन विरोधी अभियान आगे भी जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसी नाका-आधारित कार्रवाइयों की सीमा यह है कि ये अक्सर छोटे वाहन चालकों तक ही सिमट जाती हैं जबकि तस्करी के बड़े नेटवर्क अछूते रह जाते हैं। एनडीपीएस मामलों में संपत्ति जब्ती एक सकारात्मक कदम है, लेकिन असली प्रभाव तभी दिखेगा जब इन मामलों में दोषसिद्धि दर भी ऊँची हो। पारदर्शी जाँच और समयबद्ध न्यायिक प्रक्रिया के बिना ये अभियान सुर्खियों तक ही सीमित रह सकते हैं।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुरनकोट पुलिस ने मवेशी तस्करी में कितने वाहन और मवेशी जब्त किए?
सुरनकोट पुलिस ने 30 और 31 अक्टूबर 2026 को नाका चेकिंग के दौरान 3 टाटा मोबाइल वाहन रोककर कुल 12 मवेशी बरामद किए। तीनों वाहन बिना जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति के पशुओं का परिवहन कर रहे थे।
मवेशी तस्करी में कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
30 अक्टूबर के दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। 31 अक्टूबर के मामले में केवल बीएनएस धारा 223 के तहत मामला दर्ज किया गया।
अनंतनाग में एनडीपीएस एक्ट के तहत किसकी संपत्ति जब्त की गई?
अनंतनाग पुलिस ने 31 अक्टूबर 2026 को आरोपी अब्दुल रशीद भट की लगभग ₹1 करोड़ मूल्य की और आरोपी मोहम्मद यूसुफ उर्फ शब्बीर अहमद की लगभग ₹1.5 करोड़ मूल्य की संपत्ति एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त की। दोनों संपत्तियाँ मिलाकर कुल ₹2.5 करोड़ मूल्य की हैं।
मवेशियों के परिवहन के लिए क्या अनुमति आवश्यक है?
जम्मू-कश्मीर में मवेशियों के परिवहन के लिए जिला मजिस्ट्रेट से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना इस अनुमति के पशु परिवहन करना बीएनएस और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।
इन मामलों में आगे क्या होगा?
सुरनकोट पुलिस तीनों मवेशी तस्करी मामलों में जाँच जारी रखेगी और आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप-पत्र दायर किया जाएगा। अनंतनाग में जब्त संपत्तियों के मामले एनडीपीएस एक्ट के तहत सक्षम न्यायालय के समक्ष रखे जाएँगे।
राष्ट्र प्रेस
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