बड़ी कार्रवाई: असम के बोंगाईगांव में 23 मवेशी बरामद, तस्कर मन्नत अली की तलाश जारी
सारांश
Key Takeaways
- 23 मवेशी असम के बोंगाईगांव जिले में पुलिस के संयुक्त अभियान में बरामद किए गए।
- छापा बरतारी में संदिग्ध तस्कर मन्नत अली के घर पर मारा गया, जो बोंगाईगांव-बरपेटा सीमावर्ती क्षेत्र में है।
- अभयपुरी और मेरेरचर पुलिस स्टेशनों की टीमों ने एसडीपीओ अभयपुरी के नेतृत्व में यह अभियान चलाया।
- अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई; पुलिस तस्करी नेटवर्क की जांच कर रही है।
- गोरिया-मोरिया-देशी राष्ट्रीय परिषद ने अवैध लकड़ी व्यापार और पशु तस्करी पर चिंता जताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
- पुलिस ने पशु परिवहन कानूनों के तहत संभावित उल्लंघनों की जांच शुरू की है।
गुवाहाटी, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम के बोंगाईगांव जिले में पुलिस ने अवैध पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संयुक्त अभियान में 23 मवेशियों को सुरक्षित कब्जे में लिया। यह छापेमारी बरतारी स्थित एक संदिग्ध पशु तस्कर मन्नत अली के आवास पर की गई, जो बोंगाईगांव और बरपेटा जिलों की संवेदनशील सीमा पर स्थित है। अधिकारियों ने गुरुवार को इस ऑपरेशन की जानकारी सार्वजनिक की।
अभियान का विवरण और छापेमारी
अभयपुरी और मेरेरचर पुलिस स्टेशनों की संयुक्त टीमों ने अभयपुरी के उप-मंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) के नेतृत्व में यह अभियान चलाया। तलाशी के दौरान मवेशियों को उस स्थान से बरामद किया गया जहां उन्हें मौजूदा कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए रखा गया था।
बरामद सभी 23 मवेशियों को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर अभयपुरी पुलिस स्टेशन पहुंचाया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन मवेशियों को अवैध रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की आशंका है।
जांच का दायरा और संभावित नेटवर्क
अधिकारियों ने बताया कि मवेशियों के मूल स्रोत, उनके गंतव्य स्थान और इसमें किसी संगठित तस्करी नेटवर्क की संलिप्तता की संभावना का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस पशु परिवहन और तस्करी से संबंधित प्रासंगिक कानूनों के तहत संभावित उल्लंघनों की भी समीक्षा कर रही है। अभी तक इस मामले में किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
स्थानीय संगठन की चिंता और मांग
गोरिया-मोरिया-देशी राष्ट्रीय परिषद ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है। संगठन ने आरोप लगाया कि बोंगाईगांव जिले के कुछ क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध लकड़ी व्यापार के साथ-साथ पशु तस्करी भी बेरोकटोक जारी है।
परिषद ने प्रशासन से निगरानी तंत्र को और मजबूत करने और ऐसे अवैध नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के लिए निर्णायक कदम उठाने की मांग की है। संगठन ने इस बात पर भी बल दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वित कार्रवाई अनिवार्य है।
पुलिस की प्रतिबद्धता
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध गतिविधियों के विरुद्ध नियमित रूप से अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बोंगाईगांव जिले में तस्करी और संबंधित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
यह मामला असम में सीमावर्ती जिलों में अवैध पशु तस्करी की गंभीर समस्या को एक बार फिर उजागर करता है। आने वाले दिनों में जांच के नतीजे और संभावित गिरफ्तारियां इस मामले की दिशा तय करेंगी।
-- राष्ट्र प्रेस