तिरुवनंतपुरम में PAC अध्यक्षों के सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे ओम बिरला, ऑडिट और सुशासन पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मंगलवार, 1 नवंबर 2026 को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में संसद तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं की लोक लेखा समितियों (PAC) के अध्यक्षों के दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस सम्मेलन में 'ऑडिट, जवाबदेही और सुशासन : लोक लेखा समितियों की बदलती भूमिका' विषय पर विचार-विमर्श होगा।
सम्मेलन का एजेंडा और उद्देश्य
दो दिन चलने वाले इस सम्मेलन में प्रतिभागी अपने अनुभव साझा करेंगे, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान करेंगे और यह चर्चा करेंगे कि सार्वजनिक व्यय पर विधायी निगरानी सुनिश्चित करने में PAC की भूमिका को और अधिक प्रभावी कैसे बनाया जाए। शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देने के तरीकों पर भी केंद्रित चर्चा होगी।
यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन में उभरती चुनौतियाँ और ऑडिट का बदलता परिदृश्य विधायी संस्थाओं के लिए नई प्राथमिकताएँ तय कर रहा है। गौरतलब है कि PAC जैसी संसदीय संस्थाएँ यह सुनिश्चित करती हैं कि सार्वजनिक धन का उपयोग विधायी मंशा के अनुरूप हो।
उद्घाटन सत्र में प्रमुख उपस्थिति
उद्घाटन सत्र में केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, केरल विधानसभा के अध्यक्ष तिरुवनचूर राधाकृष्णन और केरल विधानसभा की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष के. एन. बालगोपाल उपस्थित रहेंगे और सभा को संबोधित करेंगे।
संसद की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष के. सी. वेणुगोपाल स्वागत भाषण देंगे, जबकि केरल की उपाध्यक्ष शनीमोल उस्मान धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगी। सम्मेलन में संसद और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं की PAC के अध्यक्ष, सदस्य तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भाग लेंगे।
लोक लेखा समितियों की भूमिका
लोक लेखा समितियाँ लोक व्यय की जाँच करने और यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाती हैं कि सरकारी धनराशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप हो। ये समितियाँ जवाबदेही और जिम्मेदार शासन के सिद्धांतों को बनाए रखने में संसदीय लोकतंत्र की धुरी मानी जाती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल ऑडिट और डेटा-आधारित वित्तीय निगरानी के बढ़ते चलन के बीच PAC की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाना आज की सबसे बड़ी ज़रूरतों में से एक है।
समापन सत्र और आगे की राह
सम्मेलन का समापन बुधवार, 2 नवंबर 2026 को होगा, जब ओम बिरला समापन सत्र को संबोधित करेंगे। केरल विधानसभा के अध्यक्ष और संसद की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष भी इस सत्र में अपने विचार रखेंगे। उम्मीद है कि सम्मेलन में हुई चर्चाएँ सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस सिफारिशें सामने लाएँगी।