24 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ओम बिरला: विकसित भारत के लिए जन-भागीदारी और मजबूत विधायिकाएँ अनिवार्य

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ओम बिरला: विकसित भारत के लिए जन-भागीदारी और मजबूत विधायिकाएँ अनिवार्य

सारांश

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने चंडीगढ़ में CPA उत्तर क्षेत्र सम्मेलन में साफ कहा — विधायिकाओं की जिम्मेदारी सिर्फ कानून बनाना नहीं, बल्कि समाज के आखिरी व्यक्ति तक बदलाव पहुँचाना है। विकसित भारत का लक्ष्य जन-भागीदारी और युवा कौशल विकास के बिना अधूरा है।

मुख्य बातें

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 8 जून को चंडीगढ़ में CPA इंडिया रीजन जोन-दो (उत्तर क्षेत्र) सम्मेलन का उद्घाटन किया।
बिरला ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य के लिए जन-भागीदारी बढ़ाना और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना अनिवार्य है।
विधायिकाओं की भूमिका केवल कानून-निर्माण तक नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने तक विस्तृत है।
देश की युवा आबादी को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कौशल विकास पर विशेष जोर दिया।
दो दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के विधायी प्रतिनिधि विकसित भारत के संकल्प पर सार्थक चर्चा करेंगे।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 8 जून 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) इंडिया रीजन जोन-दो (उत्तर क्षेत्र) सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में कहा कि विकसित भारत का संकल्प तभी साकार होगा जब जन-भागीदारी को विस्तार दिया जाए और लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की विधायिकाओं की भूमिका केवल कानून-निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना भी उनकी जिम्मेदारी है।

सम्मेलन का उद्देश्य और संदर्भ

यह दो दिवसीय सम्मेलन विभिन्न राज्यों के विधायी प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। बिरला ने कहा कि हरियाणा नैतिक चेतना और कर्तव्यबोध की भूमि है और सभी राज्यों को सामूहिक प्रयासों के जरिये विकास की राह पर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने इस सम्मेलन को विकसित भारत के संकल्प को ज़मीनी स्तर पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

विधायिकाओं की जिम्मेदारी और जनप्रतिनिधियों की भूमिका

लोकसभा अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में विकास और बदलाव लाने का सबसे प्रभावी माध्यम होते हैं। उन्होंने कहा कि विधायिकाओं में सार्थक चर्चा, संवाद और विचार-विमर्श की संस्कृति को बढ़ावा देना होगा, ताकि देश और समाज के हित में बेहतर नीतियाँ और कानून बन सकें। बिरला के अनुसार, आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित किए बिना लोकतांत्रिक व्यवस्था को पूरी तरह सशक्त नहीं बनाया जा सकता।

युवा शक्ति और कौशल विकास पर जोर

बिरला ने देश की युवा आबादी को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है, ताकि वे राष्ट्र-निर्माण में अधिक प्रभावी और उत्पादक योगदान दे सकें। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार कौशल विकास से जुड़ी कई योजनाओं पर काम कर रही है।

वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत की स्थिर शासन व्यवस्था

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान में दुनिया के कई हिस्सों में अस्थिरता का माहौल है, लेकिन भारत मजबूत और स्थिर शासन व्यवस्था के साथ निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि देश के मजबूत लोकतंत्र की शक्ति ने सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की नई दिशा तय की है और इसका लाभ समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँच रहा है।

सम्मेलन से अपेक्षाएँ

बिरला ने उम्मीद जताई कि इस दो दिवसीय सम्मेलन में जन-भागीदारी बढ़ाने, लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुदृढ़ करने और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने पर सार्थक विमर्श होगा। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे सामूहिक संकल्प के साथ इस दिशा में आगे बढ़ें। आने वाले दिनों में इस सम्मेलन में लिए गए निर्णय और सुझाव विधायी कार्यप्रणाली को नई दिशा देने में सहायक हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु बिना ठोस रोज़गार-सृजन के आँकड़ों के यह महज़ एक आकांक्षा बनकर रह जाती है। CPA जैसे मंच सहयोगी संवाद के लिए उपयोगी हैं, पर इनके निष्कर्ष विधायी एजेंडे में कितनी बार परिलक्षित होते हैं — यह एक खुला प्रश्न है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओम बिरला ने चंडीगढ़ सम्मेलन में क्या कहा?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जन-भागीदारी बढ़ाना और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना अनिवार्य है। उन्होंने विधायिकाओं की जिम्मेदारी को केवल कानून-निर्माण तक नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने तक विस्तृत बताया।
CPA इंडिया रीजन जोन-दो सम्मेलन क्या है?
कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) इंडिया रीजन जोन-दो (उत्तर क्षेत्र) सम्मेलन एक दो दिवसीय विधायी बैठक है जिसमें विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि जन-भागीदारी, लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुदृढ़ करने और विकसित भारत के लक्ष्य पर विचार-विमर्श के लिए एकत्र होते हैं। 8 जून को चंडीगढ़ में इसका उद्घाटन हुआ।
बिरला ने युवाओं के बारे में क्या कहा?
ओम बिरला ने देश की युवा आबादी को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा कि युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। उनके अनुसार, कुशल युवा राष्ट्र-निर्माण में अधिक प्रभावी और उत्पादक योगदान दे सकते हैं।
विधायिकाओं की भूमिका को लेकर बिरला का क्या मत है?
बिरला का मत है कि विधायिकाओं की जिम्मेदारी केवल कानून बनाने तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि विधायिकाओं में सार्थक चर्चा और संवाद की संस्कृति विकसित करनी होगी और आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी, ताकि बेहतर नीतियाँ और कानून बन सकें।
इस सम्मेलन से क्या अपेक्षाएँ हैं?
लोकसभा अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि दो दिवसीय सम्मेलन में जन-भागीदारी, लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने और विकसित भारत के लक्ष्य पर सार्थक विमर्श होगा। सभी प्रतिनिधियों से सामूहिक संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले