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69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन की तैयारी: ओम बिरला ने केप टाउन जाने वाले भारतीय प्रतिनिधिमंडल को दिए निर्देश

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69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन की तैयारी: ओम बिरला ने केप टाउन जाने वाले भारतीय प्रतिनिधिमंडल को दिए निर्देश

सारांश

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन से पहले भारतीय प्रतिनिधिमंडल को साफ संदेश दिया — केप टाउन में सिर्फ उपस्थिति नहीं, बल्कि प्रभावी भागीदारी से भारत के संसदीय और लोकतांत्रिक मूल्यों को वैश्विक मंच पर स्थापित करना है।

मुख्य बातें

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 1 सितंबर को 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन की तैयारियों पर उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की।
सम्मेलन 13 से 19 सितंबर तक दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में आयोजित होगा।
सम्मेलन की थीम: 'बदलती विश्व व्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय कानून और संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करना: कॉमनवेल्थ नेतृत्व' ।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल के लिए छह प्रमुख CPA कार्यशालाओं का एजेंडा तय किया गया — AI, जलवायु, मानवाधिकार, व्यापार, दिव्यांग समावेशन और पश्च-विधायी संवीक्षा।
10वें CWP सम्मेलन में चार विशेष कार्यशालाएँ लैंगिक संवेदनशीलता को संस्थागत अनिवार्यता बनाने पर केंद्रित होंगी।
बिरला ने प्रतिनिधियों को समयबद्धता, अनुशासन और भारत के राष्ट्रीय हितों की प्रभावी प्रस्तुति के निर्देश दिए।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में मंगलवार, 1 सितंबर को नई दिल्ली में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें 13 से 19 सितंबर तक दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में होने वाले 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन (CPA) की तैयारियों का विस्तृत जायज़ा लिया गया। बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों और महिला प्रतिनिधियों को सम्मेलन में सक्रिय एवं अनुशासित भागीदारी सुनिश्चित करने के अहम निर्देश दिए गए।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल की भूमिका पर जोर

बिरला ने बैठक को संबोधित करते हुए सभी सदस्यों से आह्वान किया कि वे निर्धारित सत्रों और कार्यशालाओं में सक्रिय रूप से भाग लें और चर्चाओं के दौरान भारत के राष्ट्रीय हितों एवं दृष्टिकोण को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की सक्रिय उपस्थिति देश की संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों को वैश्विक स्तर पर और अधिक सुदृढ़ करती है।

उन्होंने प्रतिनिधियों को यह भी निर्देश दिया कि सम्मेलन के दौरान सभी निर्धारित बैठकों और वार्ताओं में समयबद्धता और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि भारतीय प्रतिनिधिमंडल एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत कर सके।

सम्मेलन का मुख्य विषय

इस वर्ष के सम्मेलन का केंद्रीय विषय 'बदलती विश्व व्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय कानून और संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करना: कॉमनवेल्थ नेतृत्व' निर्धारित किया गया है। इस थीम के तहत वैश्विक परिदृश्य में संसदों की बदलती भूमिका पर गहन विचार-विमर्श होगा। गौरतलब है कि यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब बहुपक्षीय संस्थाओं की प्रासंगिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति प्रतिबद्धता पर वैश्विक बहस तेज़ हो रही है।

छह प्रमुख कार्यशालाओं का एजेंडा

बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के लिए छह प्रमुख CPA कार्यशालाओं का एजेंडा भी रेखांकित किया गया। इन कार्यशालाओं में निम्नलिखित विषय शामिल हैं:

विविध अर्थव्यवस्थाओं में समावेशी और निष्पक्ष व्यापार, सुलभ संसद एवं दिव्यांगजनों का समावेशन, जलवायु अनुकूलन और लचीलापन, संसदों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के वर्तमान अनुप्रयोग, मानवाधिकारों की रक्षा तथा पश्च-विधायी संवीक्षा। ये विषय वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के संदर्भ में अत्यंत प्रासंगिक हैं।

युवा गोलमेज और महिला सांसद सम्मेलन

मुख्य सत्रों के अतिरिक्त, सम्मेलन में 'लोकतंत्र में युवाओं का भरोसा और भागीदारी फिर से बनाना' विषय पर एक युवा गोलमेज बैठक और CPA महासभा की डिबेट भी आयोजित होगी। इसके साथ ही, 10वें राष्ट्रमंडल महिला संसद सदस्य (CWP) सम्मेलन के अंतर्गत 'Making Gender Sensitivity an Institutional Mandate' थीम पर आधारित चार विशेष कार्यशालाएँ भी आयोजित की जाएंगी, जो इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेंगी।

प्रशासनिक रूपरेखा स्पष्ट

बैठक के अंत में लोकसभा के महासचिव तथा संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने सम्मेलन की रूपरेखा, प्रशासनिक और सामरिक विषयों से जुड़े विस्तृत विवरण सभी उपस्थित सदस्यों के सामने प्रस्तुत किए। इससे प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों को अपनी सहभागिता की दिशा स्पष्ट हो गई है। केप टाउन में होने वाला यह सम्मेलन भारत को वैश्विक संसदीय कूटनीति में अपनी उपस्थिति और दृष्टिकोण को और सशक्त रूप से स्थापित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस रवायत को बदलने की कोशिश है। सम्मेलन की थीम अंतरराष्ट्रीय कानून और संसदीय लोकतंत्र पर केंद्रित है, जो ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर बहुपक्षीय संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। भारत के पास AI, जलवायु और व्यापार जैसी कार्यशालाओं में ठोस अनुभव और नीतिगत स्थिति है — असली परीक्षा यह है कि क्या प्रतिनिधिमंडल इसे केवल उपस्थिति से आगे ले जाकर ठोस संसदीय कूटनीति में बदल पाता है।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

69वाँ राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन कब और कहाँ होगा?
69वाँ राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन 13 से 19 सितंबर तक दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में आयोजित होगा। इसमें कॉमनवेल्थ देशों के संसद सदस्य भाग लेंगे।
इस सम्मेलन में भारत किन विषयों पर भाग लेगा?
भारतीय प्रतिनिधिमंडल छह प्रमुख CPA कार्यशालाओं में भाग लेगा, जिनमें AI का संसदीय उपयोग, जलवायु अनुकूलन, मानवाधिकार, समावेशी व्यापार, दिव्यांग समावेशन और पश्च-विधायी संवीक्षा जैसे विषय शामिल हैं। इसके अलावा युवा गोलमेज और CWP सम्मेलन में भी भागीदारी होगी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रतिनिधिमंडल को क्या निर्देश दिए?
ओम बिरला ने सभी सदस्यों को निर्देश दिया कि वे सत्रों और कार्यशालाओं में सक्रिय रूप से भाग लें और भारत के राष्ट्रीय हितों को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करें। उन्होंने समयबद्धता और अनुशासन पर भी विशेष जोर दिया।
इस वर्ष के सम्मेलन की थीम क्या है?
सम्मेलन की थीम 'बदलती विश्व व्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय कानून और संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करना: कॉमनवेल्थ नेतृत्व' है। इसके तहत वैश्विक परिदृश्य में संसदों की भूमिका पर विचार-विमर्श होगा।
10वाँ राष्ट्रमंडल महिला संसद सदस्य सम्मेलन किस विषय पर केंद्रित होगा?
10वाँ CWP सम्मेलन 'Making Gender Sensitivity an Institutional Mandate' थीम पर आधारित होगा, जिसमें चार विशेष कार्यशालाएँ आयोजित की जाएंगी। यह महिला सांसदों की सक्रिय भागीदारी और लैंगिक समानता को संस्थागत रूप देने पर केंद्रित रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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