राहुल गांधी पर BJP विधायक राम कदम का हमला: 'मिमिक्री मनोरंजन है, छात्रों के उत्थान की असली बात करें'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राम कदम ने 20 सितंबर 2026 को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम पर तीखा हमला बोला। कदम ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी छात्रों के कंधे का सहारा लेकर अपनी 'ओछी राजनीति' कर रहे हैं और यदि वास्तव में युवाओं के उत्थान की चिंता है, तो नीति, मेहनत और अवसरों पर ठोस चर्चा होनी चाहिए।
मिमिक्री पर सीधा वार
विधायक राम कदम ने कहा, 'राहुल गांधी इस बात का कब स्वयं विचार करेंगे कि मिमिक्री से मनोरंजन हो सकता है, लेकिन देश को आगे ले जाना है और छात्रों के उत्थान की बात करनी है, तो नीति, मेहनत और अवसरों पर चर्चा होना जरूरी है।' उन्होंने यह भी कहा कि किसी की आवाज़ और भाषण की नकल करना महज़ मनोरंजन है — राष्ट्र-निर्माण का माध्यम नहीं।
चुनावी हार और भ्रम फैलाने का आरोप
कदम ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने संविधान को लेकर देशभर में भ्रम फैलाया। उनका कहना था कि 'अब उसी भ्रम की अगली कड़ी में वे छात्रों के कंधों पर बंदूक रखकर खुद की ओछी राजनीति कर रहे हैं।' कदम ने यह भी कहा कि कांग्रेस के भीतर भी राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर असंतोष है, क्योंकि उनके नेतृत्व में लड़े गए चुनावों में 'करारी हार' मिली है।
PM मोदी की माता पर टिप्पणी को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया
इसी संदर्भ में राम कदम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वर्गीय माता पर की गई टिप्पणी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'राजनीतिक विचारधाराओं में अंतर हो सकता है, उस पर आरोप-प्रत्यारोप, कटाक्ष हो सकते हैं — लेकिन स्वर्गीय माता जी के बारे में गलत शब्द का प्रयोग यह दर्शाता है कि संबंधित व्यक्ति कितने गिरे हुए हैं।' उन्होंने कहा कि भारत का युवा वर्ग और समूचा भारत ऐसी टिप्पणी को कभी माफ नहीं करेगा।
दिशा सालियान केस: आदित्य ठाकरे पर निशाना
विधायक कदम ने दिशा सालियान केस में उनके पिता सतीश सालियान की ओर से आदित्य ठाकरे को भेजे गए कथित ₹500 करोड़ के मानहानि नोटिस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दिशा सालियान के वकील का कथित तौर पर धमकाया जाना और एक साथ यह दावा करना कि आदित्य ठाकरे का इस मामले से कोई संबंध नहीं है — ये दोनों बातें एक-दूसरे से मेल नहीं खातीं। कदम ने कहा, 'छोटे-छोटे बिंदुओं को जोड़ने पर यह स्पष्ट होता है कि उस समय की उद्धव ठाकरे सरकार को किसी बड़े नेता को बचाना था।'
आगे क्या
BJP और कांग्रेस के बीच यह राजनीतिक वाकयुद्ध ऐसे समय में तेज़ हुआ है जब राहुल गांधी की छात्र-केंद्रित यात्राएँ और कार्यक्रम लगातार सुर्खियों में हैं। गौरतलब है कि दिशा सालियान मामले में न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है और कदम के आरोप उनके अपने बयान हैं — इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया और दिशा सालियान केस में कानूनी घटनाक्रम इस विवाद को और गहरा कर सकते हैं।