कालकाजी में प्रॉपर्टी डीलर मंजीत सिंह की पीट-पीटकर हत्या, छोटे भाई का पैर तोड़ा; रज्जी चौधरी परिवार पर आरोप
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के कालकाजी इलाके में 20 सितंबर 2026 को 48 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर मंजीत सिंह की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस हमले में उनके छोटे भाई को भी गंभीर चोटें आईं — उनका पैर तोड़ दिया गया और सिर पर गहरी चोटें पहुँचाई गईं — जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों ने रज्जी चौधरी नामक महिला, उसके पति और उनके बच्चों पर इस हमले का आरोप लगाया है।
घटना का विवरण
मृतक मंजीत सिंह की बहन ने बताया कि हमलावरों ने पहले मंजीत के सिर पर किसी वस्तु से वार किया, जिससे वे गिर पड़े। उनके अनुसार, 'गिरने के बाद सभी लोग उन पर टूट पड़े और लगातार लात-घूंसे बरसाते रहे। उन्होंने तब तक नहीं छोड़ा जब तक उन्हें यकीन नहीं हो गया कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई है।' परिजनों को जब फोन पर सूचना मिली, तब वे मौके पर पहुँचे और उस समय भी रज्जी चौधरी कथित तौर पर मंजीत को पीट रही थी।
छोटे भाई पर भी हमला
जब मंजीत के छोटे भाई ने हमलावरों को रोकने की कोशिश की तो परिवार के सदस्यों ने उन पर भी हमला बोल दिया। बहन के अनुसार, छोटे भाई का पैर तोड़ दिया गया और सिर पर भी गंभीर चोटें पहुँचाई गईं। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है।
परिजनों के आरोप
मंजीत की बहन ने बताया कि इस हमले में रज्जी चौधरी, उसके पति और उनके चार बेटों सहित पूरा परिवार शामिल था। उन्होंने कहा, 'रज्जी चौधरी अपने पति, बेटों और बेटी के साथ मौजूद थी। वे सभी इसमें शामिल थे और सबने मिलकर उसे मारा।' परिजनों ने पुलिस से माँग की है कि दोषियों को फाँसी की सज़ा दी जाए।
पुलिस जाँच जारी
दिल्ली पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल का निरीक्षण किया जा चुका है और आरोपियों की पहचान के लिए प्रक्रिया जारी है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। यह मामला कालकाजी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि दिल्ली में संपत्ति विवाद से जुड़ी हिंसा की घटनाएँ पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी हैं। मंजीत सिंह की हत्या का मामला उस श्रृंखला में एक और गंभीर कड़ी है। जाँच के नतीजे और न्यायालय की कार्यवाही तय करेगी कि आरोपियों पर हत्या की धाराएँ किस रूप में लगाई जाती हैं।