धनबाद में चोरी के शक में युवक की पीट-पीटकर हत्या, पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के धनबाद जिले के सरायढेला थाना क्षेत्र में 1 अगस्त 2026 को चोरी के संदेह में एक युवक को भीड़ ने बेरहमी से पीटा, जिसके बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में कन्हाई लाल भट्टाचार्य और शिव प्रकाश को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
घटनाक्रम: कैसे हुई मौत
पुलिस के अनुसार, 1 अगस्त को सूचना मिली कि जगजीवन नगर स्थित जामुन के पेड़ के पास एक युवक गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा है। मौके पर पहुँची पुलिस ने घायल की पहचान जगजीवन नगर निवासी करण कुमार के रूप में की।
परिजनों और स्थानीय लोगों की सहायता से करण कुमार को शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया। वहाँ के चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे बलियापुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
आरोपियों का बयान और गिरफ्तारी
धनबाद के डीएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रकाश सोय ने रविवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जाँच शुरू की। जाँच के दौरान कन्हाई लाल भट्टाचार्य और शिव प्रकाश को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें दोनों ने करण कुमार के साथ मारपीट करने की बात स्वीकार की।
पुलिस के अनुसार, कन्हाई लाल भट्टाचार्य का दावा है कि करण कुमार चोरी की नीयत से उसके घर में घुसा था। उसे पकड़ने के बाद दोनों आरोपियों ने पिटाई शुरू कर दी। शोर सुनकर आसपास के लोग भी वहाँ पहुँचे और कथित तौर पर उन्होंने भी युवक के साथ मारपीट की।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जाँच
पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीएसपी प्रकाश सोय के अनुसार, घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
आम जनता पर असर
यह घटना ऐसे समय में आई है जब झारखंड में भीड़ द्वारा की जाने वाली हिंसा को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि चोरी या संदेह के आधार पर की जाने वाली सामूहिक पिटाई की घटनाएँ राज्य में पहले भी सामने आ चुकी हैं। कानून विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी 'मॉब जस्टिस' की घटनाएँ न केवल कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं, बल्कि ये निर्दोष लोगों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती हैं।
आगे की जाँच जारी है और पुलिस अतिरिक्त संदिग्धों की तलाश में छापेमारी कर रही है।