धनबाद हत्याकांड: जयराम मांझी की हत्या में दो आरोपी गिरफ्तार, SIT ने खून से सने हथियार बरामद किए
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के धनबाद जिले में कतरास थाना क्षेत्र के सोरीटांड़ इलाके में जयराम मांझी की बर्बर हत्या के मामले में पुलिस ने 26 जुलाई 2026 को दो आरोपियों — प्रेम चौहान और कुंदन कुमार — को गिरफ्तार किया है। विशेष जांच दल (SIT) ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हथियार, खून से सने कपड़े और अन्य अहम साक्ष्य बरामद किए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई को सोरीटांड़ इलाके में जयराम मांझी पर पहले हमला किया गया, फिर पत्थर से उनका सिर और चेहरा कुचलकर उनकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को झाड़ियों में छिपा दिया गया, जबकि उनकी कार घटनास्थल से कुछ दूरी पर खड़ी मिली।
23 जुलाई की शाम पुलिस को सूचना मिली कि सोरीटांड़ के पास एक कच्चे रास्ते के किनारे झाड़ियों में अज्ञात शव पड़ा है। मौके पर पहुँची पुलिस को घटनास्थल से करीब 30 गज की दूरी पर मृतक की कार मिली। बाद में शव की पहचान जयराम मांझी के रूप में की गई।
SIT की जांच और साक्ष्य
घटना की गंभीरता को देखते हुए धनबाद पुलिस ने मामले का खुलासा करने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। SIT ने तकनीकी साक्ष्यों, घटनास्थल से मिले सुरागों और अन्य जानकारियों के आधार पर छापेमारी अभियान चलाया।
पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर प्रेम चौहान और कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर निम्नलिखित साक्ष्य बरामद किए गए — खून से सना लोहे का पाइप, खून लगा पत्थर, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, मृतक का मोबाइल फोन, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज। आरोपियों के खून से सने कपड़े भी जब्त किए गए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।
पूछताछ जारी
पुलिस के अनुसार, आरोपियों से हत्या के कारण, वारदात की पूरी साजिश और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता के संबंध में पूछताछ अभी जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में संगठित अपराध और हत्या के मामलों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
आगे की कार्रवाई
दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। गौरतलब है कि इस मामले में किसी अन्य संदिग्ध की भूमिका से भी इनकार नहीं किया गया है और जांच आगे भी जारी रहेगी।