खूंटी दोहरा हत्याकांड: छऊ मेले में प्रेमी जोड़े की हत्या, मुख्य आरोपी सुम्बर सिंह सहित 3 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के खूंटी जिले के सायको थाना क्षेत्र में 17 मई की रात छऊ नृत्य मेले के दौरान हुई प्रेमी जोड़े की दोहरी हत्या का खुलासा पुलिस ने कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आपसी रंजिश और विश्वासघात के शक के चलते मुख्य आरोपी सुम्बर सिंह मानकी ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया। मामले में तीनों आरोपियों — सुम्बर सिंह मानकी, गोमेया सोय और बुधराम सोय — को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
17 मई की रात सायको में छऊ नृत्य का कार्यक्रम चल रहा था। पीड़ित विशु पाहन अपनी पूर्व प्रेमिका सुमी मुंडू के साथ मेला देखने पहुँचा था। इसी दौरान आरोपी सुम्बर सिंह मानकी ने मेला स्थल से कुछ दूरी पर विशु पाहन पर टांगी से हमला कर दिया। जब सुमी मुंडू ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपी ने उस पर भी हमला कर दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
हत्या की वजह: रंजिश और शक
पुलिस जाँच में सामने आया कि सुम्बर सिंह मानकी की कुछ समय पहले शादी हुई थी। काम के सिलसिले में दूसरे राज्य जाने से पहले उसने अपने करीबी दोस्त विशु पाहन को अपनी पत्नी की देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसी दौरान उसकी पत्नी की किसी अन्य युवक से दोस्ती हो गई। वापस लौटने पर सुम्बर को इस बात की जानकारी हुई।
पुलिस के अनुसार, सुम्बर अपनी पत्नी से अधिक अपने दोस्त विशु पाहन से नाराज था, क्योंकि उसे शक था कि विशु ने भरोसा तोड़ा और उसे इस बारे में जानकारी नहीं दी। इसी बदले की भावना ने उसे इस दोहरे हत्याकांड की ओर धकेला।
शव छिपाने की साजिश
हत्याकांड के बाद आरोपी सुम्बर सिंह मानकी ने साक्ष्य मिटाने के लिए गाँव के दो साथियों — गोमेया सोय और बुधराम सोय — को मौके पर बुलाया। तीनों ने मिलकर दोनों शवों को मारंगबुरू पहाड़ की दुर्गम झाड़ियों में छिपा दिया और फरार हो गए। अगले दिन पुलिस ने शव बरामद किए।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
खूंटी के पुलिस अधीक्षक ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जाँच टीम (SIT) का गठन किया गया था। तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई टांगी, खून से सनी मिट्टी, कपड़े और चप्पल भी बरामद किए गए हैं।
आगे क्या
तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है और अदालत में आरोप-पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया जारी है। यह घटना झारखंड के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सामाजिक तनाव और विश्वासघात से उपजी हिंसा की एक गंभीर मिसाल बनकर सामने आई है।