क्या प्रेम यादव हत्याकांड में धनबाद पुलिस को मिली बड़ी सफलता? तीन आरोपी गिरफ्तार!
सारांश
Key Takeaways
- धनबाद में प्रेम यादव हत्याकांड का खुलासा हुआ।
- तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
- हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद हुए।
- पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए कार्रवाई की।
- गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास है।
धनबाद, 21 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के धनबाद में कुछ दिन पहले घटित एक हत्याकांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी के साथ-साथ हत्या में इस्तेमाल किया गया देसी कट्टा भी पुलिस ने बरामद किया है। इसके अलावा, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और घटना के समय पहने गए कपड़े भी जब्त किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह घटना 18 नवंबर को हुई थी, जब झरिया थाना क्षेत्र के कतरास मोड़ के पास बाइक सवार अज्ञात आरोपियों ने एक युवक को गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। लेकिन अब पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
रविवार को एक प्रेस वार्ता में धनबाद के सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने बताया कि 18 नवंबर को झरिया थाना क्षेत्र के कतरास मोड़ के पास बाइक सवार आरोपियों ने प्रेम यादव को गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक के पिता के बयान पर झरिया थाना में मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया गया था।
सिटी एसपी ने बताया कि पुलिस टीम ने तकनीकी जांच, मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए इन तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनमें से रोहित कुमार सिंह और कुनाल कुमार को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से, जबकि तीसरे अभियुक्त आकाश गोप को बिहार के वैशाली जिले से पकड़ा गया। तीनों आरोपियों को विभिन्न स्थानों से दबोचकर धनबाद लाया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया पिस्टल, एक देशी कट्टा, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, वारदात के समय पहने गए कपड़े, एक मैगजीन और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। ये सभी सामान पुलिस ने जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सिटी एसपी ने कहा कि गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास रहा है। ये सभी पहले भी हत्या, रंगदारी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में जेल जा चुके हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मृतक और अभियुक्तों के बीच पहले से विवाद चल रहा था, जो इस हत्या का मुख्य कारण बना।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को सफलतापूर्वक सुलझाने में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को उनके सराहनीय कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।