खूंटी में दो नाबालिगों की धारदार हथियार से हत्या, मारंगबुरु पहाड़ की तलहटी से शव बरामद
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के खूंटी जिले में 18 मई को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब सायको थाना क्षेत्र के मॉडल विलेज जिवरी में दो नाबालिगों — बिसु पाहन (16 वर्ष) और सुमी मुंडू (17 वर्ष) — की धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी गई। आरोपियों ने शवों को मारंगबुरु पहाड़ की तलहटी में फेंक दिया, जहाँ सोमवार को ग्रामीणों ने इन्हें देखकर पुलिस को सूचित किया।
घटनाक्रम: कैसे हुई हत्या
जानकारी के अनुसार, रविवार रात सायको इलाके में एक छऊ नृत्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। बिसु पाहन और सुमी मुंडू भी यह कार्यक्रम देखने पहुँचे थे। रात करीब एक बजे बिसु का कुछ युवकों के साथ विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने दोनों को पकड़ लिया और कार्यक्रम स्थल के निकट एक खेत में ले जाकर धारदार हथियार से हमला कर दोनों की हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की नीयत से दोनों शवों को मारंगबुरु पहाड़ की तलहटी में फेंक दिया। सोमवार की सुबह स्थानीय ग्रामीणों की नजर शवों पर पड़ी और उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की कार्रवाई
सायको थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर दोनों शव बरामद किए और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने पुष्टि की कि दोनों नाबालिग छऊ नृत्य कार्यक्रम देखने आए थे और उनकी हत्या की गई है। उन्होंने बताया कि मामले की जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रहा है।
हत्या का संभावित कारण
जिवरी के ग्राम प्रधान बिनसाय मुंडा ने आशंका जताई है कि यह मामला कथित तौर पर प्रेम प्रसंग से जुड़ा हो सकता है। हालाँकि पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जाँच कर रहे हैं और अभी किसी एक कारण को अंतिम नहीं माना गया है।
आम जनता और इलाके पर असर
इस दोहरी हत्या की खबर फैलते ही खूंटी जिले के ग्रामीण इलाकों में भय और आक्रोश का माहौल बन गया। यह ऐसे समय में आया है जब आदिवासी बहुल क्षेत्रों में युवाओं की सुरक्षा पहले से ही एक संवेदनशील मुद्दा है। विशेष जाँच दल की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी पर अब स्थानीय समुदाय की नजरें टिकी हैं।